संसद में अमित शाह द्वारा डॉ. अंबेडकर का किये गए अपमान का देशव्यापी विरोध

बाबा साहब भीम राव अंबेडकर का अपमान नहीं सहेंगे!

राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉ. अंबेडकर के प्रति अपमानजनक वक्तव्य देने के विरोध में इलाहाबाद में आइसा ने 18 दिसंबर को मार्च निकाला और प्रदर्शन किया. संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनीष के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने स्वराज भवन के मुख्य द्वार से बालसन चौराहे तक हाथों में अंबेडकर की प्रतिमा और नारे लिखी तख्तियों के साथ मार्च किया. पुलिस के विरोध के बावजूद यह प्रदर्शन हुआ. वक्ताओं ने कहा कि अमित शाह का बयान दिखाता है कि भाजपा डॉ.

समस्तीपुर में सीमेंट फैक्ट्री में मजदूर की मौत पर फूटा जनाक्रोश

समस्तीपुर के सरसौना-ताजपुर में स्थित डयूराटन सीमेंट फैक्ट्री में विगत 12 दिसंबर की रात सूर्यकांत कुमार (22 वर्ष) नामक मजदूर की मौत हो गई. उनकी मौत कच्चे माल से लदे ट्रक को आगे-पीछे कराने के क्रम में दीवार व ट्रक के बीच दबकर हो गई. वे पलामू (झारखंड) के चेचनिया कलां निवासी भोला राम के पुत्र थे. घटना के बाद सुरक्षा मैनेजर ने जब शव को वैशाली जिले के डभैत चौर में फेंक देने की कोशिश की. मृतक के चचेरे भाई समेत अन्य मजदूरों ने विरोध किया. उनको पीटा गया. लेकिन वहां बहुत सारे लोग जुट आए. मजबूरन शव को पुनः फैक्ट्री लाया गया.

पुलिसिया जुल्म के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला

सरसौना-ताजपुर सीमेंट फैक्ट्री में मजदूर की मौत की घटना और प्रबंधन एवं पुलिस की मिलीभगत, मनमानीपूर्ण र्व दमनकारी रवैये के खिलाफ भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने 16 दिसंबर को समस्तीपुर और 17 दिसंबर 2024 को ताजपुर में प्रतिरोध मार्च निकाला और मुख्यमंत्री नीतीश कुमारका पूतला फूंका.

नीतीश-भाजपा राज में सुरक्षित नहीं बच्चियां

आरा व औरंगाबाद में नाबालिग महादलित बच्चियों के साथ बलात्कार-हत्या की जघन्य घटनाएं

आज जब देश भर में महिलायें ‘निर्भया से अभया’ अभियान चला रही हैं, बिहार के आरा और औरंगाबाद में दलित बच्चियों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर देने की दो अलग-अलग घटनायें सामने आई हैं.

पूरा देश महिला हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन में

“दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 में हुए सामूहिक बलात्कार और हत्या की निर्भया घटना को आज 12 वर्ष हो गए. इस घटना के बाद पूरा देश महिला हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन में लग गया. पूरे देश में आंदोलन होने के बाद वर्मा कमीशन बना और वर्मा कमीशन की रिपोर्ट आई. सरकार नई आई लेकिन नई सरकार आने के बावजूद भी इन 12 सालों में महिलाओं के ऊपर होने वाले हिंसा और बर्बरता में न ही कोई कमी आई और न ही वर्मा कमिश्नन के नसीहतों को लागू किया गया.

आदिवासी सिकमी बटाईदार किसानों पर बर्बर हमले के खिलाफ प्रतिवाद


9 दिसंबर 024 को पूर्णिया में आदिवासी संघर्ष मोर्चा व भाकपा(माले) के संयुक्त बैनर तले प्रतिवाद मार्च निकाल कर विगत 6 नवंबर 2024 को कटिहार जिले के मनसाही थानांतर्गत पिंड़ा गांव में भाजपा-जदयू संरक्षित दबंग-अपराधियों के द्वारा जमीन जोत रहे आदिवासी समुदाय के सिकमी बटाईदार किसानों पर किये गये बर्बर व जानलेवा हमले व आगजनी की घटना का विरोध किया गया.

गरीबों ने किया पटना जिलाधिकारी का आक्रोशपूर्ण घेराव


राजधानी पटना में 11 दिसंबर 2024 को भाकपा(माले) के बैनर तले एकजुट हुए सबरी नगर, बुद्ध मूर्ति मुसहरी सहित दर्जनों स्लम बस्तियों के गरीबों ने पटना में अतिक्रमण के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों पर लगातार ढाए जा रहे पुलिसिया जुल्म और की झोपड़ियों को उजाड़ने की लगातार चल रही जनविरोधी कार्रवाइयों के खिलाफ पटना जिलाधिकारी कार्यालय का आक्रोशपूर्ण घेराव किया. घेराव में सैकड़ो की तादाद में शहर के विभिन्न हिस्सों से आये फुटपाथ दुकानदारों तथा शहरी गरीबों की भागीदारी थी.

गरीबों के झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाने का विरोध


बेगूसराय में भाकपा(माले) ने लोहियानगर रेलवे लाइन के किनारे और वीरपुर अंचल के भावानंदपुर पंचायत में सड़क किनारे वर्षों से बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के आदेश को अमानवीय करार देते हुए समाहरणालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया.

धरना का नेतृत्व कर रहे भाकपा(माले) जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, पूर्व जिला सचिव चंद्रदेव वर्मा और नगर सचिव राजेश श्रीवास्तव ने भाजपा-जदयू सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि गरीबों और भूमिहीनों को उजाड़ने का यह अभियान सरकार की संवेदनहीनता और गरीब-विरोधी नीतियों का जीता-जागता उदाहरण है.

बीपीएससी अभ्यार्थियों पर मुकदमे के खिलाफ आइसा का प्रदर्शन

9 दिसंबर 2024को आइसा, बिहार ने बीपीएससी में नॉर्मलाइजेशन लागू करने, विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज व मुकदमे करने तथा परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग नहीं मानने के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया.

समस्तीपुर में आइसा ने आरवाईए के साथ मिलकर शहर के पटेल मैदान गोलंबर से कलेक्ट्रेट होते हुए पुरानी बस स्टैंड तक विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद आइसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज की अध्यक्षता व आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार यादव के संचालन में सभा भी आयोजित हुई.

आइलाज ने न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव पर कार्रवाई की मांग की


10 दिसंबर, 2024 को, ऑल इंडिया लॉयर्स’ एसोसिएशन फॉर जस्टिस (आइलाज) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को एक पत्र लिखा, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की गई. पत्र में उनके खुले रूप से सांप्रदायिक पूर्वाग्रह से भरे कट्टरपंथी, पक्षपाती और असंवैधानिक रवैए की कड़ी निंदा करते हुए इसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं बताया गया है.