आदिवासी संघर्ष मोर्चा की बैठक

विगत 16 फरवरी 2022 को रांची के बुंडू प्रखंड के गितीलडीह गांव में पंचपरगना क्षेत्र के कईं गांवों से आदिवासी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं की एक बैठक संपन्न हुई. बैठक को संबोधित करते हुए आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय पार्षद गौतम मुंडा ने पंचपरगना के आदिवासियों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा. आदिवासी संघर्ष मोर्चा के झारखंड राज्य संयोजक जगरनाथ उरांव ने आदिवासी संघर्ष मोर्चा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश उपनिवेश के खिलाफ तिलका मांझी से लेकर बिरसा मुंडा तक आदिवासी पुरखों के उलगुलान कां मुख्य नारा था ‘अबुआ दिशुम-अबुआ राज’.

ऐपवा स्थापना दिवस : महिलाओं ने बुलंद की अपने अधिकारों की आवाज

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के 29 वें स्थापना दिवस के अवसर पर विगत 12 फरवरी  2022 को बिहार के कई जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए. महिलाओं ने ऐपवा के बैनर तले प्रखंड  व जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया. कई जगहों पर गोष्ठी व सभा भी आयोजित हुई.

ऐपवा स्थापना दिवस के मौके पर महिलाओं ने गायघाट रिमांड होम कांड की न्यायिक जांच कराने, महंगाई पर रोक लगाने, रसोई गैस की कीमत प्रति सिलेंडर 500 रु. निर्धरित करने और सभी स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने समेत अपनी कई मांगों को बुलंद किया.

छठा गोरख स्मृति आयोजन आजादी और जनंतत्र के लिए संघर्ष का संकल्प

“आजादी के अमृत महोत्सव में अमृत शब्द समुद्र मंथन के मिथक से लाया गया है. 14 अगस्त को विभाजन की विभीषिका से जोड़ने का मतलब पाकिस्तान और धर्म विशेष के लोगों से जोड़ने की कोशिश है. यह सब राजनीति के साथ धर्म और सांप्रदायिकता का घालमेल करना है, जो पहले से अधिक तेजी से हो रहा है.” छज्जूबाग में हिरावल की ओर से आयोजित छठे गोरख स्मृति आयोजन का उद्घाटन करते हुए हिन्दी-भोजपुरी के कवि-कथाकार, निबंधकार और आलोचक तैयब हुसैन से ये विचार व्यक्त किये.

कुर्था में 1942 के शहीदों की याद में सभा

मगध क्षेत्र में 1942 का आंदोलन संभवतः कुर्था में सबसे ज्यादा व्यापक और गहरा था. थाने पर तिरंगा लहराने के क्रम में कई युवाओं ने अपनी शहादत दी थी. आजादी के बाद भी शोषितों-वंचितों की लड़ाई लड़ने वाले जगदेव प्रसाद, वीरेंद्र विद्रोही तथा मंजू देवी जैसे क्रांतिकारियों व शहीदों की यह धरती साक्षी रही है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव : भाकपा(माले) प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी

लखनऊ, 3 फरवरी 2022. भाकपा(माले) ने प्रदेश विधानसभा के प्रत्याशियों की दूसरी और अंतिम सूची जारी कर दी है. इस सूची में सात नाम हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 : भाकपा(माले) का घोषणापत्र जारी

विगत 1 फरवरी 2022 को भाकपा(माले) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना चुनाव घोषणापत्र जारी किया. चुनाव घोषणापत्र में युवाओं को रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता दी गई है. साथ ही, नफरत की राजनीति के खिलाफ कानून के शासन और लोकतंत्र के लिए मतदाताओं से भाजपा को हराने का आह्वान किया गया है.

अवैध भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन पर दमन : भाकपा(माले) जांच दल की रिपोर्ट

पिछले दिनों भाकपा(माले) की एक केन्द्रीय टीम ने ओडिशा राज्य के जगतसिंहपुर जिले के ढिंकिया गांव का दौरा किया और उड़ीसा पुलिस के दमनात्मक कार्रवाई का डटकर विरोध करनेवाले ग्रामीणों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से अदालत तक व्यापक आंदोलन चलाने व इसके लिए एकजुटता कायम करने का संकल्प लिया.

अखिल भारतीय किसान महासभा ने विश्वासघात दिवस मनाया

केन्द्र सरकार के खिलाफ किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर आहूत ‘विश्वासघात दिवस’ कार्यक्रम के समर्थन में रामगढ़ (झारखंड) में विगत 31 जनवरी 2022 को भाकपा(माले) व अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले भाकपा(माले) कार्यालय से एक मार्च निकाला गया. नरेंद्र मोदी का पुतला लेकर नारा लगाते हुए रामगढ़ सुभाष चौक पहुंच कर ‘वादाखिलाफ नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद’ के नारे के साथ प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया.

राजस्थान में सामूहिक बलात्कार की घटना : ऐपवा जांच दल ने दोषियों को सजा देने की मांग की

राजस्थान के उदयपुर जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर झाड़ोल तहसील में दिनदहाड़े आदिवासी विवाहिता के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना घटी. पता चला कि पीड़िता अपने ससुराल से मायके खेतों के बीच पंगडंडी से से होते हुए बस पकड़ने चल रही थी. इसी बीच तीन लड़के मोटरसाइकिल पर आये. मोटरसाइकिल चलाने वाला दो लड़कों को छोड़ कर चला गया. वे दोनों उस महिला को घसीट कर एकांत में ले गए. उन्होंने उसके साथ मारपीट की, उसके कपड़े फाड़ डाले और मोबाइल छिन लिया. फिर उसके साथ बलात्कार किया और गला दबा कर मार डालने की कोशिश की.

शर्मनाक है रीट भर्ती परीक्षा पेपर लीक

उच्चतम स्तर के अधिकारियों और संगठित गिरोह द्वारा रीट भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रदेश के लाखों बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. इस रीट भर्ती परीक्षा को रद्द करके अभ्यर्थियों से बिना कोई शुल्क लिये पुनः विश्वसनीय तरीके से परीक्षा करवाई जाये.