मंहगाई पर रोक लगाने, युवाओं को रोजगार देने, चार श्रम संहिताओं को निरस्त कर पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने, तिकोनिया किसान जनसंहार के जिम्मेदार केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, व अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर रोक लगाने, हरिद्वार धर्मसंसद में भड़काऊ भाषण देने वालों को गिरफ्तार करने, कानून का राज स्थापित करने आदि मांगों को लेकर वामदलों – भाकपा(माले), माकपा, भाकपा और फारवर्ड ब्लाक ने 28 दिसंबर को राज्यव्यापी प्रतिवाद किया. वाम दलों ने इन समस्याओं से संबंधित राष्ट्रपति को सम्बोधित मांग पत्र जिलाधिकारियों को सौपें.