बिहार विधानसभा के समक्ष मनरेगा का प्रदर्शन

24 मार्च 2025 को, पटना में, खेग्रामस और मनरेगा मजदूर सभा के बैनर तले हजारों दलितों, ग्रामीण मजदूरों और मनरेगा मजदूरों ने विधानसभा सभा मार्च किया और गर्दनीबाग में सभा आयोजित की. इस प्रदर्शन में भाकपा(माले) विधायकों – महबूब आलम, सत्यदेव राम, वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, रामबली सिंह यादव, अरुण सिंह आदि ने भाग लिया और सभा को संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन खेग्रामस के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी ने किया, जबकि अध्यक्षता जीवछ पासवान और जितेन्द्र चंद्रवंशी ने संयुक्त रूप से की.

बागमती संघर्ष मोर्चा का विरोध प्रदर्शन

24 मार्च 2025 को चास-वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा ने पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस प्रदर्शन में मोर्चा के नेता और स्थानीय लोग बागमती तटबंध निर्माण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. उनका कहना था कि रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने से पहले इस निर्माण कार्य को फिर से शुरू करना जनता के साथ धोखा है.

अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग पर आइलाज का प्रदर्शन

21 मार्च 2025 को, ऑल इण्डिया लायर्स एसोसिशन फॉर जस्तिस (आइलाज) द्वारा आहूत “राष्ट्रीय मांग दिवस” का पालन करते हुए, अधिवक्ताओं ने पटना हाईकोर्ट के गेट संख्या चार के पास जमा होकर प्रदर्शन किया और बिहार में भी अधिवक्ता संरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग की.

शिक्षा और रोजगार के सवाल पर आइसा का राजभवन मार्च

झारखंड में शिक्षा और रोजगार की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले 11 मार्च, 2025 को रांची में राजभवन के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. इस ‘राजभवन घेराव’ कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए, छात्र-युवाओं ने स्थानीय नियोजन नीति, स्कूलों व विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, छात्रसंघ चुनाव कराने सहित 23 प्रमुख मांगों को लेकर राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है.

भारत माला परियोजना में आदिवासियों को उजाड़ना बंद करो

आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक का. देवकीनंदन बेदिया व झारखंड संयोजक का. जगरनाथ उरांव द्वारा गुमला जिले के गुमला व रायडीह प्रखंडों के गांवों का दो दिवसीय (7-8 मार्च 2025) दौरा करने के बाद के बाद जांच रिपोर्ट जारी की गई है.

आवास के लिए बीडीओ का घेराव

गृहविहीन लोगों के लिए आवास के सवाल को लेकर भाकपा(माले) की चकाई प्रखंड कमेटी ने अक्टूबर, 2024 में एक सघन अभियान चलाया था. इस दौरान बोगी, बरमोरिया, चौपला, ठाढ़ि, रामसिंहडीह, माधोपुर  घुटवे, पोझा, बामदह, कियाजोरी, डढ़वा, पेटरपहड़ी, कल्याणपुर, दुलमपुर गजही, फरियताडीह, सिल्फरी, परांची व चन्द्रमड़ी सहित अन्य पंचायतो में घर-घर सर्वे किया गया.

एसएपीएफ का ‘काठमांडू घोषणा पत्र’

दक्षिण एशिया में खाद्य संप्रभुता, जलवायु न्याय और किसानों के अधिकारों को सुनिश्चित कराने के लिए

नेपाल की राजधानी काठमांडू में 20-21 मार्च को आयोजित ‘दक्षिण एशिया किसान फेडरेशन, (एसएपीएफ) के पांचवें सम्मेलन ने भारत के किसान नेताओं के प्रस्ताव पर हर वर्ष 26 नवम्बर को पूरे दक्षिण एशिया में ‘किसान संघर्ष दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है. 26 नवम्बर 2020 को खेती के कारपोरेटीकरण के लिए लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ भारत के ‘एतिहासिक किसान आन्दोलन’ की शुरुआत हुई थी.

सफाई मजदूर एकता मंच, प्रयागराज का 11वां जिला सम्मेलन संपन्न

सफाई मजदूर एकता मंच, प्रयागराज (ऐक्टू से संबद्ध) का 11वां जिला सम्मेलन 7 मार्च, 2025 को प्रयागराज नगर निगम प्रांगण में संपन्न हुआ. सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐक्टू के प्रदेश सचिव का. अनिल वर्मा ने मोदी और योगी के नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य भाजपा सरकारों द्वारा मजदूर वर्ग का क्रूर शोषण और दमन की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि कर्नाटक में ऐक्टू से संबद्ध यूनियन के संगठित संघर्ष से ठेका प्रथा खत्म कर सभी को परमानेंट नौकरी की लड़ाई जीत ली.

आइसा का 11वां उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन संपन्न हुआ

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) का 11वां उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन 5 मार्च 2025 को इलाहाबाद में संपन्न हुआ. इस सम्मेलन में 37 सदस्यीय राज्य परिषद तथा 23 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी चुनी गई. इस राज्य परिषद द्वारा शिवम सफीर को प्रदेश सचिव तथा मनीष कुमार को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चुना गया. सम्मेलन में विभिन्न विश्वविद्यालयों और प्रदेश भर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिनिधि के बतौर शामिल हुए.

मजदूरों के हक फिर से लो, क्रांतिकारी मजदूर आंदोलन खड़ा करो!

ऐक्टू का 11वां अखिल भारतीय सम्मेलन सफल रहा

खुला सत्र

ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स् (ऐक्टू) का 11वां अखिल भारतीय सम्मेलन (24-26 फरवरी 2025) 24 फरवरी, 2025 की सुबह नई दिल्ली में एक खुले सत्र के साथ शुरू हुआ. बेहतरीन ढंग से सजाया गया, दिल्ली का सबसे बड़ा सभागार, तालकटोरा स्टेडियम हजारों मजदूरों से भरा हुआ था. विभिन्न ट्रेड यूनियनों, संगठित और असंगठित मज़दूरों, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के मजदूरों ने खुले सत्र में भाग लिया.