संयुक्त किसान मोर्चा का आह्वान : 23 दिसंबर 2024 को विरोध प्रदर्शन कर नीति दस्तावेज की प्रतियां जलाएंगे किसान

16 दिसंबर, 2024, नई दिल्ली : संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने भारत भर के किसानों से 23 दिसंबर 2024 को जिलों में मजबूत और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है, जिसमें सभी किसान संगठनों के साथ तत्काल चर्चा, पंजाब सीमा पर किसानों के संघर्ष पर दमन को समाप्त करना, ग्रेटर नोएडा में जेल में बंद किसान नेताओं को रिहा करना और ‘कृषि विपणन पर नई राष्ट्रीय नीति रूपरेखा’ को तत्काल वापस लेना शामिल है.

महिलाओं के साथ बलात्कार व हिंसा के खिलाफ चलेगा देशव्यापी अभियान

16 दिसंबर, दिल्ली बलात्कार कांड की बरसी के मौके पर ऐपवा स्वतंत्र व संयुक्त रूप से महिलाओं के साथ बलात्कार व हिंसा के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित करेगा. यह निर्णय 4 दिसंबर 2024 को हुई ऐपवा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में लिया गया है.

उस दिन दिल्ली में महिला संगठनों का संयुक्त कार्यक्रम है जिसमें ऐपवा पूरी भागीदारी करेगा. पश्चिम बंगाल में 14 दिसंबर को अभया से निर्भया तक की याद में कार्यक्रम होगा. अन्य जगहों पर भी हमें संयुक्त या स्वतंत्र रूप से कार्यक्रम होंगे.

अन्याय के खिलाफ लड़ने का नाम है - भोजपुर

न्यायिक संहार की कड़ी में एक और बर्बर संहार !

हत्या के एक कथित 9 साल पुराने मामले में दलित समाज से आने वाले तेजतर्रार व जनता के लोकप्रिय नेता, भोजपुर के अगिआंव से भाकपा-माले विधायक मनोज मंजिल और उनके अन्य 22 साथियों - गुड्डु चौधरी, चिन्ना राम, भरत राम, प्रभु चौधरी, रामाधार चौधरी, गब्बर चौधरी, जयकुमार यादव, नंदू यादव, चनरधन राय, नंद कुमार चौधरी, मनोज चौधरी, टनमन चौधरी, सर्वेश चौधरी, रोहित चौधरी, रविन्द्र चौधरी, शिवबाली चौधरी, रामबाली चौधरी, पवन चौधरी, प्रेम राम, त्रिलोकी राम और बबन चौधरी को आरा व्यवहार न्यायालय द्वारा सश्रम आजीवन कारावास की स

आदिवासी इलाके के विकास को लेकर संघर्ष को तेज करने आह्वान

नौगढ़ 24 अगस्त 2023 को भाकपा(माले), खेग्रामस, किसान महासभा, आरवाइए तथा ऐपवा के संयुक्त बैनर तले वन रेंज कार्यालय जयमोहनी (नौगढ़) से उप जिलाधिकारी कार्यालय नौगढ़ तक मार्च निकाल कर सभा आयोजित की गई और उप जिलाधिकारी, नौगढ़ को ज्ञापन सौपा गया.

ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन (एआइएसडब्ल्यूएफ) का स्थापना सम्मेलन

‘बेहतर मजदूरी, नियमित काम – लड़कर लेंगे सामाजिक सुरक्षा, हक और सम्मान’ के केंद्रीय नारे के साथ स्कीम कर्मियों (आशा, मिड-डे मील, आंगनबाड़ी, आदि) को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, केंद्र सरकार की जुमलेबाजी बंद करने और स्कीम वर्कर्स को उनका हक और सम्मान देने की मांग तथा सांप्रदायिक घृणा व बंटवारे और कंपनी राज के खिलाफ संघर्ष तेज करते हुए 2024 के आम चुनावों में विनाशकारी मोदी शासन को शिकस्त देने के संकल्प के साथ आगामी 8-10 सितंबर 2023 को बिहार की राजधानी पटना में ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन (एआईएसडब्ल्यूएफ) का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है.

पार्टी स्थापना की 54वीं वर्षगांठ पर संकल्प : भाकपा(माले) को मजबूत करो और जनता की व्यापक फासीवाद विरोधी एकता का निर्माण करो!

22 अप्रैल 2023 भाकपा(माले) की 54वीं वर्षगांठ है. इस मौके पर हम कामरेड चारु मजूमदार और पार्टी के सभी संस्थापक नेताओं समेत उन सभी साथियों को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने इन 54 सालों में पार्टी को बनाने और क्रांतिकारी आन्दोलन को अग्रगति देने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया. 22 अप्रैल दुनिया की पहली समाजवादी क्रांति के रचनाकार और मार्क्स एवं एंगेल्स के बाद मार्क्सवाद के महानतम शिक्षक कामरेड लेनिन का जन्मदिन भी है. हम कामरेड लेनिन को क्रांतिकारी सलाम पेश करते हुए उनकी महान क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं.

विनाशकारी मोदी सरकार और कोविड नरसंहार के खिलाफ लड़ाई में नक्सलबाड़ी की क्रांतिकारी भावना को बुलंद करो!

25 मई 1967 को दुनिया ने पहली बार नक्सलबाड़ी वज्रनाद को सुना था। न्याय माँगने के कारण ग्रामीण दार्जिलिंग में ग्यारह किसान परिवार, जिनमें आठ महिलाएँ एक पुरुष और दो बच्चे थे, को राजसत्ता ने गोलियों से भून डाला। इस घटना के बाद ही नक्सलबाड़ी के क्रांतिकारी जागरण की चिंगारी फूट पड़ी। भारतीय राजसत्ता को चकित करते हुए नक्सलबाड़ी की यह चिंगारी समूचे मुल्क के सर्वाधिक वंचित और हाशिए के तबक़ों के बीच दमन और अन्याय के खिलाफ आग की लहर बनकर भड़क उठी।

कोरोना के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं, लोगों की मदद करें

 

हम बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं. हमारे चारों ओर लोग जान गंवा रहे हैं, उनके लिए सांस लेना मुश्किल हो रहा है, सामूहिक रूप से शवों का अंतिम संस्कार अनवरत चौबीसों घंटे जारी है.