पीलीभीत एनकाउंटर कांड की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो

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लखनऊ, 25 दिसंबर. 2024 : भाकपा(माले) ने पीलीभीत एनकाउंटर की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि पुलिस के दावे और मृतकों के परिजनों के कथन में काफी विरोधाभास होने से पीलीभीत मुठभेड़ संदेहास्पद हो गया है, लिहाजा जांच जरुरी है.

बस्ती जिले में नाबालिग दलित छात्र के साथ हुई बर्बरता शर्मनाक

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में 17 साल के नाबालिग बच्चे को जो कक्षा दसवीं का छात्र था, बेरहमी से मारने पीटने, नंगा कर वीडियो बनाने तथा थूक चटवाने के मामले में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किये जाने के कारण नाबालिग ने आत्महत्या कर ली. यह न सिर्फ शर्मनाक है बल्कि वर्तमान योगी सरकार के दलित विरोधी चरित्र को उजागर करता है.

नई कृषि व्यापार नीति के खिलाफ 23 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस

20 दिसंबर 2024 : अखिल भारतीय किसान महासभा ने मोदी सरकार द्वारा हाल में लाई गयी नई कृषि बाजार व विपणन नीति 2024 को चोर दरवाजे से तीन कृषि कानूनों की वापसी बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की है. किसान महासभा ने कहा कि इस नीति के लागू होने से देश की कृषि मंडियां तबाह हो जाएंगी और कृषि बाजार पर क्रूर लुटेरी कारपोरेट कम्पनियों का कब्जा हो जाऐगा.

कामरेड विनोद मिश्रा के 26वें स्मृति दिवस पर केन्द्रीय कमेटी का आह्वान और संकल्प

इतिहास में बड़े-बड़े सवाल हमेशा सड़कों की लड़ाइयों से हल होते हैं. यह बात कामरेड विनोद मिश्र ने दिसंबर 1998 में पार्टी की सेंट्रल कमिटी को अपने अंतिम नोट में याद दिलाई थी. उन्होंने युवा कम्युनिस्टों से अपील की थी कि वे चौतरफा पहल करें और उस फासीवादी खतरे के खिलाफ लड़ाई तेज करें, जो तब अपना सिर उठाना शुरू कर चुका था. क्रांतिकारी मार्क्सवाद के लाल झंडे को मजबूती से बुलंद करने वाली एक मजबूत कम्युनिस्ट पार्टी, ग्रामीण गरीबों का शक्तिशाली आंदोलन, और भगवा साजिश के खिलाफ हर क्षेत्र में पहल – इन तीन प्रमुख चुनौतियों को कामरेड वीएम ने अपने अंतिम नोट में रेखांकित किया था.

उत्तराखंड सरकार ने हाईकोर्ट को गुमराह किया है

अपने सांप्रदायिक विद्वेषी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उत्तराखंड सरकार उच्च न्यायालय को भी गुमराह करने से नहीं चूक रही है. उच्च न्यायालय में यह कहने के बाद कि उत्तरकाशी में महापंचायत की अनुमति नहीं दी गयी है, अगले दिन महापंचायत की अनुमति दे दी गई, यह स्पष्ट तौर पर उच्च न्यायालय को गुमराह करके भाजपा सरकार द्वारा अपना सांप्रदायिक एजेंडा पूरा करने की कोशिश है.

गाजीपुर व उन्नाव एनकाउंटरों की न्यायिक जांच हो

लखनऊ, 26 सितंबर : भाकपा(माले) ने कहा है कि प्रदेश में एनकाउंटरों के बढ़ते मामले कानून के राज व मानवाधिकारों के लिए चिंताजनक हैं. पार्टी ने गाजीपुर व उन्नाव में सोमवार, 23 सितंबर को हुए दो एनकाउंटरों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है.

भाकपा(माले) की राज्य इकाई ने कहा कि यूपी एसटीएफ ने सुल्तानपुर सर्राफा डकैती के आरोपी अनुज सिंह का उन्नाव में एनकाउंटर किया था. उन्नाव डीएम ने इसकी मजिस्ट्रेटी जांच की घोषणा की है, जो अपर्याप्त है.

फर्रूखाबाद में दो दलित लड़कियों के शव पेड़ से लटकते मिलने की उच्च स्तरीय जांच हो : माले

लखनऊ, 28 अगस्त : भाकपा(माले) ने फर्रूखाबाद में जन्माष्टमी का उत्सव देखने गईं दो दलित लड़कियों के शव पेड़ से लटकते मिलने की स्तब्ध कर देने वाली घटना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

बांग्लादेश के घटनाक्रम पर भाकपा(माले) का वक्तव्य


नई दिल्ली, 6 अगस्त 2024

बांग्लादेश में आरक्षण कोटा में बदलाव के आन्दोलन को भारी दमन से कुचलने की हसीना सरकार की कोशिशों के बाद वहां का छात्र आन्दोलन शेख हसीना के इस्तीफे और उनके निरंकुश शासन के अंत की मांग के साथ जनता के लोकप्रिय उभार में तब्दील हो गया है. उनका इस्तीफा और देश से पलायन से स्पष्ट हो गया है कि निरंकुशता के खिलाफ जनता का गुस्सा सही था. विजयी दावेदारी के इस क्षण में हम बंग्लादेश की लोकतंत्र-पसंद जनता को बधाई देते हैं.

उत्तर प्रदेश का धर्मांतरण विरोधी कानून और उसे कठोर बनाने वाला संशोधन विधेयक महिलाओं के अधिकार और अल्पसंख्यकों पर हमला है


हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने 2021 के धर्म परिवर्तन विरोधी कानून को और कठोर बनाने के उद्देश्य से विधानसभा में फिर से एक अवैध धर्मांतरण (संशोधन) विधेयक 2024 पारित किया है. सरकार का कहना है कि 2021 के धर्मांतरण कानून की सजा ‘अपर्याप्त’ होने के कारण, नए कानून में, सरकार ने अधिकतम सजा को 10 साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माना करने का प्रस्ताव किया है. पहले के कानून में केवल ‘पीड़ित’ के परिवार को ही थाने में शिकायत दर्ज कराने की अनुमति थी, जबकि नए विधेयक में ‘किसी भी व्यक्ति’ को शिकायत दर्ज कराने की अनुमति दी गई है.

किसान महासभा ने विनेश फोगाट को अयोग्य करार देने की कड़ी निंदा की


8 अगस्त 2024: अखिल भारतीय किसान महासभा ने पेरिस ओलंपिक खेल की कुश्ती वर्ग में बहादुरी से लड़ते हुए फाइनल में पहुंची विनेश फोगाट को अयोग्य करार देने की कड़ी निंदा की है. किसान महासभा ने इस पूरे प्रकरण के लिए भारतीय ओलंपिक संघ और भारत सरकार के रवैये की भी निंदा की है.