झारखंड में शिक्षा और रोजगार की स्थिति में सुधार की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले 11 मार्च, 2025 को रांची में राजभवन के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. इस ‘राजभवन घेराव’ कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए, छात्र-युवाओं ने स्थानीय नियोजन नीति, स्कूलों व विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, छात्रसंघ चुनाव कराने सहित 23 प्रमुख मांगों को लेकर राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है.

प्रदर्शनकारी छात्र-युवा जिला स्कूल से मार्च करते हुए राजभवन के मुख्य गेट तक पहुंचे जहां उन्होंने जोरदार नारे लगाते हुए सभा आयोजित की और अपनी मांगें रखीं. इस प्रदर्शन का नेतृत्व आइसा के झारखंड राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप और सह सचिव संजना मेहता कर रहे थे. सिंदरी विधानसभा क्षेत्र से भाकपा(माले) विधायक चन्द्र देव महतो भी मार्च में शामिल हुए और उन्होंने छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में शिक्षा और रोजगार की स्थिति बेहद खराब है. इसकी मांग करनेवाले छात्र-युवाओं पर लगातार मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं. सरकार को चाहिए कि वह स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दे, शिक्षण संस्थानों की स्थिति सुधारे और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करे.

प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने, सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने, झारखंड पुलिस, जिला पुलिस और उत्पाद सिपाही बहाली प्रक्रिया को तेज करने, शिक्षकों की भर्ती करने, खेल अकादमी स्थापित करने और दिव्यांग छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने और विश्वविद्यालयों में जीएसकैस निकाय स्थापित करने की भी मांग की और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने नियुक्त पदाधिकारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की.

राजभवन मार्च में अमन पांडे, राहुल राजमंडल, जूली उरांव, मो समी, सोनाली केवट, सुशील मुर्मू, गौतम दांगी, विजय कुमार, रंजीत सिंह चेरो, रंजीत मेहता, नागेन्द्र राम, अमित कुमार, सावित्री कुमारी, जयबीर हांसदा, पवन यादव, सोहेल अंसारी, भुवनेश्वर मेहता, अनुराग राय, जयजीत मुखर्जी, विशाल सोरेन, ममता कुमारी, संगीता कुमारी, स्वीटी कुमारी, मनीषा कुमारी, छोटूराम महतो समेत अन्य लोग अलग-अलग जिलों का नेतृत्व करते हुए शामिल हुए.

issue-of-education-and-employment