वर्ष - 32
अंक - 24
10-06-2023

पंजाब में पिछले दिनों भाकपा(माले) से जुड़े मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब (सम्बद्ध आइरला) और पंजाब किसान यूनियन (सम्बद्ध एआइकेएम) के राज्य, जिला, ब्लाक व ग्राम सम्मेलन आयोजित किये गए.

मजदूर मुक्ति मोर्चा का 10 जिलों के प्रतिनिधियों को लेकर राज्य सम्मेलन हो चुका है. मानसा, संगरूर, बरनाला, तरनतारन व गुरदासपुर जिलों सहित पांच जिलों के जिला सम्मेलन भी हो चुके हैं. राज्य के 10 जिलों में मजदूर मुक्ति मोर्चा की ग्राम कमेटियों से लेकर जिला कमेटियों के गठन के लिए सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हैं. राष्ट्रीय महाधिवेशन के समय तक मजदूर मुक्ति मोर्चा की सदस्यता लगभग 15 हजार थी. इधर नए सिरे से सदस्यता अभियान चलाकर 50 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य लिया गया है. इसके साथ ही मजदूरों के प्रमुख मुद्दों और महिला पहलवानों के समर्थन के सवाल को लेकर आंदोलनात्मक गतिविधियां भी लगातार जारी हैं.

वहीं पंजाब किसान यूनियन ने मानसा, बठिंडा, बरनाला, गुरदासपुर, तरनतारन सहित राज्य के नौ जिलों में ब्लाक से लेकर जिला सम्मेलन तक संपन्न कर लिए हैं. 50 हजार से ज्यादा सदस्यता के साथ और 14 जिलों में अपनी कमेटियों के गठन के बाद पंजाब किसान यूनियन राज्य सम्मेलन के अपने लक्ष्य की ओर  बढ़ रही है. पंजाब किसान यूनियन के एक जत्थे ने जंतर-मंतर पर पहुंच कर पहलवानों के आंदोलन को समर्थन दिया.

मजदूर-किसान एकता के नारे को साकार करते हुए मजदूर मुक्ति मोर्चा के सम्मेलनों को अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुलदू सिंह मानसा संबोधित कर रहे हैं. वहीं पंजाब किसान यूनियन के जिला सम्मेलनों को भी मजदूर मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गोबिंद साजली और महासचिव गुरप्रीत रुडके संबोधित कर रहे हैं. तरनतारन जिले में मजदूर-किसानों का संयुक्त सम्मेलन भी हुआ.

इस बीच अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजन करने के बाद महिला पहलवानों के दिल्ली आंदोलन को ऐपवा पंजाब ने सक्रिय समर्थन दिया है. ऐपवा के राष्ट्रीय आह्वान पर 16 मई को ऐपवा, पंजाब का एक जत्था पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर भी पहुंचा.

भाकपा(माले)ने मानसा शहर के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर नशे के खिलाफ एक आंदोलनात्मक पहल ली है. नशे के विरुद्ध पार्टी द्वारा मानसा शहर में ली गई इस पहल से प्रेरित होकर पार्टी और पंजाब किसान यूनियन ने भिक्खी कस्बे में भी नशे के खिलाफ एक आंदोलनात्मक पहल ली है. भाकपा(माले) व अन्य संगठनों के संयुक्त मंच से नशे के खिलाफ चले इस जन अभियान में तस्करों व पुलिस प्रसाशन की मिलीभगत से नशा विरोधी आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे व गिरफ्तारी के खिलाफ सभी संगठन लामबंद हुए.


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आप विधायक के खिलाफ धरना 

मजदूर मुक्ति मोर्चा, पंजाब ने आम आदमी पार्टी के विधायक विजय सिंगला के खिलाफ एडीसी कार्यालय, मानसा के सामने धरना दिया. विजय सिंगला लगातार मजदूरों के खिलाफ फतवा जारी कर रहे है. वे संबंधित बीडीपीओ, सचिव और मेट पर दबाव बना रहे हैं कि गांवों में बैठे आम आदमी पार्टी के सदस्यों की फर्जी मनरेगा हाजिरी बनाई जाये. वे राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर मजदूरों के मनरेगा कार्य को रोक रहे हैं. उनके द्वारा बीडीपीओ, मानसा पर दबाव बना कर खड़क सिंह वाले गांव का काम बंद कर दिया गया. मजदूर मुक्ति मोर्चा के धरने के बाद प्रशासन ने फिर से काम शुरू करने के लिए मास्टर राॅल हटा दिया.


कैबिनेट मंत्री के आवास पर धरना 

विगत 3 जून 2023 को पंजाब के संगरूर जिले में मजदूर मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में रविदासपुरा टिब्बी काॅलोनी के लोगों ने पक्का मोर्चा अर्थी फूंक प्रदर्शन के बाद विरोध मार्च निकालते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के आवास के सामने सामने धरना दिया.

धरना को संबोधित करते हुए मजदूर मुक्ति मोर्चा, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष का. गोबिंद सिंह छजाली, प्रदेश उपाध्यक्ष का. विजय कुमार भिखी, ऐपवा नेता जसवीर कौर ने कहा कि हमारी मुख्य मांगें हैं कि पंजाब सरकार पिछले 40 सालों से पक्के रविदासपुर टिब्बी के निवासी मजदूरों को  मकानों का मालिकाना हक दे, पंचायती जमीन व वक्फ बोर्ड की जमीन खाली कराने की आड़ में मजदूरों कोे उजाड़ना बंद हो, पुलिस अधिकारियों द्वारा 3 मजदूरों पर दर्ज झूठे मुकदमें रद्द हों और उन 3 निर्दोष मजदूरों को बिना शर्त जेल से रिहा किया जाये.

उन्होंने कहा कि अगर आज की बैठक से कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो यहां दिन-रात चलने वाला स्थायी मोर्चा लगेगा. धरना को अखिल भारतीय छात्रा संघ पंजाब की नेता सुखप्रीत कौर, रितु रानी, पंजाब तहसील नेता काला सिंह सुनाम, मजदूर मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह, जिला सचिव मनजीत कौर, जिला नेता बिट्टू सिंह खोखर, जिला प्रेस सचिव कुलवंत छजाली, जिला उपाध्यक्ष बाबा घुमंड सिंह उगराहां, तहसील नेता धर्मपाल सिंह सुनाम, श्रम मुलाजिम तालमेल संघ के महासचिव गुरूचरण सिंह ने भी संबोधित किया.

प्रदर्शनकारियों में कमेटी के सदस्य गुरतेज सिंह, सोनी सिंह, दर्शन सिंह, अर्जुन सिंह, बलदेव सिंह, जसविंदर कौर, हरपाल कौर, बलविंदर कौर, वीरपाल कौर आदि समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. स्थानीय नागरिकों और पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक बे-नतीजा रहने के बाद लगातार तीन दिनों यह धरना जारी रहा. 

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