वर्ष - 33
अंक - 9
01-03-2024

भाकपा(माले) ने देवरिया जिले के बलुअन गांव में 29 साल पहले हुई एक घटना में पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं सहित 40 ग्रामीण गरीबों को स्थानीय कोर्ट द्वारा 10-10 साल की सजा देकर जेल भेजने को न्यायिक अन्याय बताते हुए 19 फरवरी 2024 को राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया।

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बयान जारी कर कहा कि गरीबों और विपक्ष की आवाज को चुप कराने के लिए सत्ताधारी दल की साजिश पर 40 व्यक्तियों को जेल भेजा गया है। जेल भेजे गए लोगों में भाकपा(माले) की राज्य समिति के सदस्य व अधिवक्ता रामकिशोर वर्मा, छोटेलाल कुशवाहा सहित पार्टी व जनसंगठनों के नेता और कई कार्यकर्ता शामिल हैं। इनमें आधे से अधिक 60 वर्ष की ऊपर की उम्र के हैं और लगभग सभी भूमिहीन एवं गरीब हैं।

कामरेड सुधाकर ने कहा कि जिस प्रकरण में सजा हुई है, उसमें गरीब लोग गांव के एक दबंग परिवार के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे। दबंग परिवार अपराधियों के साथ मिलकर ग्रामीणों से जबरन बेगारी कराता था, सूदखोरी करता था, अन्य सामंती तौर-तरीकों से उनका शोषण व उत्पीड़न करता था, जिससे मुक्ति के लिए ग्रामीण गरीब तत्कालीन इंडियन पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के नेतृत्व में लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे थे। उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया।

राज्य सचिव ने कहा कि शोषण से मुक्ति के खिलाफ न्यायपूर्ण संघर्ष में गरीबों और उनके नेताओं को सजा मिली है। यह लोकतंत्र और बराबरी के समाज निर्माण की लड़ाई के प्रति अन्याय है। यह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। जेल और दमन के बल पर विपक्ष को चुप कराने का प्रयास है। यह सत्तारूढ़ भाजपा की साजिश है। इसी साजिश के तहत मिर्जापुर जिले में भाकपा(माले) से जुड़े रामसागर पुत्र बहादुर (निवासी गांव पुरानीपुर, थानाक्षेत्र, लालगंज) समेत दर्जनों ग्रामीणों को जिला बदर करने का फरमान जारी किया गया है। यही नहीं, गाजीपुर, आजमगढ़ और सीतापुर में भी पार्टी के नेताओं को फर्जी मामलों में अभियुक्त बना दिया गया है।

इस साजिश और अन्याय के खिलाफ सोमवार, 19 फरवरी को पार्टी ने जिलों में धरना-प्रदर्शन के माध्यम से राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में भाकपा(माले) नेता रामकिशोर वर्मा और पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित सभी 40 ग्रामीण गरीबों को बाइज्जत बरी करने के लिए कदम उठाने की अपील की गई। साथ ही, मिर्जापुर में भाकपा(माले) नेताओं को जिला बदर करने की कार्रवाई और गाजीपुर, आजमगढ़ व सीतापुर के फर्जी केस रद्द करने की भी मांग की गई।

प्रतिवाद दिवस पर, लखनऊ में पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव तथा जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर के नेतृत्व में परिवर्तन चौक से जुलूस निकाला गया और पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। देवरिया में पार्टी राज्य कमेटी सदस्य कामरेड प्रेमलता पांडे, जिला प्रभारी श्रीराम कुशवाहा , ऐपवा नेता गीता पांडे के नेतृत्व में जुलूस-प्रदर्शन हुआ।

गाजीपुर जिले में जिला सचिव शशिकांत कुशवाहा तथा जमानियां में केंद्रीय कमेटी सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। बलिया में प्रदर्शन का नेतृत्व केंद्रीय कमेटी सदस्य श्रीराम चौधरी तथा भाकपा(माले) नेता लक्ष्मण यादव ने किया। मऊ जिले में पार्टी जिला सचिव बसंत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन हुआ। बनारस में पार्टी जिला सचिव अमरनाथ व राज्य कमेटी सदस्य मिठाई लाल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।

चंदौली जिले में पार्टी जिला सचिव अनिल पासवान तथा राज्य कमेटी सदस्य शशिकांत सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। आजमगढ़ में पार्टी जिला प्रभारी विनोद सिंह, भाकपा(माले) नेता सुदर्शन राम के नेतृत्व में अंबेडकर पार्क में धरना देकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया।

मिर्जापुर में पार्टी जिला सचिव रामप्यारे राम तथा राज्य कमेटी सदस्य जीरा भारती के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन हुआ। रायबरेली में पार्टी राज्य कमेटी सदस्य व ऐक्टू के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड विजय विद्रोही के नेतृत्व में जिला अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।

लखीमपुर खीरी में पलिया में पार्टी राज्य कमेटी सदस्य आरती राय तथा जिला कमेटी सदस्य कमलेश राय के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। जालौन जनपद में उरई जिला मुख्यालय पर जिला सचिव राजीव कुशवाहा तथा ऐक्टू नेता रामसिंह चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।

पीलीभीत जिले में पूरनपुर तहसील पार्टी राज्य कमेटी सदस्य अफरोज आलम के नेतृत्व में धरना देकर ज्ञापन दिया गया। अयोध्या में पार्टी जिला प्रभारी अतीक के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन दिया। मथुरा में पार्टी राज्य स्थायी समिति सदस्य कामरेड नशीर शाह एडवोकेट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। कई अन्य जिलों में भी प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित हुए हैं.