वर्ष - 34
अंक - 7
04-04-2025

आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक का. देवकीनंदन बेदिया व झारखंड संयोजक का. जगरनाथ उरांव द्वारा गुमला जिले के गुमला व रायडीह प्रखंडों के गांवों का दो दिवसीय (7-8 मार्च 2025) दौरा करने के बाद के बाद जांच रिपोर्ट जारी की गई है.

गुमला जिले के गुमला व रायडीह प्रखंड आदिवासी बहुल क्षेत्र है जिनमें विशेष रूप से उरांव जनजाति की प्रधानता है. यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से उपजाऊ भूमि और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ है और लोगों की मुख्य आजीविका कृषि है. यहां पहले से ही गुमला तक एक नेशनल हाईवे नर्मित है और विशुनपुर, लोहारदगा और सिमडेगा जाने के लिए भी अलग-अलग राजमार्ग बने हुए हैं.

लोगों ने बताया कि गुमला बायपास (एनएच-43) सड़क को 12 किमी की दूरी तक चौड़ीकरण की योजना पहले से ही प्रस्तावित है और भारत माला परियोजना के तहत बने राष्ट्रीय राजमार्ग तक यह पूरा भी चुका है. लेकिन अब इस योजना को बदल कर हेलीपैड से करीब 3 से 6 किलोमीटर पीछे से शिड्यूल्ड एरिया के अंतर्गत गुमला व रायडीह प्रखंडों की 6 पंचायतों के 19 गांवों (भरदा, खोरा, नदीटोली, बरिसा, असनी, चन्दाली, कांशीटोली, जोराडांड, घाटगांव, काटासारु, उच्चडीह, करीडा, तेलया, कुडो छतरपुर, रघुनाथपुर, परसा, बांसडीह, पारासीमा तथा कटकांया) की समतल व उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है.

पचासों हजार कृषक आदिवासियों की एक नंबर उपजाऊ भूमि के इस अधिग्रहण के लिए 2022-23 में एक नया सरकारी गजट निकाला गया और आगे चलकर 200 से 250 फीट चौड़ी जमीन पर कहीं सिमेंट का पिलर तो कहीं पर लाल झंडा गाड़ दिया गया. इसके लिए ग्राम सभाओं की भी कोई सहमति नहीं ली गई है. 32.4 किलोमीटर की दूरी तक हजारों एकड़ जमीन लेने की इस योजना के खिलाफ आदिवासी किसानों में भारी अक्रोश है और वे विगत दो सालों से इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

इस विरोध को देखते हुए प्रशासन ने एक नई चाल चली है और गांवों में शिविर लगा कर किसानों से अपने जमीन का कागजात दिखाने को कहा जा रहा है जबकि किसान कागज दिखाने से इंकार कर रहे हैं.

आदिवासियों की जमीन तो ली जा रही है लेकिन विस्थापन की स्थिति में उनके लिए रोजगार और पुर्नवास का कोई प्रावधान नहीं किया गया है और न ही पलायन के रोकथाम की कोई योजना है. आदिवासी रैयतों को नक्सली व अपराधी करार देकर दमन अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है. इसके खिलाफ आदिवासी संघर्ष मोर्चा ने 28 मार्च 2025 को गुमला के जिला उपायुक्त के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.

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