वर्ष - 34
अंक - 7
04-04-2025

21 मार्च 2025 को, ऑल इण्डिया लायर्स एसोसिशन फॉर जस्तिस (आइलाज) द्वारा आहूत “राष्ट्रीय मांग दिवस” का पालन करते हुए, अधिवक्ताओं ने पटना हाईकोर्ट के गेट संख्या चार के पास जमा होकर प्रदर्शन किया और बिहार में भी अधिवक्ता संरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग की.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आइलाज की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बिहार राज्य संयोजक एडवोकेट मंजू शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में अदालतों  में अधिवक्ताओं के खिलाफ हिंसा में हुई चिंताजनक वृद्धि, अधिवक्ताओं पर बढ़ते राज्य दमन और अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाओं, दलित-वंचित समुदायों से आनेवाले अधिवक्ताओं की शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक असुरक्षा को देखते हुए अइलाज ने पूरे देश में अधिवक्ताओं के संरक्षण के लिए अधिनियन लागू करने की जो मुहिम शुरू की है, उसमें सभी अधिवक्ताओं को शामिल होना चाहिए.

कार्यक्रम में रामजीवन सिंह, राजाराम राय, शंभू शरण, मणिलाल अंजलि कुमारी, संजय कुमार और राहुल कुमार आदि अधिवक्ता भी प्रमुख रूप से शामिल थे. कार्यक्रम के बाद में अधिवक्ताओं ने विधि मंत्री से नाम अपनी मांगों का ज्ञापन उनके कार्यालय को सौंपा.

आरा (भोजपुर) में आइलाज से जुड़े अधिवक्ताओं ने वरीय अधिवक्ता सुरेंद्र राय की अध्यक्षता व मो. मुख्तार के संचालन में सिविल कोर्ट के मेन गेट पर जोरदार प्रदर्शन व सभा आयोजित किया.

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आइलाज के राष्ट्रीय पार्षद अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता उर्फ बंटी ने कहा कि पूरे देश में न्याय, संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस दबाव बना रही है उनको बेवजह झूठे मुकदमे में फसाया जा रहा है. केंद्र की मोदी सरकार अधिवक्ता अधिनियम 1961 का प्रस्तावित संशोधन लाकर उनके अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकार और बार एसोसिएशन की स्वतंत्रता को छीन कर उसको भी अपना कठपुतली बनाना चाहती है.  जबतक अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को लागू नहीं कर दिया जाता तबतक इस सवाल पर आइलाज का संघर्ष जारी रहेगा.

प्रदर्शन में निर्मल राम, दशरथ शाह, ज्योति कलश, सुरेंद्र सिंह, दयाशंकर पांडे, देवव्रत शर्मा, ऋषिकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, सुनील कुमार चौधरी, मुन्ना रजक, गुड्डू सिंह और बच्चा जी समेत दर्जनों अन्य अधिवक्ता भी शामिल थे.

हिलसा (नालंदा) बार एसोसिएशन में भी राष्ट्रीय  मांग दिवस मनाते हुए आइलाज के राष्ट्रीय पार्षद अधिवक्ता कृष्णा प्रसाद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया और अधिवक्ता संरक्षण कानून बनाने की मांग करते हुए बिहार सरकार के अधिवक्ता बिरोधी रवैये की आलोचना की गई.

अधिवक्ता कृष्णा प्रसाद ने कहा कि अन्य राज्यों की सरकारों ने अधिवक्ताओं के साथ आर्थिक व सामाजिक न्याय व सुरक्षा के लिए कानून बनाये हैं, लेकिन बिहार सरकार कानूनी पेशेवरों के प्रति बेहद असंवेदनशील है.

प्रदर्शन में अनन्त कुमार, मणिशंकर झा, सुधीर प्रसाद, धर्मबीर कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, अवधेश कुमार, अजय कुमार, वरीय अधिवक्ता बिन्देश्वरी प्रसाद, दिनेश कुमार, गौरीशंकर प्रसाद, रविन्द्र यादव, श्यामजी प्रसाद व  मदन प्रसाद सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया.

राष्ट्रीय मांग दिवस पर पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्द्धमान में कोर्ट परिसर में फ्लैक्स पोस्टर लगाया गया. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला कोर्ट और दुद्धी तहसील कोर्ट में प्रदर्शन आयोजित हुए. आंध्र प्रदेश के बेजवाड़ा, प्रतिपदु और अन्कापल्ली कोट्र परिसरों में प्रतिवाद प्रदर्शन हुए. असम के कार्बी आंग्लांग कोर्ट परिसर में हुए प्रदर्शन में अच्दी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे. केरल में आइलाज के बैनर तले  न्यायालयों में दर्शन हुए हैं, जबकि कर्नाटक व दिल्ली सहित अन्य राज्यों में पोस्टर और पर्चे बांटे गए हैं.

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