वर्ष - 34
अंक - 7
04-04-2025

भाकपा(माले) की वरिष्ठ कार्यकर्ता और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की नेत्री कामरेड सिनगी खलखो (उम्र 60 वर्ष) का 17 मार्च 2025 की सुबह 11.30 बजे रिम्स, रांची में निधन हो गया. वह पिछले कुछ वर्षों से बीमार थीं और हाल ही में उनकी हालत गंभीर हो गई थी.

कामरेड सिनगी खलखो 80 के दशक से भाकपा(माले) से जुड़ी हुई थीं और उन्होंने पार्टी के संघर्षों को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था. उनका घर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक केंद्र की तरह था, जहां हमेशा राजनीतिक चर्चाएं और संगठनात्मक गतिविधियां चलती रहती थीं. उन्होंने अपनी पीढ़ी के अनुभवों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

कामरेड सीनगी खलखो ने न केवल पार्टी के शुरुआती संघर्षों में हिस्सा लिया बल्कि वर्तमान दौर की तमाम लड़ाइयों में भी सक्रिय रहीं. शांत और सरल स्वभाव की कामरेड सिनगी ने व्यक्तिगत परेशानियों के बावजूद कभी भी पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में कमी नहीं आने दी. उन्होंने ऐपवा की राष्ट्रीय परिषद की सदस्य और रांची जिला अध्यक्ष के रूप में भी अपना उल्लेखनीय योगदान दिया.

बाद में डायबिटीज और रीढ़ में सूजन की शिकार हुईं. वह काफी जुझारू कामरेड थीं. काफी मुसीबतों का उन्होंने सामना किया, लेकिन पार्टी के पक्ष में हमेशा खड़ी रहीं. उनके पति का. सुदामा खलखो पार्टी नेता हैं और आदिवासी संघर्ष मोर्चा में सक्रिय हैं. का. सिनगी को एक पुत्र और पुत्री हैं. पार्टी उनके शोकग्रस्त परिवार के साथ खड़ी है. हम का. सिनगी को अंतिम लाल सलाम और जोहार कर रहे हैं.

भाकपा(माले) और ऐपवा ने उनके निधन को संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. पार्टी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन सर्वहारा वर्ग के संघर्षों के लिए समर्पित था और उनकी स्मृति हमेशा पार्टी के आंदोलन का मार्गदर्शन करेगी.