22 जनवरी बनाम 26 जनवरी : भारतीय गणतंत्र के भविष्य की जंग

गणतांत्रिक भारत केवल और केवल एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के रूप में जिन्दा रह सकता है. हमारे पूर्वज 26 जनवरी 1950 को एक स्वतंत्र गणराज्य की स्थापना के अग्रदूत बने थे, आइए हम भारत के लोग उसी सपने को पूरी शक्ति, साहस और दृढ़निश्चय के साथ आगे बढ़ाने का आज संकल्प लें.

भारत के लिए श्रीलंका से सबक: बढ़ती कीमतों को रोको, रोजगार दो, सांप्रदायिक साजिशें बंद करो!

भारत का दक्षिणी पड़ोसी देश श्रीलंका भयानक आर्थिक संकट से कराह रहा है. इस द्वीपीय राष्ट्र पर कर्ज के भारी बोझ ने उसे अभूतपूर्व अस्तव्यस्तता में धकेल दिया है जिसके दो प्रमुख लक्षण हैं: आसमान छूती कीमतें और बुनियादी जरूरत की सामग्रियों की घोर किल्लत. श्रीलंका की जनता विद्रोह में उतर पड़ी है. वे राजपक्षे भाइयों के शासन को खत्म करना चाहते हैं, जो एक दशक से भी ज्यादा अरसे से राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के बतौर श्रीलंका की सत्ता पर काबिज हैं.

आधुनिक भारत के लिए तर्कवादी योद्धा राममोहन राय की स्मृति में

22 मई 2022 को, जब हमारा देश आधुनिक भारत के लिए एक सबसे पुराने और सबसे महान प्रयाणकर्ता रामामेहन राय की 250वीं जयंती मना रहा है, हम इतिहास की एक क्रूरतम विडंबना का सामना कर रहे हैं.