झारखंड में किसान संकल्प अभियान


झारखंड में चल रहे ‘किसान संकल्प अभियान’ का समापन का. महेन्द्र सिंह की बरसी पर आगामी 16 जनवरी 2021 को तीन कृषि कानूनों के विरोध में राज्यव्यापी मानव श्रृंखला बनाने के साथ होगा. गांव-गांव में बैठकों, सभाओं व प्रचार जत्थों के आयोजन के साथ ही किसानों से धान-संग्रह भी हो रहा है. इसी क्रम में गिरिडीह के गावां प्रखंड के एक गांव में बैठक करते हुए भाकपा(माले) नेता व पूर्व विधायक का. राजकुमार यादव.

 

 

युवा पदयात्रियों से डर गई योगी सरकार

‘युवा स्वाभिमान पदयात्रा’ जो शहीद ए आजम भगत सिंह के जन्म दिवस के मौके पर 28 सितंबर को इलाहाबाद के चंद्रशेखर आजाद पार्क से शुरू हुई थी और जिसका समापन आगामी 9 अक्टूबर को लखनउफ में होना था, प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस के जरिए रोक दी गई. यह यात्रा 25 किलोमीटर की दूरी तय  कर जब अपने पहले ठहराव स्थल नवाबगंज में पहुंची. तो रात्रि में ही सभी युवा पदयात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

रोजगार के अधिकार के लिए यात्रा

उत्तर प्रदेश में आगामी 28 सितंबर जो शहीदे आजम भगत सिंह का जन्मदिन भी है, इलाहाबाद के चंद्रशेखर आजाद पार्क से बेराजगारी के खिलाफ ‘रोजगार के लिए पदयात्रा’ शुरू होगी जो दो अक्टूबर को रायबरेली होते हुए लखनऊ पहुंचेगी. इस पदयात्रा की तैयारी में गांव से लेकर शहर तक छात्रों-युवाओं से जनसंपर्क कर पर्चे बांटे जा रहे हैं और पोस्टर लगाया जा रहा है.

माले महासचिव काॅ. दीपंकर का संबोधन

 

[ विगत 18 जुलाई 2020 को भाकपा(माले) के महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने मुख्यतः विहार के पार्टी कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों के उद्देश्य से एक वीडियो संदेश दिया.

मई दिवस 2020 : अंगड़ाई ले रहा है देश का मजदूर वर्ग, किसान भी साथ खडे़ हुए

चाय बागान मजदूर मांग पत्र जारी, आंदोलन की तैयारी

असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, केरल और तमिलनाडु में चाय क्षेत्र की मजदूर यूनियनों ने चाय मजदूरों के बीच कोरोना के संभावित संक्रमण को नजरअंदाज करते हुए चाय बागानों के प्रचालन की और साथ ही सरकार व बागान प्रबंधन के “मुनाफा पहले, जनता अंत में” रवैये की भर्त्सना की है.

पार्टी शिक्षा : जेंडर उत्पीड़न-भेदभाव-हिंसा के मामलों में जवाबदेही का सवाल

हमारी कोशिश है कि प्रगतिशील और क्रांतिकारी संगठन और पार्टियां पितृसत्ता, जेंडर आधारित उत्पीड़न और हर तरह के उत्पीड़न से संघर्ष करने और उन्हें खत्म करने की सामूहिक जिम्मेदारी लें. इसके लिए जरूरी है कि संगठन के भीतर जेंडर और अन्य तरह के उत्पीड़न और हिंसा के लिए सामूहिक जवाबदेही के सिद्धांतों और प्रक्रियाओं को मजबूत करें. हमारे समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक आचरण और सोच हमारे साथियों और संगठन के भीतर भी जड़ जमा लेते हैं. इन सीखे हुए आचरणों और सोचने के तरीकों को बदलने की सचेत कोशिशों की जरूरत है.

केन्द्रीय कमेटी का सर्कुलर

25 से 27 सितंबर 2019 को राजस्थान के झुंझुनू में केन्द्रीय कमेटी की बैठक हुई. बैठक की शुरूआत 25 सितंबर की सुबह ही गुजरे उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी के सदस्य और वयोवृद्ध ट्रेड यूनियन नेता कामरेड हरि सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. साथ ही भोजपुर के बड़गांव पंचायत के लोकप्रिय मुखिया कामरेड अरुण सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई. कामरेड अरुण की हत्या भाजपा समर्थित सामंती ताकतों ने कर दी थी. महाराष्ट्र में लंबे समय की साथी कामरेड संध्या, पश्चिमी चंपारण के कामरेड भोला उरांव को भी श्रद्धांजलि दी गई.