इन दिनों भारत में भीड़-हिंसा (माॅब लिंचिंग) गैर-न्यायिक हिंसा का शायद सबसे भयावह रूप बनकर उभरा है. असम में दरांग जिले के धौलपुर गांव के वीडियो ने हमें दिखाया है कि हिंसा कितनी अकल्पनीय रूप से कंपकंपा देने वाली और अमानवीय हो सकती है, जब भीड़ और राज्य के सशस्त्र बलों के बीच पहले से ही धुंधला पड़ता फर्क पूरी तरह से गायब हो जाता है, जब सशस्त्र पुलिसकर्मी खुद भीड़ की तरह व्यवहार करते हैं और एक निहत्थे व्यक्ति की हत्या का जश्न मनाते हैं और उसका बेजान शरीर एक पुलिस फोटोग्राफर के लिए जश्न मनाने, छलांग लगाने और कूद-कूद कर लात मारने का एक प्लेटफाॅर्म बन जाता है.