काॅ. गुलशन भारती को लाल सलाम!

 

कामरेड गुलशन भारती 21वीं सदी में जन्मीं भाकपा-माले की नई पीढ़ी के युवा पार्टी सदस्य थे. उनके परिजन व टोले-मुहल्ले के लोग भाकपा(माले) से बरसों से जुड़े हुए हैं. वे गड़हनी प्रखंड के काऊप गांव के दलित निम्नवर्गीय परिवार से आते थे. उनके घर में शिक्षिका मां, खेतिहर पिता और एक बहन है. चाचा और दादा सहित उनका पूरा परिवार पार्टी में सक्रिय भूमिका में रहता है.

अलविदा कामरेड दशरथ महतिया!

 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र में भाकपा(माले) के सबसे वरिष्ठ किसान नेता कामरेड दशरथ महतिया का विगत 9 अप्रैल 2021 की शाम को निधन हो गया है. वे लगभग 94 वर्ष के थे. मूलतः गोरखपुर जिले के रहने वाले कामरेड दशरथ महतिया आजादी की लड़ाई के दौर में ही अपने चाचा के वैचारिक प्रभाव में आकर कम्युनिस्ट आंदोलन से जुड़ गए थे.

अलविदा! कामरेड सत्येन्द्र सिंह


27 फरवरी 2021 की रात जहानाबाद (बिहार) में भाकपा(माले) के वरिष्ठ कार्यकर्ता कामरेड सत्येंद्र सिंह (उम्र-55 साल) का आकस्मिक निधन हो गया. वे जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड के गोपालपुर गांव के रहने वाले थे. उन्होंने ग्राम सचिव सहित लोकल कमेटी के सदस्य तथा अखिल भारतीय किसान महासभा के स्थानीय कार्यकर्ता की भूमिका निभा रहे थे. वे 90 के दशक में भाकपा(माले) के साथ जुड़े थे. मध्यम किसान परिवार से आनेवाले का. सत्येन्द्र सिंह के परिवार में एक पुत्र तथा दो पुत्रियां हैं.

कामरेड रामविलास चौधरी


मुजफ्फरपुर (बिहार) के मुसहरी के कामरेड रामविलास चौधरी (उम्र 79 वर्ष) का विगत 4 मार्च 2021 को  रात 8 बजे निधन हो गया. वे अब्दुल नगर उपर्फ माधोपुर पंचायत के निवासी थे. वे लंबे समय तक भाकपा के मुसहरी प्रखंड सचिव की भूमिका में रहे. 90 के दशक में भाकपा(माले) के साथ जुड़े और वर्ष 2000  में पार्टी सदस्य बने. वे विगत सात-आठ वर्षों से भाकपा(माले) की मुसहरी प्रखंड कमेटी, और खेग्रामस के जिला व प्रखंड कमेटी के सदस्य थे. इसके साथ ही वे अब्दुल नगर (माधोपुर) पंचायत में भाकपा(माले) के शाखा सचिव की ज्म्मिेवारी भी बखूबी संभालते रहे. रपिछले कुछ दिनों से वे बीमार चल रहे थे.

का. पन्ना कोल को लाल सलाम!


मिर्जापुर जिले में पिछले दौर में भाकपा(माले) जिला कमेटी की सदस्य और ऐपवा की पूर्व जिलाध्यक्ष का. पन्ना कोल की लम्बी बिमारी से 3 फरवरी 2021 को मृत्यु हो गई. वे मिर्जापुर जनपद में ऐपवा के प्रथम जिला सम्मेलन में अध्यक्ष चुनी गयी थीं. वे दो बार भाकपा(माले) की जिला कमेटी का सदस्य चुनी गयीं. वे बेहद विनम्र व मिलनसार कामरेड थीं. आदिवासी समाज में अच्छी  पहचान थी. उन्होंने पार्टी की प्रत्याशी के बतौर जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ा था और अंतिम  समय तक पार्टी सदस्य बनी रहीं.

 

कामरेड जदेव बेदिया को लाल सलाम


झारखंड के रामगढ़ जिला के पड़रिया ग्राम के निवासी का. राजदेव बेदिया (उम्र 63 वर्ष) का दिनांक 1 फरवरी 2021 को निधन हो गया. वे लिवर कैंसर से पीड़ित थे और महीनों से हाॅस्पीटल में ईलाजरत थे.