दविन्दर सिंह आला पुलिस अफसर हैं. आतंकियों को कश्मीर से दिल्ली लाते हुए पकड़े गए. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा वे आतंकवादी हैं. अब एनआइए को उनका मसला सौंप दिया गया – सबूत मिटाने, उनके तार कहां जा के जुड़ते हैं, उसे ढंकने?
ऐसी क्या बात है कि दविन्दर की जहां-जहां पोस्टिंग हुई, वहां आतंकी हमले होते गए – 2017 में शोपियां, 2019 में पुलवामा? अफजल गुरु की प्रताड़ना इन्होंने की, ये तो खुद स्वीकार किए हैं. अफजल ने कहा था कि इन्हीं के कहने पर वे एक शख्स को दिल्ली ले गए, गाड़ी और किराए का मकान दिलाए.