गुवाहाटी में ‘पेपर मिल बचाओ, मजदूर बचाओ’ कन्वेंशन

ऐक्टू ने 25 अगस्त को गुवाहाटी के प्रेस क्लब में नगांव पेपर मिल और कछार पेपर मिल के मजदूरों के आन्दोलनों के साथ एकजुटता का इजहार करने के लिए राज्यस्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया. भाजपा सरकार ने क्रमशः 2016 और 2017 में इन पेपर मिलों को बंद कर दिया था. नगांव और कछार पेपर मिल की यूनियनों के अलावा नामरूप खाद कारखाना मजदूर यूनियन, असम राज्य बिजली मजदूर यूनियन, असम संग्रामी चा श्रमिक संघ, असम प्रांतीय बैंक कर्मचारी संघ, युनाइटेड वर्कमैन यूनियन व कई अन्य मजदूर संघों के कार्यकर्ता इसमें शामिल थे.

कोलकाता में ऐक्टू के बैनर तले मध्यान्ह भोजन कर्मियों की रैली

29 अगस्त को भारी बारिश और विपरीत मौसम को धता बताते हुए कोलकाता में ऐक्टू के बैनर तले राज्य कर्मचारी के रूप में मान्यता और सम्मान-जनक वेतन की मांग पर मध्यान्ह भोजन कर्मियों की रैली.

mid day

 

उत्तर प्रदेश में आदिवासी अधिकार एवं न्याय यात्रा

सोनभद्र के उम्भा आदिवासी नरसंहार के खिलाफ जमीन के प्रश्न को केंद्र कर और पीड़ित परिवारों समेत आदिवासी-गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए तीन जिलों – सोनभद्र, मिर्जापुर व चंदौली – में भाकपा(माले) के राज्य सचिव का. सुधाकर यादव के नेतृत्व में ‘आदिवासी अधिकार एवं न्याय यात्रा’ चलाई जा रही है. विगत 9 अगस्त को उम्भा गांव (सोनभद्र) से यात्रा की शुरुआत हुई. यात्रा में पार्टी राज्य कमेटी के सदस्य और इलाके के कई कार्यकर्ता भी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चल रहे हैं. एक पर्चा भी वितरित किया जा रहा है.

जिला समाहरणालय पर प्रदर्शन

खगड़िया में आठ सूत्री मांगों को लेकर विगत 26 अगस्त को भाकपा(माले) के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने जिला समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रर्दशनकारियों ने जिले में हजारों एकड़ सरकारी, गैर मजरूआ आम व खास, नदी-नाले आदि की जमीन को  दबंगों व भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की.

बढ़ते अपराध के खिलाफ प्रतिवाद मार्च

प्रखंड विकास पदाधिकारी के ड्राइवर मो. शम्सुद्दीन उर्फ भोला एवं मो. किताबउद्दीन मंसूरी की हत्या के खिलाफ विगत 27 अगस्त को हुसैनगंज (सीवान) में प्रतिवाद मार्च निकाला गया जो भाकपा(माले) कार्यालय से शुरू होकर बाजार से गुजरते हुए हुसैनगंज चट्टी पर पहुंचा. वहां एक प्रतिवाद सभा आयोजित की गई. सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव व अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता का. जयनाथ यादव ने कहा कि मो. शम्सुद्दीन व मो. किताबउद्दीन की हत्यायें सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा करती है. सुशासन की सरकार राज्य में बढ़ते अपराध को रोकने में विफल साबित हो रही है.

गाजीपुर में तहसील व प्रखंडों पर प्रदर्शन

उम्भा नरसंहार के दोषियों व उन्नाव गैंगरेप कांड के आरोपी भाजपा विधायक को सजा देने समेत अन्य मांगों को लेकर विगत 9 अगस्त को जखनिया तहसील मुख्यालय पर आयोजित हुए धरना-प्रदर्शन के क्रम को आगे बढ़ाते हुए 27 अगस्त को खेग्रामस व भाकपा(माले) के बैनर से राशन की कटौती करने वाले कोटेदारों का लाइसेंस रद्द करने, लूलापुर, भुड़कुड़ा, ऐमाबंशी आदि गांवों में विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन के जरिए विकास मद की राशि में लूट की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित करने, मनरेगा के तहत 200 दिन काम की गारंटी करने, दैनिक मजदूरी को 500 रु.

उत्तराखंड : आंदोलन में आशा

उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (संबद्ध-ऐक्टू) ने विगत 9 अगस्त से 26 अगस्त तक ‘संगठित रहो-प्रतिरोध करो’ अभियान चलाया. 9 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों व प्रमुख केन्द्रों पर उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने के साथ यह अभियान शुरू हुआ. अभियान के समापन पर 26 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर धरना, प्रदर्शन व रैली निकालने की घोषणा की गई थी. इस घोषणा का पालन करते हुए 26 अगस्त को विभिन्न जिला मुख्यालायों में उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशाकर्मियों ने जोरदार कार्यक्रम आयोजित किए.

हाजत में हत्या के खिलाफ प्रतिवाद

भाकपा(माले) और मानवाधिकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने 24 अगस्त को समलिया के फुलटोली जाकर मो. नेसार के परिजनों से मुलाकात की जिसकी पिछले दिनों रातू थाना हाजत में संदिग्ध तरीके से मौत हो गई थी. प्रतिनिधियों ने नेसार की पत्नी और सास से मिलकर घटना की विस्तृत जानकारी ली. तहकीकात में पता चला कि रातू थाना हाजत में बंद नेसार के मामले में सारे निर्धारित कायदे कानूनों की अवहेलना कर पुलिसिया ज्यादती की गयी है. परिजनों के अनुपस्थिति में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

तिसरी-गांवां में ढिबरा मजदूर आंदोलन

हजारों ढिबरा मजदूर अपने हाथों में टोकरी और ढिबरा चुनने-कोड़ने का औजार लेकर विगत 22 अगस्त को तिसरी प्रखंड के गांधी मैदान में उमड़ पड़े. उन्होंने कहा कि वन विभाग के नाक के नीचे तिसरी और गांवां के जंगलों की बेशकीमती लकड़ी और बैरल पत्थर निकाला जा रहा है. लेकिन, जो मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर माइका स्क्रैप चुनते हैं और दिनभर की मेहनत के बाद अपने दो जून की रोटी का जुगाड़ करते हैं, उन्हें परेशान किया जा रहा है. जो सरकार लोगों को रोजगार नहीं दे सकती है उसे रोजगार में लगे एक लाख लोगों को बेरोजगार करने का क्या हक है?

दरभंगा में जिला स्तरीय कार्यशाला

संविधान, लोकतंत्र औऱ जनाधिकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ ‘एकजुट रहो, मुकाबला करो’ नारे के साथ भाकपा(माले) 27 अगस्त को पंडासराय स्थित रेणु-नागार्जुन सभागार में दरभंगा जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में जिला कमिटी सदस्यों, प्रखंड एरिया कमेटी के सदस्यों व जन संगठनों के जिला स्तरीय पार्टी कोर के सदस्यों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला की अध्यक्षता का. लक्ष्मी पासवान, का. अभिषेक कुमार, का. अशोक पासवान, का. जंगी यादव और का. शनीचरी देवी के पांच सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने किया.