शायर रफीउद्दीन ‘राज’ ने गजलों और नज्मों का पाठ किया

पटना के आईएमए सभागार में पिछले 21 अक्टूबर 2019 को शायर रफीउद्दीन राज की गजलें व नज्में सुनी गयीं. यह कार्यक्रम जन संस्कृति मंच, पटना की ओर से आयोजित था. 21 अप्रैल 1938 को बिहार के बेगूसराय में जन्मे शायर रफीउद्दीन राज फिलहाल कनाडा और न्यूयार्क में रहते हैं. उनका पैतृक घर दरभंगा में है. उनाक परिवार और वे खुद भी विभाजन और युद्ध की त्रसदी से गुजरे. छोटी उम्र से ही बस कंडक्टरी और ड्राइवरी जैसे कई तरह के काम-धंधों से जुड़ते हुए वे अंततः सरकारी नौकरी में गए.

जाएं तो जाएं कहां : कश्मीर से लौटे बिहारी मजदूर

धारा 370 और 35-ए के खात्मे के बाद प. चंपारण जिले के सिरिसिया गांव (सिकटा प्रखंड) के 75 मजदूर लौटे हैं. सबों को पुलिस व सेना के जवानों ने जबरन कश्मीर से खदेड़ दिया था. लाखों रुपयों की उनकी बकाया मजदूरी उन्हें नहीं मिल सकी. उनकी क्षति का आकलन करने के लिए घर-घर जाकर तथ्य इकट्ठा किए जा रहे हैं. यह काम पूरे जिले में किया जाना है. पैसा वापसी का आंदोलन भी चलाया जाएगा. सिरिसिया गांव के मजदूर श्रीनगर के बोगांव, छानपुरा, सौरा, टन्डार आदि जगहों पर सब्जी कटाई, लोडिंग, कारपेन्टर, दैनिक मजदूर, राज मिस्त्री, बढ़ई, पेंटर आदि का काम करते थे.

दंगा के विरोध में शांति व एकजुटता मार्च

सुखाड़, पेयजल संकट, अतिवृष्टि और दरधा नदी की बाढ़ झेलती जहानाबाद की जनता को दशहरे में दंगे का सामना करना पड़ा था. सम्मेलन के पहले दिन 21 अक्टूबर को रेलवे स्टेशन से दंगा के विरोध में शांति व एकजुटता के लिए विशाल मार्च निकला जिसमें दो हजार से भी अधिक लोग शामिल थे. इस मार्च का नेतृत्व पार्टी के राज्य सचिव का. कुणाल, पार्टी विधायक दल के नेता का. महबूब आलम, पोलित ब्यूरो सदस्य का. अमर, वरिष्ठ पार्टी नेता का. रामजतन शर्मा, का. महानंद, का. श्रीनिवास शर्मा, डा. रामाधार सिंह और का. रामबली सिंह यादव ने किया.

इलाहाबाद में कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर : सांप्रदायिक फासीवाद से लड़ने का संकल्प

19-20 अक्टूबर को इलाहाबाद में पार्टी का दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हुआ. इसमें राज्य कमेटी के सदस्यों सहित करीब 75 नेतृत्वकारी सदस्यों ने भाग लिया.

तमिलनाडु में कार्यकर्ता सम्मेलन

गत 20 अक्टूबर 2919 को तमिलनाडु में भाकपा(माले) ने एक राज्यस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया. सम्मेलन की कार्यवाही का संचालन का. असैतम्बी, का. इरनियप्पन, का. बालसुब्रह्मण्यन और का. चन्द्रमोहन के चार सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने किया.

भिलाई में स्टील वर्कर्स का प्रदर्शन

23 अक्टूबर, 2019 की शाम सेंटर आॅफ स्टील वर्कर्स (ऐक्टू) के बैनर तले ठेकाश्रमिकों को सालाना बोनस के अविलंब भुगतान की मांग को लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र के आईआर विभाग के सामने प्रदर्शन किया गया और आईआर के महाप्रबंधक श्री सूरज सोनी को ज्ञापन सौंपा गया. सौंपे गए ज्ञापन में बोनस की मांग को लेकर 5 अक्टूबर को सौंपे गए ज्ञापन पर प्रबंधन की आश्वस्ति की ओर पुनः  ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा गया है कि लगभग 15 दिन बीत जाने के बावज़ूद ठेकेदारों ने श्रमिकों को अब तक सालाना बोनस का भुगतान नहीं किया है. प्रबंधन इसके बाद भी आश्चर्यजनक चुप्पी साधे हुए है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.

का. जेडी की प्रतिमा का लोकार्पण

दिवंगत नेता का. जनार्दन हरिजन (जेडी), जो पार्टी की झारखंड राज्य कमेटी के सदस्य थे, की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर भाकपा(माले) के केन्द्रीय कमेटी सदस्य विनोद सिंह एवं मासस के केन्द्रीय अध्यक्ष आनन्द महतो ने विगत 9 अक्टूबर 2019 को सिदंरी परसबनिया पंचायत के मोदीडीह गांव में उनकी आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया. कई गांवों से जुलूस की शक्ल में महिला-पुरुष दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. इस मौके पर भाकपा(माले) समेत अन्य वामपंथी दलों के नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

प्रशासन की अंधेरगर्दी का विरोध

मुरादाबाद में ठेला-फड़-पटरी वालों द्वारा जिला प्रशासन के खिलाफ 11 अक्टूबर 2019 को धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया. जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने प्रतिवाद कर रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया. इसके विरोध में भाकपा(माले) ने गत 14 अक्टूबर 2019 को जिला प्रशासन मुरादाबाद को सम्बोधित एक मांग उप-जिलाधिकारी मुरादाबाद को सौंपा.

जहानाबाद में भाजपा प्रायोजित सरकारी दंगा

जहानाबाद में विगत 10-11 अक्टूबर 2019 को हुई सांप्रदायिक उन्माद की घटना एक सोची समझी साजिश का नतीजा था. प्रशासन की अव्वल दर्जे की निष्क्रियता के कारण दंगाइयों के लिए खुला मैदान था और उन्होंने मुस्लिम समुदाय की दुकानों में जमकर लूटपाट व आगजनी की घटना को अंजाम दिया. कुछेक इलाकों में तो गरीब हिंदुओं की दुकानों को भी लूट लिया गया. घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने दंगाइयों को 10 अक्टूबर की सुबह 9 बजे से लेकर 1 बजे दिन तक पूरे शहर में उपद्रव व लूटपाट करने की छूट दे रखी थी. तकरीबन 200 दुकानों पर हमले किए गए. मीडियाकर्मियों पर भी हमले हुए.

पटना जिलाधिकारी का घेराव

जल जमाव (बाढ़) से तबाह और बर्बाद हुए पटना के हजारों दलित, गरीब, झुग्गीवासियों ने दलित गरीब बस्तियों में स्वास्थ्य शिविर लगाने, कीटनाशक का छिड़काव करने, गरीब-दलित टोलों में टैंकर से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, शहरी आवास योजना के योग्य गरीबों को इसका लाभ देने तथा वर्षा के कारण अबतक सर्वाधिक मुसीबत से जूझ रहे जल्ला क्षेत्र के किसानों, कुर्जी बिंदटोली के गरीबों व रानीपुर पैजाबा के गरीबों को राहत देने आदि मांगों पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन निकाला.