खेग्रामस का पटना जिला सम्मेलन

अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) का तीसरा पटना जिला सम्मेलन विगत 22 अक्टूबर 2019 को पालीगंज स्टेडियम मैदान में उत्साहपूर्ण महौल में सम्पन्न हुआ. सम्मेलन के सभागार को शहीद का. राजेश्वर मोची सभागार और सम्मेलन मंच को का. बालेश्वर मांझी मंच का नाम दिया गया था. भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता व खेग्रामस के जिला उपाध्यक्ष का. शरीफा मांझी द्वारा झंडोत्तोलन के बाद सभी शहीदों को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गयी.

कश्मीर में लोकतंत्र के खात्मे के खिलाफ नागरिकों एवं जन प्रतिनिधियों की प्रतिवाद सभा

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर गत 29 अक्टूबर 2019 को ‘सिटीजन्स एंड पीपुल्स रिप्रजेन्टेटिव्स स्पीक’ के बैनर तले, कश्मीर में धारा 370 और 35-ए को खारिज किये जाने तथा कश्मीर की तालाबंदी के खिलाफ प्रतिरोध में एक जन सभा आयोजित की गई. इस सभा में 250 से अधिक कार्यकर्ताओं, नेताओं, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, जाने-माने नागरिकों छात्रों, बड़ी संख्या में विभिन्न समूहों से आये नागरिकों ने हिस्सा लिया.

केरल डायरी: संदिग्ध नकली मुठभेड़ की जांच कराओ

सन् 2016 के बाद यह तीसरी घटना है जब केरल के आतंक-विरोधी कमांडो फोर्स थंडरबोल्ट्स ने एक “मुठभेड़” में “माओवादियों” को मार गिराने का दावा किया है. नवम्बर 2016, मार्च 2019 और अब हाल में पालक्काड जिले के अगाली में अक्टूबर 2019 में हुई “मुठभेड़ें” हिरासत में हत्या यानी नकली मुठभेड़ के चारित्रिक चिन्ह दर्शाती हैं.

बलात्कार-हत्या की शिकार को न्याय दो

केरल के पालक्काड जिले के वालायार में वर्ष 2017 में दो कम उम्र की लड़कियां फांसी से लटकती पाई गई थीं. 13-वर्षीय लड़की जनवरी 2017 में और उसी घर में उसकी 9-वर्षीय बहन मार्च 2017 में फांसी से लटकती मिली थीं. परिस्थितिजन्य सबूत और मेडिकल जांच बताते थे कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि बलात्कार और हत्या का मामला है, लेकिन पुलिस ने शुरूआत से ही सबूतों और सुरागों की अनदेखी करके जांच से कतराने और इसे आत्महत्या का मामला बताकर टालने की कोशिश की. अंततः चंद लोगों को को आरोपी बनाकर मुकदमा चलाया गया और सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया.

फिर लगा ‘सड़क पर स्कूल’

भोजपुर जिले के बड़ौरा गांव में उर्दू प्राथमिक विद्यालय और कन्या मध्य विद्यालय में वर्ग भवन, शिक्षक और बेहतर पढ़ाई की मांग पर वहां के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने भारी तादाद में एकत्र होकर विगत 19 अक्टूबर 2019 को गड़हनी प्रखंड मुख्यालय परिसर में ‘सड़क पर स्कूल’ लगाया. यह कार्यक्रम आइसा, इनौस और भगत सिंह युवा ब्रिगेड के शिक्षा अधिकार आंदोलन के तहत आयोजित था.

हिंसा-अपराध के खिलाफ चक्का जाम

जिले में बढ़ते हिंसा व अपराध के खिलाफ, जिसका एक उदाहरण भाकपा(माले) के पूर्व सदस्य का. झरी पासवान की तरारी थाना के सामने ही हत्या कर देने के रूप में पिछले दिनों सामने आया है, भाकपा(माले) ने विगत 17 अक्टूबर 2019 को भोजपुर का चक्का जाम किया. जाम को जिले के विभिन्न जगहों पर भारी जनसमर्थन मिला.

आरा, जगदीशपुर, तरारी, बिहटा, राजपुर, मोपती, फतेपुर, जेठवारा, कुसम्ही, संदेश, सहार, खैरा, पीरो, चरपोखरी, पवना, नारायणपुर, अजीमाबाद, कोइलवर आदि समेत जिले के दर्जनों कस्बों, गांवों व शहरों में चक्का जाम सफल रहा.

11वां जहानाबाद जिला सम्मेलन

भाकपा(माले) का दो-दिवसीय 11वां जहानाबाद जिला सम्मेलन 21-22 अक्टूबर 2019 को दिवंगत का. दीनानाथ दास सभागार (शालीमार रेस्ट हाउस) जहानाबाद में संपन्न हुआ. सम्मेलन का उद्घाटन पार्टी के राज्य सचिव का. कुणाल ने किया. पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य का. अमर, केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के पूर्व चेयरमैन का. रामजतन शर्मा, राज्य स्थायी समिति के सदस्य का. महानंद तथा राज्य कमेटी की ओर से सम्मेलन के पर्यवेक्षक का. निरंजन पासवान भी सम्मेलन में मौजूद रहे.

आशा कार्यकर्ता संघ का धरना

बिहार सरकार की वादाखिलाफी से आक्रोशित सैकडों आशा कर्मियों ने बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोप गुट), पटना के बॅनर तले विगत 22 अक्टूबर 2019 को राजधानी पटना के गर्दनीबाग में धरना-पद्रर्शन दिया. धरना का नेतृत्व संघ की बिहार राज्य अध्यक्ष शशि यादव, पटना जिला सचिव पूनम कुमारी, रामबलि प्रसाद, सुरेश प्रसाद, रणविजय कुमार, सुधीर बोस चौधरी और अनीता कुमारी, विभा कुमारी, सीमा कुमारी, गीता देवी आदि आशा नेताओं ने किया. आशा नेत्री रीना कुमारी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. विक्रम से आईं आशा कार्यकर्ता किया.

बिहार रसोइया संघ का सम्मेलन

बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ (जो एआईसीसीटीयू एवं आॅल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन से सम्बद्ध है) का दूसरा राज्य सम्मेलन गत 20 अक्टूबर 2019 को पटना के अवर अभियंता भवन में सम्पन्न हुआ. सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से आए 250 से अधिक प्रतिनिधि और 20-25 अतिथि शामिल हुए. पिछले सम्मेलन से इस सम्मेलन के बीच की अवधि में राज्य में नये जिलों में काम का विस्तार हुआ है और सदस्यता में वृद्धि दर्ज की गई है. सम्मेलन का उद्घाटन ऐपवा की बिहार राज्य सचिव का. शशि यादव ने किया.

रसोइया संघ का धरना : झारखंड राज्य विद्यालय

रसोइया संघ के बैनर तले विगत 19 अक्टूबर 2019 को 10-सूत्री मांगों को लेकर राजधानी रांची में  राज्यपाल के समक्ष धरना दिया गया. राज्य में मध्याह्न भोजन कर्मी (रसोइया) यूनियन गठित होने के बाद यह यह राज्य स्तर पर लिया गया पहला कार्यक्रम था. धरना में देवघर, दुमका, रांची, रामगढ़, पलामू व गिरिडीह जिले से 300 से भी अधिक की संख्या में रसोइयों ने हिस्सा लिया.