झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : भाकपा(माले) का संकल्प पत्र जारी

21 नबम्बर 2019 को रांची में भाकपा(माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और झारखंड राज्य सचिव का. जनार्दन प्रसाद द्वारा झारखंड बिधानसभा चुनाव केलिए संकल्पपत्र और प्रत्यशियो की सूची जारी की गई.

मानसा में विचार गोष्ठी : नानक के दार्शनिक विचारः ऐतिहासिकता और प्रासंगिकता

12 नवम्बर 2019 को सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जन्मवार्षिकी है, जिसे प्रकाश वर्ष भी कहा जाता है. इस अवसर पर पंजाब में हो रहे विभिन्न धार्मिक समारोहों के बीच भाकपा(माले)-लिबरेशन ने मानसा में गत 10 नवम्बर 2019 को ‘नानक दर्शन – ऐतिहासिकता एवं समकालीन प्रासंगिकता’ विषय पर स्थानीय बचत भवन में एक गोष्ठी का आयोजन किया.

12वां भोजपुर जिला सम्मेलन सम्पन्न

भाकपा(माले) का 12वां भोजपुर जिला सम्मेलन पीरो (का. रामनरेश राम नगर) में नगर भवन (का. फागू सिंह सभागार) में 14-15 नवम्बर 2019 को सम्पन्न हुआ. प्रतिनिधि सम्मेलन में सम्मेलन में पूरे जिले से 475 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. निवर्तमान जिला सचिव का. जवाहरलाल सिंह ने पिछले दो वर्षों के कामकाज की रिपोर्ट पेश की, जिस पर 30 प्रतिनिधियों ने जमकर बहस की. रिपोर्ट में भोजपुर में किसान-मजदूर, छात्र-नौजवानों, गरीब-दलित, अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यकों की एक मजबूत एकता पर आधारित पार्टी बनाने के लिए संघर्ष करने और ‘एकजुट रहो, मुकाबला करो’ नारे के तहत पार्टी को और आगे बढ़ाने पर बात हुई.

निर्माण मजदूरों का धरना

भागलपुर में 20 नवम्बर 2019 को बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन (बिरानिमयू) के बैनर तले निर्माण मजदूरों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया. झंडे-बैनर व मांग पट्टिकाओं से लैस सैकड़ों महिला-पुरुष मजदूरों ने केंद्र-राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ रोषपूर्ण नारे लगाते हुए जबरदस्त विरोध जताया और केंद्र-राज्य सरकारों को कड़ी चेतावनी दी. यह ध्रना आॅल इंडिया कंस्ट्रक्शन वर्कर्स फेडरेशन (एआइसीडब्लूएफ) और ऐक्टू के आह्वान पर 21 नवम्बर 2019 को ‘आॅल इण्डिया प्रोटेस्ट डे’ के अवसर पर आयोजित था.

शहीद बिरसा को श्रद्धांजलि दी गई

बिरसा मुंडा की 144वीं जयन्ती पर 15 नवम्बर 2019 को भाकपा(माले) नेताओं ने बिरसा को याद किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोकर स्थित बिरसा समाधि स्थल पहुंच कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्ष व आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया. भाकपा(माले) के रांची जिला सचिव का. भुवनेश्वर केवट ने इस मौके परकहा कि बिरसा का आन्दोलन मूलतः साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ जल-जंगल-जमीन की रक्षा का आन्दोलन था. आदिवासियों और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना ही बिरसा को सच्ची श्रद्धांजलि है.

सुगौली कांड: महज हादसा नहीं

पूर्वी चंपारण के सुगौली में विगत दिनों घटित भीषण बाॅयलर विस्फोट की जांच में दिनांक 17 नवंबर को भाकपा-माले की एक उच्चस्तरीय जांच टीम सुगौली पहुंची और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की. जांच टीम ने इसके लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और एनजीओ को सम्मिलित रूप से जिम्मेवार ठहराया. नीतीश राज में विभिन्न संस्थानों में एनजीओ के व्यापक हस्तक्षेप से इस प्रकार की घटनाएं लगातार बढ़ते जा रही हैं. एनजीओ के मार्फत सरकारी विद्यालयों में भोजन बनाने के निर्णय से छात्रों का तो भला नहीं हो रहा है, लेकिन इन संस्थानों की चांदी है. लूट व लापरवाही चरम पर है.

आवास की मांग पर धरना

मसौढ़ी (पटना) के नगर परिषद कार्यालय के समक्ष विगत 15 नवम्बर 2019 को भाकपा(माले) के बैनर से मसौढ़ी के नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया. धरना की अध्यक्षता का. शशि यादव (वार्ड पार्षद, मसौढ़ी नगर परिषद) ने की. धरना को भाकपा(माले) केन्द्रीय कमेटी के सदस्य व खेग्रामस के राज्य सचिव का. गोपाल रविदास, भाकपा(माले) राज्य कमेटी सदस्य का. सत्यनारायण प्रसाद, जिला कमेटी सदस्य का. दिनेश चौधरी, खेग्रामस के प्रखंड सचिव का. संजय पासवान, किसान नेता श्रीभगवान यादव, पूर्व वार्ड पार्षद का. मकबूल आलम, वार्ड पार्षद का. महेश चौधरी, निर्माण मजदूरों के राज्य नेता का.

अभियान के समापन पर बैठक

भाकपा(माले) आहूत राष्ट्रीय जनजागरण अभियान 11-17 नवम्बर के समापन के अवसर पर उत्तराखंड राज्य कार्यालय, बिन्दुखत्ता में पार्टी के नेतृत्वकारी साथियों की एक बैठक आयोजित हुई. राज्य सचिव कामरेड राजा बहुगुणा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एनआरसी और अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार का आक्रामक रुख भारतीय लोकतंत्र व संविधान की मर्यादा को छिन्न भिन्न कर रहा है. मोदी सरकार 1947 में मिली आजादी और तत्पश्चात निर्मित संविधान को ताक में रख देश के आम नागरिकों, खासकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों व गरीबों को अपने डिटेंशन कैम्प अभियान से दहशत में जीने को बाध्य कर रही है.

दमन में मछुआरों पर पुलिसिया दमन

(15 नवंबर 2019 को केंद्र शासित दमन में बेरहमी से मछुआरों की पुश्तैनी गांव को उजाड़ देने की घटना की पड़ताल करने पहुँचे भाकपा माले के राज्य प्रभारी कामरेड रंजन गांगुली व गुजरात राज्य लीडिंग टीम सदस्य कामरेड लक्ष्मण भाई वाडिया की रिपोर्ट)

30,000 वर्ग मीटर में फैले ‘मोटीदमन किले’ को 1559 ईस्वी में अबीसिनियन मुस्लिम सरदारों से पुर्तगाली लोगों ने जीत लिया। तब से 1961 में भारत में विलय तक केंद्र शासित दमन व दीव पर पुर्तगाली शासन था.

किसान महासभा का राज्यव्यापी प्रदर्शन

कदवन डैम (इन्द्रपुरी जलाशय) का शीघ्र निर्माण करने, सोन नहर का आधुनिकीकरण कर निचले हिस्से तक पानी पहुंचाने, बाढ़-सुखाड़ का स्थाई समाधान करने, 60 साल से ज्यादा उम्र के किसानों को 5,000 रु. प्रति माह वृद्धावस्था पेंशन देने, उड़ीसा और तेलंगाना की तर्ज पर खेती करने के लिए प्रति एकड़ 20,000 रु. अग्रिम इनपुट सब्सिडी देने, बिहार को अकाल क्षेत्र घोषित करने व सभी बाढ़-सुखाड़ पीड़ितों को घोषित सहायता राशि मुहैया करने आदि मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा ने 14 नवंबर 2019 को सोन कमाण्ड क्षेत्र के आठ जिलों समेत राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर धरना व प्रदर्शन आयोजित किया.