जेएयू पर हमला: देश व दुनिया भर में प्रतिवाद

5 जनवरी की सुबह में 30-40 लोग वर्दी और मास्क पहन कर अंदर घुस गए और जेएनयू में अध्ययन क्षेत्र में मौजूद छात्रों पर हमला किया. छात्रों को बुरी तरह पीटा गया. महिला छात्रों के साथ छेड़छाड़ की गई. इतना ही नहीं एबीवीपी और आरएसएस समर्थित शिक्षक भी एकत्रित हुए और उन छात्रों पर बेरहमी से हमला किया जो पिछले दो महीनों से गैरकानूनी आइएचए मैनुअल और भारी शुल्क वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. जेएनयूएसयू महासचिव पर एबीवीपी और उसके समर्थित शिक्षक संघ ‘जेएनयूटीएफ’ द्वारा हमला किया गया और छात्रों को घेर कर मारा गया. भाषा विज्ञान की एम.ए.

ऐतिहासिक रही देशव्यापी आम हड़ताल

मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी, जन विरोधी और देश विरोधी नीतियों के खिलाफ 8 जनवरी को आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल, जिसमें 25 करोड़ से भी अधिक श्रमिकों ने हिस्सा लिया, ऐतिहासिक रूप से सफल रही. मजदूर वर्ग के अलावा किसानों, खेत मजदूरों, छात्रों, शिक्षकों व बुद्धिजीवियों समेत समाज के विभिन्न हिस्सों के लोग हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरे और मोदी राज के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया.

ग्वालियर में एआइपीएफ का जिला सम्मेलन व संगोष्ठी

ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम, ग्वालियर के पहले जिला सम्मेलन के मौके पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता कन्नन गोपीनाथन ने कहा कि सीएए कानून सीधे-सीधे भाजपा की मुसलमानों के खिलाफ चरम नफरत का प्रतीक है. धर्म के आधार पर जिस तरह से चुनिंदा मुस्लिम बहुल देशों को चुना गया वह इस बात का स्पष्ट संकेत है. उन्होंने कहा कि यह देश और संविधान को खत्म करने का षडयंत्र है. भाजपा नेता एनपीआर और एनआरसी के विषय में संबंध न होने की बात कह रहे हैं. यह निरा झूठ है.

संग्रामी रंधन कर्मी यूनियन (एमडीएम) का दूसरा राज्य सम्मेलन

पश्चिम बंग संग्रामी रंधन कर्मी (एमडीएम) यूनियन (संबद्ध, ऐक्टू) का दूसरा राज्य सम्मेलन हावड़ा में 29 दिसंबर को संपन्न हुआ. झंडोत्तोलन कामरेड मीना पाल ने किया. शहीद वेदी पर माल्यार्पण एवं शोक श्रद्धांजलि के बाद सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय संयोजक सरोज चौबे ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हो रहा है, जब हमारे देश की सरकार ने अपनी ही जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है. रसोइयों की मांगें पूरा करना तो दूर, यह सरकार मजदूर संबंधी कानूनों को खत्म करके मजदूर-विरोधी चार कोड ले आ रही है.

औरंगाबाद में अल्पसंख्यकों पर बर्बरतापूर्ण पुलिसिया दमन की एक रिपोर्ट : योगी आदित्यनाथ की राह पर नीतीश कुमार

राजद द्वारा आहूत 21 दिसंबर 2019 के बिहार बंद के समापन के बाद आरएसएस-भाजपा के स्थानीय नेताओं के उकसावे पर पुलिस ने औरंगाबाद के मुस्लिम समुदाय के लोगों पर बर्बर दमन चक्र चलाया. उसी दिन फुलवारीशरीफ में भी बंद के जुलूस में शामिल अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर जानलेवा हमला किया गया था औरं सत्रह वर्षीय किशोर अमीर हजला की हत्या भी कर दी गई. फुलवारी का मामला तो सामने आया लेकिन औरंगाबाद में पुलिस द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय पर पुलिसिया कहर की खबर दबा दी गई.

रांची में आयोजित हुआ संविधान बचाओ मार्च

रांची में वाम-लोकतांत्रिक, सामाजिक और छात्र संगठनो द्वारा ‘संविधान बचाओ मार्च’ निकाला गया. विभिन्न इलाकों से रैली की शक्ल में बड़ी संख्या में आए लोग इस मार्च में शामिल हुए. जिला प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं मिलने की वजह से जिला स्कूल के मैदान में ही प्रतिवाद सभा की गयी. प्रर्तिरोध आन्दोलन में शहीद हुए लोगों को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि देने के बाद आयोजित हुई सभा को भाकपा(माले) विधायक का. विनोद सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय, पूर्व विधायक अरूप चटर्जी, माकपा के राज्य सचिव जीके बख्शी, भाकपा(माले) केे राज्य सचिव का.

दमन और राज्य-आतंक के खिलाफ देशव्यापी विरोध दिवस : मुख्यमंत्री योगी इस्तीफा दो

उत्तर प्रदेश में अभी तक 20 से ज्यादा लोग पुलिस की हिंसा में मारे जा चुके हैं. यहां तक कि पुलिस थानों में नाबालिगों को यातनायें देने, पुलिस द्वारा मुस्लिम समुदाय के लोगों को भद्दी सांप्रदायिक गालियां और जान से मारने की धमकियां देने और उनके घरों में लूटपाट व तोड़फोड़ करने, मुस्लिम समुदाय के बेगुनाह लोगों को झूठे अपराधों में फंसाये जाने के भी सबूत सामने आए हैं. वाम दलों, मानवाधिकार संगठनों और विरोध में शामिल हो रहे आम नागरिकों को गिरफ्तार कर जेलों में डाला जा रहा है.

तमिलनाडु में जन संपर्क कार्यक्रम, सीएए-एनआरसी विरोध और संकल्प दिवस

तमिलनाडु की पुनर्गठित राज्य कमेटी ने दिसंबर 2019 तक ‘जन संपर्क अभियान’ को विस्तारित करने का फैसला लिया. तमाम पार्टी संगठनों ने बुनियादी मांगों पर जनता से संपर्क करने की गंभीर पहलकदमियां लीं. ग्राम सभाओं, नुक्कड़ सभाओं और पर्चा वितरण के जरिये लोगों की बुनियादी मांगों को उठाया गया. इस दौरान आम लोगों ने भी आवास, मनरेगा रोजगार, कर्ज माफी, पेंशन आदि मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा. निचले स्तरों तक के पार्टी ढांचों के अलावा खेग्रामस और ऐक्टू भी इस जन संपर्क अभियान में शामिल हुआ.

बिहार में तेज हुई आम हड़ताल की तैयारी

केंद्र की कारपोरेट-पूंजीपरस्त साम्प्रदायिक-फासीवादी मोदी सरकार की ग्रामीण मजदूरों से लेकर शहरों-कस्बों, सरकारी, अर्ध- सरकारी, गैरसरकारी क्षेत्र के असंगठित-असंगठित मजदूरों के बड़े-बड़े संघर्षों व कुर्बानियों के बल पर अब तक अर्जित हक-अधिकारों पर जारी चौतरफा हमलों के खिलाफ देश के केंद्रीय ट्रेड यूनियनों-सेवा संघो-महासंघों के आह्वान पर मौलिक 13 सूत्री माँगों की पूर्त्ति के लिए 8 जनवरी, 2020 को आहूत ’अखिल भारतीय आम हड़ताल’ में शामिल होकर हड़ताल को सफल बनाने के लिए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) ने तेज कर दी है.

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : बगोदर की जीत-भाजपा की करारी हार, जन-एजेंडे के आधार पर हेमंत सरकार को समर्थन

भाकपा(माले) ने झारखंड राज्य की जनता की ओर से भाजपा सरकार के खिलाफ दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए हेमंत सोरेन की सरकार को बाहर से समर्थन देने का निर्णय लिया. भाकपा(माले) के नेताओं की एक टीम, जिसमें विधायक का. विनोद सिंह, वरिष्ठ नेता का. सुवेन्दु सेन, राज्य सचिव का. जनार्दन प्रसाद शमिल थे, ने नए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से मिलकर उन्हें शुभकामना दी और झारखंड की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने की अपेक्षा जतलायी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का आश्वासन दिया.