मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी, जन विरोधी और देश विरोधी नीतियों के खिलाफ 8 जनवरी को आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल, जिसमें 25 करोड़ से भी अधिक श्रमिकों ने हिस्सा लिया, ऐतिहासिक रूप से सफल रही. मजदूर वर्ग के अलावा किसानों, खेत मजदूरों, छात्रों, शिक्षकों व बुद्धिजीवियों समेत समाज के विभिन्न हिस्सों के लोग हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरे और मोदी राज के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया.