भारत बंद के समर्थन में वाम दलों का बिहार भर में प्रदर्शन

सीएए-एनआरसी व एनपीआर तथा ईवीएम के खिलाफ बहुजन क्रांति मोर्चा द्वारा 29 जनवरी को आहूत ‘भारत बंद’ के समर्थन में वाम दलों ने राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया. राजधानी पटना में भाकपा(माले), सीपीएम और सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने बुद्धा स्मृति पार्क से मार्च निकाला और डाकबंगला चौराहे को जाम कर दिया.

मधुबनी में ‘संविधान बचाओ रैली’ और जिला सम्मेलन

भाकपा(माले) के छठे मधुबनी जिला सम्मेलन के मौके पर 18 जनवरी 2020 को टाउन क्लब मैदान में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ को सम्बोधित करते हुए पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि भारत के संविधान को खत्म कर संघी हिटलरी शासन थोपना मोदी-अमित शाह का एजेंडा है. इसके लिए वे मनमाफिक नागरिकता चुनने के लिए सीएए, एनसीआर और एनपीआर लेकर सामने आ रहे हैं. हम सरकार को नागरिकता चुनने का अधिकार नहीं देंगे, संविधान को बदलने का अधिकार नहीं देंगे.

इन्द्रपुरी जलाशय निर्माण किसान संघर्ष यात्रा

अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में ‘इन्द्रपुरी जलाशय निर्माण किसान संघर्ष यात्रा’ 20 जनवरी 2010 को सहार में गरीबों के महानायक का. राम नरेश राम के स्मारक पर माल्यार्पण व श्रद्धांजलि देकर शुरू हुई. यहां सभा को तरारी से भाकपा(माले) के विधयक का. सुदामा प्रसाद ने संबोधित किया.

भोजपुर में संविधान बचाओ-देश बचाओ-नागरिकता बचाओ जन एकता सम्मेलन

21 जनवरी 2020 को इंसाफ मंच और भाकपा(माले) ने संयुक्त रूप से गड़हनी ब्लाॅक मैदान में सीएए, एनसीआर और एनपीआर के खिलाफ ‘संविधान बचाओ-देश बचाओ-नागरिकता बचाओ जन एकता सम्मेलन’ आयोजित किया. सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में आम अवाम अपने मुल्क, संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए शामिल हुए. सम्मेलन की शुरूआत जनकवि निर्माेही द्वारा गीत गाकर और अदीब रजा द्वारा नज्म पढ़ कर की गई.

मनरेगा मजदूरों का ‘आवेदन लो, काम दो’ आंदोलन

दरभंगा में मनरेगा मजदूर सभा के गठन के बाद लगातार पहलकदमी जारी है. दरभंगा के कुल 4 प्रखंडों में ‘आवेदन लो, काम दो आंदोलन’ संगठित किया गया. आंदोलन में कापफी संख्या में मजदूर शामिल हुए.

संविधान की रक्षा के लिए यंग इंडिया मार्च : अब इस मुल्क को अवाम ही बचा सकता है – दीपंकर

20 जनवरी 2020 को 100 से अधिक छात्र संगठनों ने ‘यंग इंडिया अगेंस्ट सीएए-एनआरसी’ के बैनर तले मंडी हाउस से जंतर मंतर तक डिक्लेयरेशन मार्च निकाला. ये मार्च जंतर मंतर पर पहुंचकर विरोध सभा में तब्दील हो गया.

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दरभंगा के पोलो मैदान में आयोजित हुई विशाल जनसभा

एनपीआर की सीढ़ी चढ़कर एनआरसी को लागू करने की फिराक में लगी मोदी सरकार को कड़ी चेतावनी

15 जनवरी 2020 को दरभंगा के लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान के निकट धरनास्थल मैदान में ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ अभियान’ के बैनर तले एक विशाल जनसभा आयोजित हुई जिसे पार्टी नेता व ऐपवा की राष्ट्रीय सचिव का. कविता कृष्णन ने मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित किया. मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी व कोलकाता से आई शायरा उरूसा अर्शी ने भी जनसभा को संबोधित किया और एनपीआर की सीढ़ी चढ़कर एनआरसी को लागू करने की फिराक में लगी मोदी सरकार को कड़ी चेतावनी दी.

जेंडर संवेदनशीलता विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला

पार्टी की बिहार राज्य कमेटी की ओर से विगत 13 जनवरी 2020 को राज्य कार्यालय, पटना में पार्टी कतारों के अंदर जेंडर संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए एक राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई. इस कार्यशाला में महिलाओं के साथ भेदभाव, यौन हिंसा सहित अन्य कई प्रकार की दूसरी हिंसा आदि सवालों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इस मामले में पार्टी सदस्यों, नेताओं व कमेटियों की भूमिका को जवाबदेह बनाने विचार-विमर्श हुआ. पार्टी पोलित ब्यूरो की सदस्य और ऐपवा की राष्ट्रीय सचिव का. कविता कृष्णन ने कार्यशाला में आधार पत्र प्रस्तुत किया और उसमें उठाये गए प्रश्नों के जवाब दिए.

का. महेन्द्र सिंह शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

महेन्द्र सिंह जननायक थे जिन्होंने हमेशा गरीब-गुरबों, किसानों व आम जनता को लेकर संघर्ष किया. हम सबको महेन्द्र सिंह के संघर्ष को आगे ले जाना है. उनके बताए गए रास्ते पर चलकर ही हम अपने अधिकार हासिल कर सकते हैं. – यही महेन्द्र सिंह के 16 वें शहादत दिवस पर बगोदर बस पड़ाव में आयोजित संकल्प सभा का संदेश था.

‘साझी शहादत-साझी विरासत-साझी नागरिकता’ मुजफ्फरपुर में महिला कांफ्रेंस

‘सरकार हमने चुना है, नागरिक चुनने का अधिकार हम मोदी-अमित शह को नहीं दे सकते. सरकार डर गई है इसलिए मोदी बार-बार झूठ बोल रहे हैं. दिलली के शाहीन बाग से लेकर आज मुजफ्फरपुर के आबेदा स्कूल में शामिल महिलाओं की संख्या व जज्बे से यह सरकार डरी हुई हे. लेकिन इस बार हम आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं. हमारा संविधान खतरे में है और लड़ने के सिवा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है.’ – भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो की सदस्य व ऐपवा की राष्ट्रीय सचिव का.