तमिलनाडु की ऐक्टू इकाई ने 18 अप्रैल को विकेंद्रित धरना और 19 अप्रैल को अनशन करने का फैसला लियाहजारों मजदूरों ने लाॅकडाउन के नियमों का पालन करते हुए इन कार्यक्रमों में शिरकत की. 18 जिलों में धरना और अनशन कार्यक्रम आयोजित किए गए. निर्माण, पावरलूम, नागरिक आपूर्ति, कपड़ा उद्योग, बिजली, परिवहन, बीड़ी, स्वास्थ्य, सीमेंट तथा कई अन्य निजी क्षेत्रों की कंपनियों के मजदूरों-कर्मचारियों के साथ-साथ खेत मजदूरों ने भी अच्छी संख्या में इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कोयंबटूर में प्रिकोल यूनियन के कार्यकर्ताओं की भागीदारी खास तौर पर उल्लेखनीय रही.