चंपावत की ‘आशाओं’ को काम पर वापस लिया गया

जिला चंपावत (उत्तराखंड) के सीएमओ द्वारा आशाओं को काम पर वापस लिया जाना आशाओं के आंदोलन की जीत है. गौरतलब है कि चम्पावत की 264 आशाओं को अपने काम का दाम मांगने के कारण निकाल दिया गया था. जिसके पश्चात आशाओं ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया था.

रोजगार व भत्ते की मांग पर प्रवासी मजदूरों का राज्यव्यापी प्रदर्शन

भाकपा(माले), ऐक्टू, खेग्रामस व प्रवासी मजदूर यूनियन के संयुक्त आह्वान पर अपनी आठ-सूत्री मांगों को लेकर हजारों प्रवासी मजदूर 7 जुलाई को राज्य के लगभग दो सौ प्रखंड मुख्यालयों पर पहुंचे और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा. भाकपा(माले) के राज्य सचिव कुणाल और खेग्रामस के महासचिव धीरेन्द्र झा ने संयुक्त रूप से कहा कि आज का कार्यक्रम प्रवासी मजदूरों के आक्रोश का इजहार है, जिनके साथ भाजपा व जदयू ने घोर विश्वासघात किया है.

भाकपा(माले) नेताओं ने की विपक्षी नेताओं से मुलाकात

भाकपा(माले) विधायक दल के नेता व केंद्रीय कमेटी सदस्य महबूब आलम व वरिष्ठ नेता केडी यादव ने 6 जुलाई को राज्य के विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर राज्य में वर्चुअल तरीके से कराए जा रहे चुनाव के विरोध में चुनाव आयोग को संयुक्त ज्ञापन सौंपने की अपील की.

एनएलसी में दुर्घटनाओं की न्यायिक जांच की मांग

न्येवेल्लि लिग्नाइट काॅरपोरेशन (एनएलसी) में आए दिन दुर्घटनाएं और फलस्वरूप मजदूरों की मौतें हो रही हैं. 1 जुलाई के दिन भी थर्मल स्टेशन-2 के 210 मेगावाट ब्वायलर में विस्फोट के चलते 6 मजदूर मारे गए और गंभीर रूप से घायल 17 अन्य मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह काफी मुनाफा कमाने वाली केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र कंपनी के प्रबंधन की घोर लापरवाही को ही दिखाता है. अभी हाल ही में 7 मई को ऐसी ही एक अन्य दुर्घटना में 7 मजदूरों को जान गंवानी पड़ी है. अगर इस दुर्घटना के बाद प्रबंधन ने चौकसी बरती होती तो 1 जुलाई को दुर्घटना नहीं हो पाती.

अरवल में माले मुखिया द्वारा संचालित क्वारंटाइन सेंटर

भारी संख्या में प्रवासी मजदूरों के आने के बाद अरवल (बिहार) में करीब-करीब अब सभी पंचायतों में मुखिया द्वारा क्वारंटाइन सेंटर चल रहे हैं.

जिला प्रशासन द्वारा फंड नहीं दिया जाने के कारण शुरू काफी लचर व्यवस्था थी. मुखिया को खर्च करने के लिए कहा जाता था, लेकिन लिखित तौर पर इसका कोई आदेश नहीं था. इस वजह से मुखिया अनमने ढंग से क्वारंटाइन केंद्र संचालित कर रहे थे जिससे मजदूरों को बेहतर भोजन एवं अन्य तरह की सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं.

सड़क पर जल जमाव के खिलाफ प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर के मुखर्जी सेमिनरी रोड पर महीनों से जल जमाव के खिलाफ भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने 3 जून को वहीं सड़क पर प्रदर्शन किया और विधायक व नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा से जल जमाव को अविलंब दूर कराने, सड़क का निर्माण कराने तथा जल जमाव के कारण बंद पड़े शहर के चर्चित स्कूल के रास्ते को चालू कराने की मांग की.

दलित महिला की हत्या के खिलाफ भोजपुर में विरोध प्रदर्शन

उदवंतनगर थाना के सेवगार में सामंती-दबंगों द्वारा गोली मारकर कए महिला देववंती देवी (पति - कृष्णा पासवान, उम्र - 40 वर्ष) की हत्या विगत 10 जून की सुबह कर दी गई.

लाॅकडाउन के दौरान रसोइयों की स्थति और हमारी पहलकदमियां

कोविड-19 महामारी के समय में तमाम सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई तो बंद कर दी गई है, लेकिन विद्यालय रसोइयों को बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में मजदूरों के लिए खाना बनाने के लिए जिम्मेदारी दी गई . शुरू में तो इक्का-दुक्का मजदूर ही आ रहे थे, लेकिन बाद में लाॅकडाउन आगे बढ़ने पर व श्रमिक ट्रेन चलने पर उनकी संख्या बढ़ने लगी. उस समय रसोइयों के ऊपर कामकाज का बोझ बढ़ने लगा. उन्हें सुबह 6 बजे विद्यालय जाना पड़ता था और घर लौटने में 9-10 बजे रात हो जाती थी.

गड़हनी में प्रशासन ने टेके घुटने, मनरेगा मजदूरों को मिला काम

भाकपा(माले) की गड़हनी प्रखंड कमिटी के नेतृत्व में कुरकुरी पंचायत के दुलारपुर गांव में लंबी लड़ाई के बाद मनरेगा मजदूरों ने जीत हासिल की और मनरेगा के तहत काम हासिल किया. खेग्रामस के नेता और भोजपुर के लोकप्रिय नेता रामछपित राम के नेतृत्व में माले नेताओं ने इस आंदोलन का संचालन किया.

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर युवा नेता नजरबंद किए गए

उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई जांच कराने और भर्ती परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा कराने की मांगों को लेकर बीते 10 मई को इलाहाबाद में ज्ञापन देने जा रहे न्याय मोर्चा के संयोजक व आरआईए के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य और साथियों को पुलिस ने स्वराज भवन के सामने संगठन के कार्यालय में नजरबंद कर दिया.