आठ वाम दलों का विधानसभा मार्च

विगत 28 अगस्त को भाकपा(माले) व भाकपा समेत पंजाब के आठ वामपंथी दलों ने एकदिवसीय सत्र के मौके पर फासीवाद विरोधी मोर्चा के बैनर तले विधानसभा मार्च किया और इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस द्वारा डाॅल्पिन चौक पर रोक दिए जाने के बाद दशहरा मैदान में रैली की और मुख्यमंत्री के ओएसडी को अपना ज्ञापन दिया.

 

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दलित प्रधान की हत्या व दलितों पर हमलों के खिलाफ प्रदर्शन

आजमगढ़ में दलित प्रधान की हत्या, दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों पर जारी हिंसक हमलों और सत्ता संरक्षित पुलिस-अपराधी गठजोड़ के विरुद्ध भाकपा(माले) की आजमगढ़ इकाई के आह्वान पर 19 अगस्त को पूरे जिले में विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया गया.

आरवाईए टीम गैंग रेप की शिकार दलित नाबालिग के परिजनों से मिली

गोरखपुर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 17-वर्षीय दलित किशोरी के साथ सामुहिक बलात्कार की घटना को लेकर 17 अगस्त को इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में तीन-सदस्यीय टीम ने दौरा किया और पीड़िता के परिजनों से भेंट की.

चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया, नए गाइडलाइन से असहमति जताई

भाकपा(माले) ने चुनाव आयोग के नए गाइडलाइन से असहमति जाहिर करते हुए 26 अगस्त के दिन एक बार पिर आयोग को ज्ञापन सौंपा है. पार्टी के पोलितब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा व वरिष्ठ नेता केडी यादव ने आज बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की और अपनी असहमति के बिन्दुओं को एक-एक कर रखो.

अपने ज्ञापन में भाकपा(माले)ने कहा कि आयोग का गाइडलाइन आंखों में धूल झोंकने वाला है. इसमें एक तरप कोरोना से बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए हैं, दूसरी ओर धांधली के और भी व्यापक द्वार खोल दिए गए हैं.

मुजफ्फरपुर में माले कार्यालय पर हमला सुनियोजित साजिश का नतीजा

मुजफ्फरपुर में भाकपा(माले) के टाउन कार्यालय पर विगत 10-11 अगस्त को अपराधियों ने लगातार जानलेवा हमले किए, लेकिन किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं होने पर माले राज्य सचिव कुणाल ने 12 अबस्त को गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा-जदयू राजनीतिक कारणों से माले को निशाना बना रही हैं. नगर विकास मंत्री व मुजफ्फरपुर के स्थानीय भाजपा विधायक सुरेश शर्मा के खिलाफ वहां शहर को जलजमाव से मुक्ति के लिए लगतार आंदोलन चल रहा है, उसी की खुन्नस में अपराधियों को आगे करके माले कार्यालय पर हमला करवाया गया है.

का. चारु मजूमदार शहादत दिवस पर सच्चे लोकतांत्रिक भारत के निर्माण का संकल्प

28 जुलाई 2020 को भाकपा(माले) के संस्थापक महासचिव कामरेड चारु मजूमदार की शहादत की 48वीं बरसी को जोश और संकल्प के साथ मनाया गया.

‘पहले जान फिर चुनाव’ ट्विटर हैशटैग बिहार में रहा नम्बर एक

30 जुलाई को ‘पहले जान फिर चुनाव’ ट्विटर हैशटैग के साथ राजनीतिक दलों, शिक्षक-कर्मचारी संघटनों के कार्यकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के लोगों ने ट्विटर पर चुनाव की बजाय लोगों की जिंदगी को प्राथमिकता देने का अभियान चलाया. बिहार में यह ट्रेंड नम्बर एक पर रहा.

इस ट्विटर अभियान में माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद डा. मनोज झा, महिला नेता का. कविता कृष्णन, आइसा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचेता डे, वर्तमान महासचिव संदीप सौरभ सहित कई नेताओं ने भाग लिया और ट्वीट किया.

चंदौली में भाकपा(माले)-ऐपवा का धरना

चंदौली जिले में अपराधी-पुलिस गठजोड़ के खिलाफ माले-ऐपवा ने सदर स्थित बिछिया धरनास्थल पर 27 जुलाई को धरना शुरू किया. जुलाई महीने की शुरुआत में चकिया में आपराधिक रिकाॅर्ड वाले दबंग जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राव ने अपने गुर्गों से खेग्रामस नेता के परिवार की दो महिलाओं की घर पर चढ़कर पिटाई कराई. तहरीर में नाम होने के बावजूद चकिया पुलिस ने महेंद्र राव व उसके संगी संजय का नाम एफआईआर से हटा दिया.

इलाहाबाद में आइसा का प्रदर्शन

महामारी में परीक्षा न कराने और छात्रों के कमरे का किराया माफ करने के लिए आइसा ने इलाहाबाद में 27 जुलाई को कोरोना एहतियात का पालन करते हुए संगठन के जिला कार्यालय पर प्रदर्शन आयोजित किया. आइसा राज्य अध्यक्ष शैलेश पासवान ने बलिया में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे छात्रा नेताओं पर पुलिस लाठी चार्ज की निंदा की. उन्होंने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सर्वाधिक कोरोना मरीजों वाला देश बन चुका है. ऐसे हालात में भी छात्रों की परीक्षा कराये जाने का निर्णय छात्र-कर्मचारियों को मौत के मुंह धकेलने जैसा है.

सीतापुर में मनरेगा की मजदूरी दिलायी

सीतापुर जिले में जलालीपुर में मजदूरों की बकाया मनरेगा मजदूरी के भुगतान को लेकर खेग्रामस ने हरगांव ब्लाॅक मुख्यालय पर 22 जुलाई से अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना शुरू किया. पहले दिन तीन महिलाएं का. रामसनेही वर्मा के नेतृत्व में धरने पर बैठीं; आगे प्रमोद कुमार ने नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि मोदी-योगी की सरकारें मनरेगा में मजदूरों को रोजगार देने की डींग मार रही हैं, लेकिन मनरेगा में काम व दाम पाने को लेकर मजदूर एक माह से भटक रहे हैं. मजदूरी पाने के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है. तीन दिनों से चल रहे धरने की कोई सुनवाई नहीं हुई है.