झुग्गिवासियों को उजाड़ने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ दिल्ली के वजीरपुर में चेतावनी भूख हड़ताल

पुर्नवास के बिना कोई बेदखली नहीं की घोषणा के साथ भाकपा(माले) ने 48 हजार झुग्गियों को तोड़े जाने के हालिया निर्णय के खिलाफ 14 सितंबर 2020 से 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरु की जिसमें भाकपा(माले) राज्य सचिव रवि राय के साथ शकुंतला देवी, सीता देवी, रामेश्वरी देवी, लरजरी देवी और सीता देवी (वजीरपुर झुग्गी निवासी पांच महिलाएं)  भी शामिल हुईं.

भाजपा-बजरंग दल की लंपटता के खिलाफ ऐपवा-इनौस का प्रदर्शन

गिरिडीह जिले में बगोदर मध्य से जिला परिषद सदस्य व ऐपवा नेत्री सरिता महतो पर सोशल मीडिया (फेसबुक) में  बेहद अश्लील, अपमानजनक तथा अभद्र टिप्पणी करने वाले भाजपा-बजरंग दल से जुड़े अपराधियों पर समुचित कार्रवाई करने की मांग को लेकर 16 सिंतबर 2020 को बिरनी प्रखंड मुख्यालय पर इनौस व ऐपवा द्वारा आक्रोश मार्च किया गया. आक्रोश मार्च का नेतृत्व इनौस के राष्ट्रीय सचिव संदीप जायसवाल, जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, जिला सह सचिव पूरन कुमार महतो, प्रखंड अध्यक्ष इम्तयाज अंसारी आदि नेताओं ने किया.

लासाड़ी में लगा शहीद मेला

15 सितंबर 2020 को भोजपुर के लासाड़ी में 1942 के शहीदों की याद में शहीद मेला आयोजित किया गया. मेले में भारी संख्या में क्षेत्र के किसान-मजदूर, महिला व छात्र-नौजवान शामिल हुए. इस मौके पर जिला सचिव का. जवाहरलाल सिंह द्वारा झंडोतोलन किया गया. जिले के वरिष्ठ पार्टी नेताओं – जिला सचिव का. जवाहरलाल सिंह, विधायक सुदामा प्रसाद, पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह, राजू यादव, मनोज मंजिल, क्यामुद्दीन अंसारी, रघुवर पासवान, नवीन कुमार, उपेंद्र भारती और के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार ने स्मारक व मूर्तियों पर माल्यार्पण किया.

लोकप्रिय माले नेता बीएन सिंह की रिहाई की मांग : जेल के भीतर अनशन, बाहर आंदोलन

भारत की आजादी के आंदोलन के चर्चित नेता और क्रांतिकारी यतींद्रनाथ दास ने अंग्रेजी राज में जेलों में भारतीयों के साथ होते बुरे व्यवहार के खिलाफ 13 जुलाई 1929 को आमरण अनशन शुरू किया था और 63वें दिन 13 सितंबर 1929 को अनशन के दौरान ही लाहौर सेंट्रल जेल में शहीद हो गए थे. 20 वर्षों के आजीवन कारावास की सजा में पलामू जिले के मेदिनीनगर कारा में बंद भाकपा(माले) के लोकप्रिय नेता का. बिश्वनाथ सिंह ने यतींद्रनाथ दास की शहादत को याद करते हुए विगत 13 सितंबर से  अपने साथियों पवन विश्वकर्मा व श्रवण विश्वकर्मा और अन्य कैदियों के साथ मिलकर जेल के भीतर ही अनशन शुरू किया है.

झुग्गियों के अधिकार के लिए 48 घंटे की ‘चेतावनी भूख हड़ताल’

भाकपा(माले) 14 सितंबर को वजीरपुर झुग्गियों में रेलवे पटरियों के किनारे शाम 5 बजे से 48 घंटे की चेतावनी भूख हड़ताल शुरू करने जा रही है. भाकपा(माले) दिल्ली के राज्य सचिव रवि राय के साथ झुग्गी वासी 5 लोग उस दिन शाम से चेतावनी भूख हड़ताल शुरू करेंगे. यह भूख हड़ताल राष्ट्रीय राजधानी में रेलवे पटरियों के किनारे झुग्गियों के तोड़े जाने के फैसले के विरोध में आयोजित हो रही है.

मोदी सरकार के तीन अध्यादेशों के विरोध में उतरे किसान

केंद्र सरकार की कृषि से जुड़े तीन अध्यादेशों के खिलाफ 10 सितंबर (गुरुवार) को कुरुक्षेत्र के पीपली में ‘किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली’ बुलाई गई थी. पीपली मंडी में किसान बुधवार से ही जुटने लगे थे. इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पीपली क्षेत्र में धारा 144 लगाकर रैली करने पर रोक लगा दी. हरियाणा के कई जिलों से पहुंचे रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने जगह-जगह नाकेबंदी भी की. सैकड़ों किसानों को रास्ते में रोक दिया गया. जहां रोका गया, किसानों ने वहीं विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दिन भर कई जगह पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनती रही.

बिहार में सफाई कर्मचारियों का राज्यव्यापी प्रतिवाद

बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू से संबद्ध) द्वारा विगत 11 सितंबर 2020 को केंद्र व राज्य सरकार के सफाई कर्मी व मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ राज्य के शहरी निकायों पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया.

बिहार में तेज हुई विधानसभा चुनाव की तैयारियां

विधानसभा क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों पर एक नजर

काराकाट में कार्यकर्ता सम्मेलन

09 सितंबर 2020 को ‘एनडीए हराओ, भाकपा(माले) जिताओ, वैकल्पिक सरकार बनाओ’ नारे के साथ भाकपा(माले) का काराकाट प्रखंड कार्यकर्ता सम्मेलन किया गया. सम्मेलन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से का. राजेन्द्र सिंह, डा. नागेन्द्र सिंह, का. अवधेश सिंह, शिवकुमार शर्मा व भैयाराम पासवान ने किया.

आयोजित हुई ‘मजदूर बचाओ रैली’

27 अगस्त को रांची में ‘हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो’, ‘राहत पैकेज कंपनियों को नहीं, गरीब मजदूरों को देना होगा’, ‘सभी गरीबों को राशन, राहत और रोजगार की गारंटी दो’ नारों के साथ भाकपा(माले) ने भारी बारिश के बावजूद ‘मजदूर बचाओ रैली’ निकाली. सभी कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय से रैली निकालकर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे और वहां शारीरिक दूरी का पालन करते हुए सभा आयोजित की. भाकपा(माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य शुभेंदु सेन ने कहा कि ने केंद्र की गरीब कल्याण योजना और राज्य सरकार की रोजगार देने की घोषणा नाकाम साबित हुई हैं.

बाढ़ के स्थायी निदान की मांग पर मानव श्रृंखला बनाई गई

सम्पूर्ण जिला को बाढ़ग्रस्त घोषित करने, जिला अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाने, सभी बाढ़ पीड़ितों को 25 हजार रुपया मुआवजा देने, बाढ़ का स्थायी निदान करने, बांध मरम्मत में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर कर्रवाई करने, बाढ़ राहत की मांग कर रहे लोगों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, आदि मांगों को लेकर 25 अगस्त को भाकपा(माले) की जिला कमिटी के आह्वान पर जिला के जिला मुख्यालय, सभी अनुमंडल मुख्यालयों, जाले प्रखंड मुख्यालय और पघारी में मानव श्रृंखला कार्यक्रम आयोजित किया गया.