स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का विधानसभा मार्च

 

माइक्रो फायनेंस संस्थाओं की मनमानी पर रोक लगाने, महिलाओं का कर्ज माफ करने, ब्याज वसूली पर अविलंब रोक लगाने, कर्ज पर 0 से 4 प्रतिशत की दर से ब्याज लेने, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अनिवार्य रूप से रोजगार देकर उत्पादों की खरीद करने, कर्ज के नियमन के लिए राज्य स्तरीय प्राधिकार का गठन करने, जीविका दीदियों को प्रतिमाह 21,000 रु. देने आदि मांगों को लेकर विगत 5 मार्च को पटना में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने ऐपवा व स्वयं सहायता समूह संघर्ष समिति के संयुक्त बैनर से विधानसभा मार्च किया.

पुनपुन में किसान पंचायत

 

बिहार के पटना जिले के पुनपुन प्रखंड के खैरा ग्राम में किसान पंचायत में दर्जनों किसान जुटे और मोदी सरकार द्वारा पास कराए गए तीनों कृषि कानूनों को किसानों को गुलाम बनाने वाली कानून बताते हुए किसान आंदोलनों को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया.

वाम दलों का संयुक्त प्रदर्शन

 

दुर्ग (छत्तीसगढ़) में विगत 24 फरवरी 2021 को वामपंथी पार्टियों – भाकपा(माले) लिबरेशन, माकपा, भाकपा व ट्रेड यूनियनों – एटक, सीटू, ऐक्टू, एचएमएस व इस्पात श्रमिक मंच द्वारा ‘दमन विरोधी दिवस’ का पालन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर, दुर्ग को एक ज्ञापन सौंप कर किसान आंदोलन के दौरान जेलों में बंद निर्दाेष किसानों की बिना शर्त रिहाई और झूठे केसों की जारी की जा रही नोटिस रद्द करने की मांग की गई.

पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस में मूल्य वृद्धि का देशव्यापी विरोध

 

पिछले दिनों पेट्रोल की कीमत ने जब 100 रु. की सीमा रेखा पार कर ली तो पूरे देश में लोगों के सब्र के बांध टूट गए और हर जगह स्वतःस्पफूर्त प्रतिवाद कार्यक्रम होने लगे. पहले से ही भयानक मंदी व कई तरह के संकटों का सामना कर रही देष की जनता के लिए यह असहनीय स्थिति है. पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस में लगातार हो रही मूल्य वृद्धि ने आम लोगों का जीना मुष्किल कर दिया है. महंगाई ने सारे रिकाॅर्ड तोड़ दिए हैं.