मजदूर संगठन ऐक्टू और महिला संगठन ऐपवा ने 16 फरवरी को दौसा में लेबर चौक से लेकर समाहरणालय तक एक मार्च आयोजित किया जिसके अंत में प्रतिवाद सभा की गई. इस मौके पर बोलते हुए ऐपवा की जयपुर जिला सचिव मंजुलता ने कहा कि रामनगर और सत्कार काॅलोनी जैसी बस्तियां दो दशकों से मौजूद हैं, लेकिन वहां पेय जल, सड़क, नाली, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. इनमें से कुछ बस्तियां पंचायतों में और कुछ बस्तियां नगर निकायों के अंतर्गत आती हैं, और इन दानों की सीमाओं को लेकर लगातार विवाद चलते रहते हैं.