रसोइयों द्वारा विधानसभा घेराव

रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी करने, 1250 रुपये तुच्छ मासिक पारिश्रमिक के बजाए 18 हजार रुपये मानदेय, साल में 10 के बजाए 12 माह का पारिश्रमिक भुगतान करने, समाजिक सुरक्षा का लाभ, सरकारी कर्मी का दर्जा देने सहित 14 सूत्री मांगों की पूर्ति के लिए पिछले 7 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रही बिहार की रसोइयों ने हड़ताल के 36वें दिन पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज यहां बिहार विधानसभा का घेराव किया।

डा. आतिफ़ रब्बानी पर हमला करने वालों को गिरफ्तार करो

सरस्वती पूजा के चंदा को लेकर विगत 9 फरवरी को बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर के डिप्टी रजिस्ट्रार आतिफ़ रब्बानी पर पीजी के छात्रों द्वारा मार-पीट करने की शर्मनाक घटना घटित हुई. भाकपा(माले) के राज्य सचिव का. कुणाल, इंसाफ के राज्य अध्यक्ष का. नेयाज अहमद  और रारज्य सचिव सूरज कुमार सिंह ने  बयान जारी कर डा. आतिफ़ रब्बानी पर हमला करनेवालों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की.

काराकाट लोकसभा क्षेत्रः ‘भाजपा भगाओ-लोकतंत्र बचाओ’ रैली

भाकपा(माले) ने विगत 3 फरवरी 2019 को औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर टाउन में ट्रेनिंग कॉलेज ग्राउंड पर काराकाट लोकसभा स्तर पर ‘भाजपा भगाओ-लोकतंत्र बचाओ’ रैली का आयोजन किया जिसमें दस हजार से ज्यादा लोग उपस्थित थे. रैली ग्राउंड पहुंचने से पहले भखरुआ मोड़ से सभा स्थल पर झंडा बैनर समेत लोगों ने डेढ़ हजार से ज्यादा मोटरसाइकिलों और ढाई सौ से ज्यादा गाडि़यों समेत विशाल मार्च निकाला जिसमें आस-पास के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग पैदल बैंड-बाजा के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए थे. एकौनी गांव से सैकड़ों लोग पन्द्रह फीट ऊंचा लाल झंडा लेकर मार्च करते हुए आए.

“घर चाहिये, नफरत नहीं” ग्रामीण गरीबों की फैजाबाद महासंसद

संघ-भाजपा द्वारा मंदिर मुद्दे को आगे कर जनता के जरूरी सवालों को पीछे धकेलने, मोदी सरकार की पांच साल की विफलताओं से ध्यान भटकाने और चुनावी साल में ध्रुवीकरण कराने की कोशिशों के बीच, 9 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी तादाद में फैजाबाद-अयोध्या पहुंचे ग्रामीण गरीबों ने अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले मजदूर महासंसद लगा कर हुंकार भरी और भोजन, जमीन, आवास, आजीविका, सम्मान, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दे उठाकर दावेदारी पेश की.

‘भाजपा भगाओ, लोकतंत्र बचाओ’ जन अधिकार यात्रा

आरा संसदीय क्षेत्र

भाकपा(माले) ने आरा संसदीय क्षेत्र के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों - तरारी, अगिआवं, जगदीशपुर, संदेश, आरा, बड़हरा और शाहपुर में ‘भाजपा भगाओ-लोकतंत्र बचाओ जन अधिकार यात्रा’ (10-16 फरवरी) निकालकर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान शुरूआत कर दी है. वरिष्ठ माले नेताओं - केन्द्रीय कमेटी के सदस्य व जिला सचिव का. जवाहरलाल सिंह ने अगिआवं, राज्य कमेटी सदस्य व तरारी प्रखंड सचिव का. रमेश ने तरारी, जिला कमेटी सदस्य व संदेश प्रखंड सचिव का. परशुराम सिंह ने संदेश और पूर्व विधायक व किसान नेता का.

बेतला में वन-पदाधिकारी का घेराव

झारखंड के लातेहार जिले के बेतला में गत 10 अक्टूबर 2018 को भाकपा(माले) प्रखंड कमिटी के बैनर तले बेतला वन विभाग के अधिकारियों का घेराव किया गया। स्थानीय आखड़ा मिडिल स्कूल के मैदान से भारी संख्या में लोगों का जुलूस ‘वन विभाग की मनमानी नहीं चलेगी!’, ‘जान-माल और फसल सुरक्षा की गारंटी करो!’, ‘जान माल और फसल बरबादी का उचित मुआवजा देना होगा!’, ‘भाजपा हटाओ देश बचाओ!’ आदि गगन भेदी नारे लगाते हुए बेतला की मुख्य सड़क से गुजरते हुए वन विभाग कार्यालय गेट पर पहुंचा. वहां मेन गेट को जाम कर जन-दबाव से ताला खुलवाया गया और वहीं रेंजर का घेराव किया गया.

‘नमक-मिर्च-रोटी धरना’ में हजारों डीटीसी कमर्चारियों ने भागीदारी की

डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (ऐक्टू) द्वारा 22 अक्टूबर को डीटीसी मुख्यालय (आई.पी. डिपो) पर ‘नमक-मिर्च-रोटी धरना’ किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में डीटीसी कमर्चारियों ने भागीदारी की।

तमिलनाडु में ऐक्टू नेताओं का अनिश्चितकालीन अनशन

14 मई 2008 को ‘औद्योगिक रोजगार स्थायी आदेश अधिनियम’ में संशोधन कर इसे तमिलनाडु विधान सभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था. ‘सुमंगली योजना’, जहां प्रशिक्षुओं के द्वारा ही 100 प्रतिशत उत्पादन किया जाता है, के खिलाफ उठी आवाजों के प्रत्युत्तर में सरकार ने यह कदम उठाया था. इस अधिनियम की धारा 10 ‘ए’ में प्रशिक्षु, बदली, अस्थायी और आकस्मिक मजदूरों के नियोजन और पुनर्नियोजन के प्रावधान है ऋ जबकि धारा 10 ‘बी’ में किसी प्रतिष्ठान में स्थायी व अ-स्थायी श्रमिकों के प्रतिशत-निर्धारण की बात निहित है.

झारखंड में मिड-डे-मील कर्मियों का जुझारू संघर्ष जारी है

झारखण्ड के मिड-डे-मील कर्मियों के राज्यव्यापी रसोइया-संयोजिका संघ ने अपनी 15-सूत्री मांगों को हासिल करने के लिये भाजपा-नीत रघुवर सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई छेड़ दी है। उनकी मांगें हैं - बर्खास्त किए गए सभी रसोइया और संयोजिकाओं को काम पर वापस लो, तमिलनाडु की तर्ज पर झारखण्ड में भी रसोइया-संयोजिका को चतुर्थ वर्गीय सरकारी कर्मचारी के रूप में बहाल करो, सभी रसोइया-संयोजिका को न्यूनतम वेतन 18,000 रु.

एक्सप्रेसवे परियोजना को रद्द करने की मांग करते भाकपा(माले) नेताओं की गिरफ्तारी

तमिलनाडु में चेन्नई से सैलम तक बनाये जा रहे 8-लेन ग्रीन एक्सप्रेसवे परियोजना को रद्द करने की मांग पर भाकपा(माले) लगातार संघर्ष कर रही है. इसी क्रम में अगस्त की शुरूआत में कोयम्बटूर से सैलम की ओर मार्च कर रहे भाकपा(माले) के तमिलनाडु राज्य कमेटी सदस्य एवं कोयम्बटूर के जिला सचिव का. एसके बालसुब्रह्मण्यम, का. एनके नटराजन, दामोदरन, वेंकटाचलम और एआईसीसीटीयू के राज्य सचिव जयप्रकाश नारायणन समेत 31 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस परियोजना में जंगलात का बड़े पैमाने पर विध्वंस होने जा रहा और किसानों से उनकी जमीन हड़पी जा रही है.