मिड-डे-मील कर्मियों का जोरदार प्रदर्शन

सीतापुर में 1 मार्च 2019 को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन के नेतृत्व में करीब आठ सौ से ज्यादा रसोइयों ने आंख अस्पताल कार्यालय से लालबाग चौराहे तक मार्च किया और विकास भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया. सभा से पहले सभी रसोइयों व पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलवामा के शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी और कहा अब और पुलवामा नहीं. सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की प्रदेश अध्यक्ष का. कृष्णा अधिकारी ने कहा कि आज देश बहुत ही खतरनाक मोड़ पर खड़ा है. जनता के बुनियादी सवालों को दरकिनार कर झूठे वादों व जुमलों से देश की जनता को गुमराह किया जा रहा है.

किसान-मजदूर अधिकार रैली

अखिल भारतीय किसान महासभा व अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा की तरफ से 5 मार्च को झुंझुनु में किसान मजदूर अधिकार रैली निकाली गई. यह रैली गांधी पार्क से निकलकर कलेक्ट्रेट तक गई. रैली में शामिल किसान मजदूर लाल झंडे लेकर नारे लगा रहे थे - चुनावी वादों को लागू करो, सभी बैंकों के सभी कृषि कर्ज माफ करो, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम दो, किसानों को बिनाशर्त पांच हजार रूपये मासिक वृद्धावस्था पेंशन दो, आवासहीनों की सूची बनाकर आवास दो, भूमिहीनों का राष्ट्रीय स्तर पर पंजीयन करो. सभी मजदूरों को प्रतिदिन 600 रु.

डाल्टेनगंज में परिवर्तन रैली व सभा

पलामू जिले (झारखंड) के डाल्टेनगंज में ‘भाजपा भगाओ, पलामू बचाओ’, ‘झारखंड बचाओ, देश बचाओ’ नारे के साथ ‘परिवर्तन रैली’ आयोजित की गई जो शिवाजी मैदान से निकाली और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई पुनः शिवाजी मैदान में लौट कर सभा में तबदील हो गई. सभा में सैकड़ों की संख्या में किसान-मजदूर और छात्रा-नौजवान शामिल थे. रैली में काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं.

झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ का राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन

झाराविरस की हजारीबाग इकाई ने 23 फरवरी को अपनी मांगों पर जिला उपायुक्त के समक्ष धरना दिया. धरना की अध्यक्षता शेखर राय ने की और संचालन बिपिन सिन्हा ने किया. रसोइया संघ की राज्य अध्यक्ष गीता मंडल व ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सविता सिंह भी इस धरना में शामिल थीं.

13-प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ भारत बंद

बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों में उतरे माले कार्यकर्ता

रेल-सड़क यातायात भी हुआ बाधित

खेग्रामस भी अपनी मांगों पर बंद में शामिल

13-प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ भारत बंद

13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को वापस लेने, 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली पर अध्यादेश लाने, गैर संवैधानिक आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को रद्द करने, आदिवासियों के विस्थापन पर रोक तथा गरीबों-गृहविहीनों के राजिस्टर बनाने की मांग पर 5 मार्च 2019 को भारत बंद के समर्थन में भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने बिहार के विभिन्न इलाकों में रेलवे के परिचालन को बाधित किया,

मजदूर-किसानों का विधानसभा मार्च

18 फरवरी को बिहार की राजधानी पटना में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर से राज्य के तकरीबन 40 मजदूर-किसान संगठनों के बैनर तले बीसियों हजार मजदूर-किसानों ने विधानसभा मार्च किया. पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान भाजपा-जदयू सरकार के खिलाफ मजदूर-किसानों की ऐतिहासिक जुटान का गवाह बना. गांधी मैदान से लेकर डाकंबगला चौराहा का पूरा इलाका मजदूर-किसानों की मांगों व नारों से गुंजायमान था.

छात्र-नौजवानों की शिक्षा हुंकार रैली

अखिल भारतीय शिक्षा अधिकार मंच ने 18 फरवरी को दिल्ली में एक बड़ी ‘शिक्षा हुंकार रैली’ संगठित की. यह रैली संसद मार्ग पर प्रतिवाद प्रदर्शन के साथ शुरू हुआ जिसे प्रो. अनिल सद् गोपाल, भाकपा(माले) की पोलितब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन, माकपा की पोलितब्यूरो सदस्य वृन्दा करात, राजद के प्रवक्ता प्रो. मनोज झा, प्रो. हरगोपाल, समाजवादी जन परिषद के अफलातून, एडवोकेट अशोक अग्रवाल तथा अन्य कई लोगों ने संबोधित किया. इन वक्ताओं ने कॉमन स्कूल सिस्टम के लिए चलाए जा रहे संघर्ष का समर्थन किया जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि गरीब का ही बच्चा क्यों न हो, उसे भी समान गुणवत्ता की शिक्षा हासिल हो सकेगी.

भूमि मुआवजा की मांग पर धरना

दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के इनमाइत बांध के दक्षिणी भाग में किसानों की जमीन का मुआवजा देने, पौराम पंचायत के प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों को मजदूरी मद में मनरेगा मद से मिलने वाली राशि का भुगतान करने तथा प्रधानमन्त्री आवास योजना में हो रहे अवैध उगाही पर रोक लगाने, हरिजन टोला में क्षतिग्रस्त सामुदायिक भवन का जीर्णोद्धार व पासवान टोला के नजदीक नहर में पुल व सड़क का निर्माण करने, सात निश्चय योजना में हो रही लूट की जांच कर समुचित कारवाई करने व पंचायत के चयनित वार्ड में राशि भेजने की गारंटी करने की मांग पर अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले दर्जनों किसानों व ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरन

बरेली बड़ा बाईपास आंदोलन: किसानों के आगे झुकी सरकार

बरेली बड़ा बाईपास के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान लंबे समय से अपनी जमीन के मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं. 2006 में इस भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन हुआ था. यह बड़ा बाईपास लखनऊ-दिल्ली एनएच पर बरेली शहर के बाहर एक रिंग रोड की तरह फोरलेन का है जो लखनऊ की तरफ से जाने पर बरेली शहर से पहले नरियावल से शुरू होकर बरेली-पीलीभीत व बरेली-नैनीताल रोड के ऊपर से गुजरता हुआ बरेली शहर से बाहर परसाखेड़ा में दिल्ली फोरलेन में जुड़ता है.

अरवल में मजदूर-किसान एकता रैली

भाकपा (माले) के पांचवें अरवल जिला सम्मेलन के अवसर पर करपी में ‘भाजपा भगओ, लोकतंत्र बचाओ’ नारे के साथ विशाल मजदूर-किसान एकता रैली आयोजित हुई. रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पुलवामा में आतंकवादियों के द्वारा सीआरपीएफ के जवानों पर हमले की जो दिल दहला देने वाली घटना हुई है, उसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. इस बात का पता लगाया जाना चाहिये कि बहुत सारे चेक पोस्ट होने के बावजूद आतंकवादी साढे़ तीन सौ किलो विस्फोटक लदी कार लेकर घटनास्थल तक कैसे पहुंच गये और सीआरपीएफ के इतने बड़े काफिला पर हमले की घटना को अंजाम देने में सफल हुये.