गुुजरात के कपराडा में विरोध प्रदर्शन

22 जुलाई को गुजरात के कपराडा तालुका (वलसाड जिला) में भाकपा(माले) की ओर से तालुका मजिस्ट्रेट के कार्यालय पर एक प्रभावशाली विरोध प्रदर्शन हुआ. तालुका के मुख्य मार्गाे तथा बाजार होते हुए एक भव्य व झुझारू रैली निकाली गई और तालुका कार्यालय पहुंच कर एक आम सभा आयोजित की गई. प्रदर्शन में भारी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष व नौजवान शामिल थे. प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 10 आदिवासियों की योगी राज में बेरहम हत्या तथा गुजरात में आये दिन आदिवासियों को पुश्तैनी जमीनों से सरकार द्वारा बेदखल किए जाने की वजह से आदिवासियों में रोष साफ झलक रहा था.

महिला संगठनों द्वारा विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन

बिहार में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, गैंग रेप, लड़कियों की ट्रैफिकिंग, एसिड अटैक, माॅब लिंचिंग, बच्चियों के अपहरण आदि घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि और इन सवालों पर तथाकथित सुशासन की नीतीश सरकार की चुप्पी के खिलाफ 23 जुलाई को महिला संगठनों ने संयुक्त रूप से बिहार विधानसभा के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. विभिन्न महिला संगठनों के नेताओं के नेतृत्व में महिलाओं ने पटना रेडियो स्टेशन से फ्रेजर रोड होते हुए जोरदार मार्च निकाला और करीब तीन घंटों तक डाकबंगला चौराहे को जाम रखते हुए वहां सभा आयोजित की.

सफाई मजदूरों का प्रतिवाद

बंगलौर के सफाई मजदूरों ने बीबीएमपी गुटिगे पौरकार्मिकार संघ के बैनर तले 9 जुलाई 2019 को प्रतिवाद संगठित करके कर्नाटक के वन विभाग के एक सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) पीएन हर्षवर्धन के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की. हर्षवर्धन ने कहा था कि सफाई मजदूरों को यह समझाने के लिये कि कूड़ाघर की कैसी सफाई होनी चाहिये, उन्हें सड़ांधभरे कूड़ाघर के बगल में भोजन करने पर मजबूर किया जायेगा! उन्होंने कहा था कि “हमने उनके (सफाई मजदूरों के) लिये भोजन करने की जगह का इंतजाम कर लिया है और वह है कूड़ाघर के मुख्य द्वार के नजदीक, ताकि वे महसूस कर सकें कि यह कितना दुर्गंध देता है.

पुलिसिया गुंडागर्दी़ के खिलाफ प्रदर्शन

गाजीपुर जिला (उप्र) के सेवराई तहसील कार्यालय पर 12 जुलाई 2019 को भाकपा(माले) के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन हुआ और कोर्ट के निर्णय की अवहेलना कर करवनिया डेरा पर दीवार व मकान ढहाने और माले नेता रोहित कुमार बिंद को फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने वाले एसडीएम को दण्डित करने की मांग की गई.

माॅब लिंचिंग के खिलाफ प्रतिवाद जारी है

बेतिया में दलित-मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन माॅब लिंचिंग के शिकार हुए तबरेज अंसारी के लिए न्याय की गारंटी करने और माॅब लिंचिंग पर रोक लगाने की मांग पर अल्पसंख्यक समुदाय के संगठनों द्वारा विगत 16 जुलाई को प. चम्पारण के मुख्यालय बेतिया में जला समाहर्ता के समक्ष विशाल विरोध प्रर्दशन आयोजित हुआ. भारी बारिश और सड़कों पर लबालब भरे पानी में भी बड़ा रमना से विशाल जुलूस निकला जिसमें ‘तबरेज़ अंसारी को न्याय दो’, ‘माॅब लिंचिंग नहीं सहेंगे’, ‘मुस्लिम भी हिन्दोस्तां की बुनियाद हैं’, ‘तबरेज अंसारी के हत्यारों को सजा दो’ आदि नारे लगाते हुए सैकड़ों लोग शामिल हुए.

पोषाहार घोटाले के खिलाफ धरना

16 जुलाई को इंकलाबी नौजवान सभा के बैनर तले गिरीडीह जिला के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना देकर पोषाहार घोटाले के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया गया और और दिसम्बर-जनवरी माह के धात्री-मातृ बच्चे को मिलने वाले ‘रेडी टू ईट’ पोषाहार को लाभुकों को ना देकर आपूर्तिकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से काला बाजार में बेच देने के मामले में अविलम्ब मुकदमा दर्ज कर इसके दोषियों को दंडित करने की मांग की गई.

सरकारी आपदा है बिहार में बाढ़

पहली ही बारिश के बाद उत्तर बिहार के सीमांचल, मिथिलांचल, शिवहर, चंपारण आदि इलाकों की बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है. अधिकांश नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से उपर बह रहा है. करीब 70 लोगों के मरने की भी खबरें आ रही हैं. कई बच्चे बाढ़ के पानी में डूब कर जान गवां चुके हैं.

‘100 डे ऐक्शन प्लान’ के खिलाफ रेलकर्मी मैदान मे

18 जून 2019 को केंद्रीय रेल बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने केंद्र सरकार/रेल मंत्रालय के निर्देश पर एक पत्र जारी करते हुए ‘100 डे ऐक्शन प्लान’ को लागू करने की घोषणा की. देश भर की करोड़ों रुपए की मुनाफे में चल रही सात उत्पादन इकाइर्यों का निगमीकरण/निजीकरण करने के फैसले के साथ ही 100 दिन के अंदर रेलवे के अधिकांश विभाग का निजीकरण, शिक्षा भत्ता की समाप्ति, वर्कशाॅप और उत्पादन इकाईयों का निगमीकरण, ग्रुप ‘सी’ व ग्रुप ‘डी’ की सेवा को निरस्त करना, रेलवे काॅलोनी की भूमि की बिक्री और प्राइवेट ट्रेन का परिचालन इस ऐक्शन प्लान की मुख्य बातें हैं.

दुकानदारों की गैरकानूनी बेदखली के खिलाफ आंदोलन

उच्च न्यायालय वो आदेशों के बावजूद, कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर दूकानदारों को नहीं उजाड़ा जा सकता है, भाजपा-जद(यू) सरकार बिहार की राजधानी पटना में स्टेशन परिसर और जीपीओ गोलंबर के बीच स्थित सैकडों दूकानों को गैर-कानूनी ढंग से उजाड़ रही है. खास महाल जमीन पर लगभग 70 वर्षों से चल रही इन हजारों दूकानों पर करीब 1 लाख परिवारों का रोजी-रोटी निर्भर है. बिहार सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर इन दूकानदारों को जबरन उजाड़ देने पर तुली हुई है. इस बेदखली मुहिम के दौरान दुख बर्दाश्त न कर पाने के चलते दो व्यवसाइयों की मौत हो गई है.

दरभंगा में जल संकट पर प्रदर्शन

भीषण जल संकट, शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने व जल संकट दूर करने में पीएचईडी विभाग की सुस्ती के खिलाफ भाकपा(माले) दरभंगा जिला कमिटी के बैनर तले 10 जून 2019 को पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन कर्पूरी चौक से जुलूस की शक्ल में निकलकर जिला कार्यपालक अभियंता के कार्यालय पहुंचकर घेराव में तब्दील हो गया. प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, खेग्रामस जिला अध्यक्ष जंगी यादव, माले जिला स्थायी कमेटी सदस्य नंदलाल ठाकुर, अशोक पासवान, जिला कमिटी सदस्य हरि पासवान, रसीदा खातून, शनिचरी देवी आदि ने किया.