का. नसीर अहमद को लाल सलाम

nasirकामरेड नसीर अहमद (46 वर्ष), जो 2014 में भाकपा(माले) (रेड स्टार) को छोड़कर हमारी पार्टी में शमिल हुए थे, विगत चार-पांच महीने से गले में कैंसर और फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे. उनका लखनऊ के एसजीपीजीआई और किंग जार्ज मेडिकल काॅलेज में इलाज चल रहा था. 9 सितम्बर 2019 को मेडिकल काॅलेज में इलाज के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई.

 का. नसीर अहमद उन्नाव जिले के हसनगंज तहसील के ग्राम बियारी में एक गरीब किसान के घर में पैदा हुए थे. वह युवावस्था से ही कम्युनिस्ट विचारों से प्रभावित होकर सीपीएम से जुड़ गये थे और बाद के दौर (1995) में वह सीपीएम छोड़कर ‘रेड स्टार’ में और फिर 2014 में वे माले से जुड़े. कामरेड नसीर भवन निर्माण में राजगीर मिस्त्री का काम करते हुए पार्टी में सक्रिय रहते थे. मार्क्सवादी साहित्य खरीदने, पढ़ने और गजल गाने का उन्हें विशेष शौक था. हंसमुख और मिलनसार का. नसीर अहमद का ऐसे दौर में हमारे बीच से चले जाना पार्टी के लिए बड़ी क्षति है, जब देश के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.

वर्ष28
अंक41