आइसा का प्रखंड सम्मेलन संम्पन्न हुआ

वर्ष - 30
अंक - 6
06-02-2021


पलामू जिला (झारखंड) के पाटन में आइसा का पहला प्रखंड सम्मेलन विगत 31 जनवरी को संपन्न हुआ. सम्मेलन का उद्घाटन भाकपा(माले) नेता रविंद्र भुइयां ने किया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के छात्र-युवा अपने शिक्षा और सम्मानजक रोजगार जैसे मौलिक अधिकारों व शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद करने वाली मोदी सरकार की शिक्षा और रोजगार विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर लोहा लेते रहे हैं. मोदी सरकार सत्ता में आते ही शैक्षणिक संस्थानों से लेकर सार्वजनिक संस्थाओं को बड़े काॅरपोरेट घरानों के हाथों सौंप देने का काम कर रही है.

सम्मेलन के मुख्य वक्ता व पर्यवेक्षक झारखंड आइसा के अध्यक्ष  का. सोहेल अंसारी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था का मौजूदा हाल किसी से छिपा नहीं है. स्कूली शिक्षा हो या उच्च शिक्षा, सब की दशा एक जैसी ही है, सब गर्त में हैं. 3000 से ज्यादा स्कूल बंद हो चुके हैं. बदहाल शिक्षा व्यवस्था के लिए हेमंत सोरेन और नरेन्द्र मोदी की सरकार समान रूप से जिम्मेवार है. यहां उच्च शिक्षा केवल डिग्री देने का जरिया बनकर रह गया है. काॅलेज-विश्वविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. शिक्षकों व कर्मचारियों के लगभग 70 प्रतिशत पद रिक्त हैं. वर्तमान में उच्च शिक्षण संस्थानों के विभागों को एक-दो शिक्षकों के भरोसे संचालित किया जा रहा हैं जहां क्लास न के बराबर ही होते हैं. नामांकन कराना, परीक्षा फार्म भरवाना और बिना पढ़ाये परीक्षा दिलवाना यही रूटीन बन गया है.

सम्मेलन के पर्यवेक्षक आइसा की पलामू जिला अध्यक्ष का. दिव्या भगत और आइसा के झारखंड राज्य अध्यक्ष  का. सोहेल अंसारी की देखरेख में 21 सदस्यीय प्रखंड कमिटी बनाई गई और आशा कुमारी को सचिव और ममता कुमारी को प्रखंड अध्यक्ष चुना गया. विकास कुमार, मुकेश कुमार, मनीषा कुमारी, अजय बैठा, कंचन कुमार, मिथलेश कुमार, रेखा कुमारी, अनुज कुमार सिंह, सोनू कुमार आदि विभिन्न जिम्मेवारियों में चुने गए.

सम्मेलन का समापन वक्तव्य देते हुए आइसा जिला अध्यक्ष दिव्या भगत ने कहा कि मजदूर-किसान के बच्चों के लिए जो हमेशा बेहतर पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं, आइसा आगे रहता है. इस समाज में अमीर-गरीब, जात-पात और धर्म का ऐसा भेदभाव है कि हम छात्रा ढंग से पढ़ नहीं पाते हैं. आइसा छात्रों को एकजुट कर इन सभी राजनैतिक और सामाजिक रुकावटों से लड़ने की कोशिश करता है.

सम्मेलन में भाकपा(माले) के पाटन-पड़वा प्रखंड सचिव पवन विश्वकर्मा, जिला कमेटी सदस्य कमेश सिंह चेरो व सुरेंद्र पासवान, दिहाड़ी मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष गौतम, अखिल भारतीय धोबी महासंघ के राज्य अध्यक्ष सौरभ कुमार रजक, आइसा नेता शशिकांत रजक सहित करीब दो सौ प्रतिनिधियों-अतिथियों ने हिस्सा लिया.