विज्ञप्ति

हाथरस में मनुवादी ताकतों द्वारा दलित परिवार पर किये जा रहे


जातिगत क्रूर अत्याचार पर ऐपवा का बयान

एक 19 साल की दलित लड़की के साथ वर्चस्वशाली ठाकुर जाति के चार व्यक्तियों ने सामुहिक बलात्कार किया, जिससे बुरी तरह से घायल लड़की ने 30 सितंबर को दम तोड़ दिया. उस लड़की ने अपने बयान में कहा है कि संदीप, रवि, लवकुश, रामू ने उस पर हमला कर गला घोंट कर मारने का प्रयास किया – जिससे उसकी जीभ बुरी तरह से कट गयी और रीढ़ की हड्डी में प्रफैक्चर हो गया.

उमर खालिद की गिरफ्तारी की भर्त्सना, तत्काल रिहाई और दिल्ली पुलिस द्वारा ऐसी धरपकड़ को रोकने की मांग

देश की कई नामचीन हस्तियों जिनमें फिल्मकार सईद मिर्जा, योजना आयोग की पूर्व सदस्य साइदा हमीद, लेखिका अरुंधति राॅय, कलाकार टीएम कृष्णा, इतिहासकार रामचंद्र गुहा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण व एनडी पंचोली, लेखक व पत्रकार पी. साईनाथ, महिला नेता बृंदा करात व कविता कृष्णन, सामाजिक कार्यकर्ता जिग्नेश मेवाणी व हर्ष मंदर, आदि शामिल हैं, एक बयान जारी कर देश के संवैधानिक मूल्यों के लिए आवाज बुलंद करने वाले सबसे साहसिक युवाओं में से एक उमर खालिद की गिरफ्तारी की भर्त्सना, उनकी तत्काल रिहाई और दिल्ली पुलिस द्वारा ऐसी धरपकड़ को रोकने की मांग की है.

दल्ली पुलिस छात्रों, कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और वाम नेताओं को निशाना बनाना बंद करो!

नई दिल्ली, 13 सितंबर 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की तथाकथित जांच दिनोंदिन विरोधियों को निशाना बनाने की कार्रवाई बनती जा रही है.

भाकपा(माले) केंद्रीय कमेटी की ओर से महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का बयान: आलोचना का अर्थ अवमानना नहीं है

आलोचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अदालत की अवमानना थोप कर खामोश नहीं किया जा सकता

दो ट्वीटों के लिए अधिवक्ता प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी करार देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले से हम अत्यधिक क्षुब्ध हैं. स्वतंत्र अभिव्यक्ति और उचित आलोचना का गला घोंटने वाला यह फैसला अदालत की कार्यप्रणाली और न्याय के शासन के संदर्भ में वास्तविक चिंताओं को गहराने वाला है.

5 अगस्त को प्रतिवाद दिवस के रूप में मनाएं -- मांग करें कि सरकार धार्मिक आयोजनों से दूर रहे

आयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन समारोह का सरकारी आयोजन में तब्दील हो जाना और उत्तर प्रदेश के प्रशासन और केंद्र सरकार की इसमें पूर्ण भागीदारी भारतीय संविधान की मूल भावना को सोच समझ कर नष्ट करने का कृत्य है. सुप्रीम कोर्ट के जिस फैसले ने मंदिर निर्माण की राह खोली, उसी फैसले में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाने की आपराधिक कृत्य के रूप में स्पष्ट तौर पर आलोचना की गयी है. केंद्र सरकार का प्रधान मंत्री के स्तर पर भूमि पूजन में शरीक होना, उस अपराध को वैधता प्रदान करने की कार्यवाही है.

उत्तर बिहार की लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित, सरकार की व्यवस्था नदारद : तटबंधों के निर्माण में हुआ भारी भ्रष्टाचार

भाकपा(माले) के राज्य सचिव कुणाल और पोलितब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया है कि कोरोना की तरह वह बाढ़ की भयावहता व विस्तार को भी कम करके देख रही है, जिसके कारण आज करोड़ों लोगों की जिंदगी संकट में पड़ गई है. सरकार की इस अव्वल दर्जे की लापरवाही के खिलाफ आगामी 4 अगस्त को पूरे उत्तरी बिहार में, यानी गोपालगंज से लेकर कटिहार तक, मुख्य मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा.

नई शिक्षा नीति: तालीम को रौंद देने वाला बदलाव

दिल्ली विवि शिक्षक संघ (डूटा) ने महामारी के समय नई शिक्षा नीति को कैबिनेट की मंजूरी पर गहरा एतराज जताया है. डूटा ने कहा कि परीक्षाएं आयोजित करने की सरकार की जिद छात्र-छात्राओं के लिए भेदभाव-भरी और बहिष्कृत करने वाली हैं. इससे शिक्षण संस्थानों में संकट गहरा हो गया है.

चुनाव आयोग को बिहार के विपक्षी दलों का संयुक्त ज्ञापन

विगत 15 जुलाई 2020 को बिहार के विपक्षी दलों के राज्याध्यक्षों / सचिवों का हस्ताक्षरयुक्त संयुक्त ज्ञापन चुनाव आयोग, बिहार को सौंपा गया. इस संयुक्त ज्ञापन में विपक्षी दलों ने प्रमुख रूप से चुनाव के वर्चुअल तरीके की बजाए परंपरागत शैली में चुनाव करवाने, जनता की व्यापक भागीदारी और चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता व विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग की.

यह भी मांग की गई कि चुनाव आयोग को इस बात की गारंटी करनी चाहिए कि चुनाव कोरोना संक्रमण का बड़ा कारण न बन जाए.

वरवर राव को आजाद करो! सभी राजनैतिक कैदियों को रिहा करो!

जन कवि और राजनीतिक कार्यकर्ता वरवर राव के परिवार ने मुबई के तलोजा जेल में उनके बेहद बिगड़ते स्वास्थ्य के बारे में पूरी दुनिया को आगह किया है. उनके परिवार ने कहा कि उनका एक काॅल आया था जिससे पता चला कि उन्हें हेलुसिनेशन (मतिभ्रम) हो रहा है, और उनके एक संगी कैदी ने बताया कि वे चल-फिर नहीं पा रहे हैं – यहां तक कि वे खुद से शौचालय नहीं जा रहे हैं और न मुंह धे पा रहे हैं.

इस सूचना से जनता में व्यापक विक्षोभ फैला और नतीजतन, वरवर राव को अस्पताल में भर्ती किया गया.