पश्चिम बंगाल : हिरासत में हत्या

उपयुक्त चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में माओवादी पार्टी की पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी के सचिव कामरेड सुदीप चोंगदार की जेल में हुई मौत हिरासत में हत्या के समतुल्य है, और भाकपा(माले) इसकी कड़ी निंदा करती है.

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थानः एआइपीएफ का गठन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित रिहाई मंच कार्यालय (लाटूस रोड स्थित बीसी बिल्डिंग) में 11 फरवरी 2019 को संपन्न हुई एक बैठक के जरिये उत्तर प्रदेश में एआईपीएफ का गठन हुआ. भाकपा(माले) केन्द्रीय कमेटी के सदस्य मोहम्मद सलीम, रिहाई मंच के नेता राजीव यादव, गोपाल कृष्ण वर्मा, शुकुरुल्लाह अहमद, शेखर, रोबिन, बांकेलाल, शाहरूख, वीरेंद्र गुप्ता आदि समेत विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

एलजीबीटीक्यू समूह: उनके प्रेम को समझे समाज

वेलेंटाइन दिवस की पूर्व संध्या पर महाराष्ट्र के वर्धा में ‘लैंगिक हिरासत और संघर्षशील प्रेम’ पर केन्द्रित एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए एलजीबीटीक्यू समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपने प्रेम अनुभवों से संबंधित अनसुने किस्सों और उनका मौखिक इतिहास साझा किया। कार्यक्रम का आयोजन महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के महात्मा गांधी फ्यूजी गुरुजी सामाजिक कार्य अध्ययन केंद्र के कस्तूरबा सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार छात्रा-छात्राओं, शोधार्थियों व शिक्षकों से खचाखच भरा हुआ था। कार्यक्रम का संचालन स्त्री अध्ययन विभाग की शोधार्थी प्

मुजफ्फरपुर शेल्टर होमः शक के घेरे में सीबीआई

सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को न्यायालय की अवमानना के अपराध में दंडित किया है : खास तौर पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से आदेश दिये जाने के बावजूद उसका उल्लंघन करके मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की जांच कर रहे प्रभारी अधिकारी का स्थानान्तरण करने के लिये. ज्ञात हो कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में 40 से अधिक लड़कियों को एक शेल्टर होम के अंदर सुनियोजित ढंग से यौन शोषण का शिकार बनाया जाता था.

जी.डी. अग्रवाल की मृत्यु मोदी के नमामि गंगे प्रहसन का पर्दाफाश

11 अक्टूबर को हरिद्वार में गंगा की अविरलता के लिए अनशनरत प्रो. जी.डी. अग्रवाल का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वे 111 दिन से अनशनरत थे और एक दिन पहले पानी पीना भी छोड़ चुके थे. 2011 में सन्यास लेने के बाद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के नाम से जाने गए जी.डी.अग्रवाल गंगा की अविरलता के लिए अनशन कर रहे थे.

गुजरात में बिहारियों पर हमले के खिलाफ दरभंगा में प्रदर्शन

गुजरात से बिहारियों व उत्तर भारतीयों को खदेड़ बाहर किये जाने व क्षेत्र और धर्म के नाम पर देश को विभाजित करने की भाजपाई मंसूबों-साजिश के खिलाफ, पलायन करने वाले मजदूरों को मुआवजा की मांग पर दरभंगा शहर के कर्पूरी चौक पर 20 अक्टूबर 2018 को भाकपा(माले) की नगर कमेटी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन का नेतृत्व माले नगर सचिव सदीक भारती, जिला कमिटी सदस्य प्रिंस राज, अवधेश सिंह, देवेन्द्र कुमार, उमेश साह, भूषण मंडल आदि कर रहे थे। वक्ताओं ने बिहारियों पर हो रहे हमले के खिलाफ मोदी-नीतीश की चुप्पी को लताड़ते हुए मोदी सरकार को देश की एकता-अखंडता के लिये सबसे बड़ा खतरा बताया.

बुलेट ट्रेन किसकी कीमत पर?

दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब हाल में 15 अक्टूबर 2018 को ‘भारत में बुलेट ट्रेन - किसकी कीमत पर’ विषय को केंद्र कर एक जन कन्वेंशन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘भूमि अधिकार मंच’ के बैनर तले किया गया था। कार्यक्रम में इस परियोजना के चलते महाराष्ट्र और गुजरात से विस्थापित होने वाले किसान और आदिवासी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। जमीनी स्तर पर इस आंदोलन को नेतृत्व दे रहे कार्यकर्ताओं ने अपने सारगर्भित अनुभव लोगों से साझा किए।

पुदुच्चेरी में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समर्थन में सभा

‘सनातन संस्था’ जैसे दक्षिणपंथी आतंकी ग्रुपों के खतरे से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रक्षा करने के लिए 15 अक्टूबर 2018 को पुदुच्चेरी में मानवाधिकार संगठनों के द्वारा एक सार्वजनिक सभा आयोजित की गई. इस सभा में प्रो. कल्याणी और पीपुल्स वाच के हेनरी टिफग्ने जैसे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अलावा एआइपीएफ नेता मंगैयार सेल्वन सहित भाकपा(माले), भाकपा, माकपा और अन्य सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया.

आंध्र प्रदेश में ‘जन-जागरण यात्रा’

आंध्र प्रदेश के गांवों और मंडलों में भाकपा(माले) और इसके जन संगठनों ने ‘जन जागरण यात्रा’ शुरू की है. मोदी के फासिस्ट शासन और चंद्रबाबू नायडू ;तेदेपाद्ध की गरीब-विरोधी, कॉरपोरेट-परस्त नीतियों का भंडाफोड़ करते हुए भाकपा(माले) घर-घर जाकर व्यापक जनता के साथ संपर्क कर रही है. इस जन जागरण यात्रा के दौरान पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर और श्रीकाकुलम जिलों में 31 मंडपों के 67 गांवों / वार्डो में 16013 परिवारों के बीच जन संपर्क चलाया गया. इस अभियान के क्रम में कार्यकर्ताओं ने आम लोगों को बताया कि मोदी और चंद्रबाबू की सरकारों ने देश और राज्य में किस तरह जनता को धोखा दिया है.

कश्मीर में जनसंहार के बाद चुनाव का माखौल

भारत ने हाल ही में कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों से संबंधित यूएनएचसीएचआर की रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया. लेकिन कश्मीर में स्थानीय निकाय के लिए हुए हाल के चुनाव ने, और साथ ही, नागरिकों के जन संहार ने कश्मीर के बारे में मोदी सरकार और भाजपा के झूठ को फिर से बेनकाब कर दिया है.