अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवसः झारखंड में महिला अधिकार संघर्ष यात्रा

8 मार्च को झुमरी तिलैया में श्रमकल्याण विभाग के समीप महिलायें एकजुट हुईं. वहां से  ऐपवा के बैनर तले एक विशाल जुलूस के साथ महिला अधिकार यात्रा की शुरुआत की गई. यह यात्रा रांची-पटना रोड, झंडा चौक, ओवरब्रिज, जवाहर टाकीज होते हुए महाराणा प्रताप चौक पहुंचा जहां डा. भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान व लोकतंत्र को बचाने की शपथ ली गई. यह यात्रा बेलाटांड (सलैया) स्थित कलामंदिर के पास एक सभा आयोजित करने के बाद समाप्त हुई. सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा राज्य सचिव का.

वाम दल साथ मिलकर लडेंगे चुनाव

तीन वामपंथी पार्टियों-भाकपा,माकपा और भाकपा(माले) की संयुक्त बैठक, गांधी ग्राम स्थित माकपा के राज्य कार्यालय- कामरेड पूर्ण चन्द्र स्मृति भवन में आयोजित हुई. बैठक में वामपंथी पार्टियों की एकजुटता किये जाने पर व्यापक विचार विमर्श किया गया. यह तय किया गया कि आगामी लोकसभा चुनाव उत्तराखंड में वामपंथी पार्टियां एकजुट हो कर लड़ेंगी. भाकपा पौड़ी, माकपा टिहरी और भाकपा(माले) नैनीताल सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगी और चुनावों के बाद भी उत्तराखंड में मेहनतकश जनता के सवालों पर साझा संघर्षों चलाएंगी.

प्रिकोल श्रमिकों द्वारा बर्खास्तगी का प्रतिवाद

कोयंबटूर स्थित ऑटोमोटिव कल-पुर्जों की निर्माता प्रिकोल कंपनी के 300 स्थायी श्रमिकों ने श्रम विभाग के निर्देश पर प्रबंधन द्वारा कुछ मांग मान लेने के बाद अपनी 100 दिनों की हड़ताल खत्म कर दी. लेकिन, उनकी यह जीत जल्द ही समाप्त हो गई, क्योंकि काम पर वापस आने के फौरन बाद लगभग 300 स्थायी श्रमिकों को बर्खास्तगी की नोटिस थमा दी गई.

छात्र नेता पर हमले के खिलाफ आंदोलन

18 फरवरी की शाम समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना अतर्गत मुसापुर गांव क समीप आइसा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार पर घात लगाये अपराधियों ने हथियार, सोंटा, ईंट आदि से जानलेवा हमला किया और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। इस दौरान गला घोंट कर जान से मार डालने की कोशिश भी की गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया.

मोटर चालकों का आक्रोश मार्च

विगत 7 फरवरी को जयनगर (मधुबनी) के मोटर चालक यूनियन नेता मो. नसीम की हुई हत्या में शामिल अपराधियों की अविलंब गिरफ्रतारी की मांग के साथ 20 फरवरी को जबरदस्त चक्का जाम कार्यक्रम आयोजित हुआ. यूनियन के दर्जनों समर्थकों ने वाहन खड़ी कर तथा टायर जलाकर सुबह 9 बजे से ही एनएच 104 (जयनगर-लदनिया) को वाटर वेज चौक, एनएच 105 (जयनगर-दरभंगा) को शहीद चौक तथा जयनगर-बासोपट्टी मुख्य मार्ग को बाजार समिति के समीप जाम कर दिया.

रिक्शा चालकों का कलेक्ट्रेट पर धरना

ई-रिक्शा अनुदान में देने, सामाजिक सुरक्षा व सम्मान की गारंटी करने, बेवजह पुलिसिया जुल्म पर रोक लगाने और सस्ती रोटी व आवास की व्यवस्था करने आदि मांगों को लेकर रिक्शा चालक मजदूरों ने रिक्शा-ठेला चालक संघ (ऐक्टू) के बैनर तले 18 फरवरी को भागलपुर में कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। झंडा-बैनर व मांगों की तख्तियां लिए तथा अपनी मांगों के समर्थन और सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में नारे लगाते सैकड़ों रिक्शा चालक मजदूर इस धरना में शामिल हुए. धरना का नेतृत्व ऐक्टू के जिला अध्यक्ष सह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का.

एड्स नियंत्रण कर्मियों का धरना

एड्स समिति के भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा अशोक चौधरी समिति की अनुसंसाओं को लागू करने की मांग पर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्य के सैकड़ों एड्स कर्मियों ने 20 फरवरी को बिहार विधानसभा के समक्ष धरना दिया।

बिजलीकर्मियों की मौत पर आंदोलन

नवगछिया प्रखंड के बौरवा और महदतपुर वासी बिजली विभाग के दो कर्मियों राकेश और कैलाश की मौत बिजली का खंभा गाड़ने के क्रम में करंट लगने से हो गई. बिजली विभाग के अधिकारियों ने उन्हें गलत सूचना दी थी कि बिजली काट दी  गई है. घटना के 12 घंटा बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई भी पदाधिकारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा.  बिजली कम्पनियों ने भी उन्हें मुआवजा देने से से बचना चाहा. इसके खिलाफ 20 फरवरी को नवगछिया अस्पताल के समक्ष भाकपा(माले) के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन शुरू किया गया.

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड: नीतीश कुमार इस्तीफा दो

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की सुनवाई कर रहे विशेष पॉक्सो कोर्ट ने पिछले दिनों उस आवेदन को स्वीकार कर लिया है जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और मुजफ्फरपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी धर्मेन्द्र सिंह को अभियुक्त बनाये जाने की मांग की गई है.

इसके मद्देनजर महिला संगठन ऐपवा ने विगत 15 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा कोटे से मंत्री सुरेश शर्मा से इस्तीफा देने की मांग पर पटना में प्रतिवाद मार्च आयोजित किया. छज्जूबाग से निकलकर यह मार्च रेडियो स्टेशन, प्रफूजर रोड होते हुए डाकबंगला चौराहे तक गया  जहां एक सभा आयोजित हुई.

“राजद्रोह” के नाम पर दमन

उन्होंने न तो कोई जुर्म किया था, न ही उन के पास से कोई हथियार या विस्फोटक सामान आदि मिला था। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक तो उनके पास से बस कथित तौर पर सिर्फ कुछ आपत्तिजनक किताबें व तस्वीरें ही बरामद हुई थी। इसी “खतरनाक सामान” को अपने पास रखने के “जुर्म” में पंजाब के जिला शहीद भगत सिंह नगर (नवां शहर) की एक जिला स्तरीय अदालत ने 5 फरवरी 2019 को 28-29 साल उम्र के तीन सिक्ख युवकों को, खालिस्तान बनाने के लिए देश के खिलाफ जंग छेड़ने जैसे गंभीर “राजद्रोह” के अपराध में दोषी करार देकर उम्र कैद व एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।