भोजपुर में बालू मजदूरों का संघर्ष

बिहार के भोजपुर जिले के अगियांव प्रखंड में बालू माफिया के जेसीबी से कुचले जाने के कारण गत 11 जून 2019 को अगिआंव प्रखंड के बदरी टोला के निवासी मंतोष कुमार उर्फ गोलू कुमार की मौत हो गई. मंतोष की मौत के बाद बालू माफियाओं ने उसकी लाश को बकेट में डालकर गायब करने की कोशिश की, मगर तुरंत ही ग्रामीणों द्वारा विरोध किये जाने के बाद वे लाश छोड़कर भागने को मजबूर हुए. इसके खिलाफ उसी दिन भाकपा(माले) के नेतृत्व में बालू माफिया के खिलाफ बबुरा-सहार मुख्य पथ को चिल्होस में जाम कर दिया गया. जाम का नेतृत्व भाकपा(माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य मनोज मंजिल कर रहे थे.

आरा में कला कम्यून की कार्यशाला और प्रदर्शनी

कला कम्यून, जसम भोजपुर ने बिहार के आरा स्थित इन्द्रलोक भवन में 1 जून 2019 को ‘कला कार्यशाला सह कला प्रदर्शनी’ का आयोजन किया. इसका उद्घाटन गाजीपुर से आए चर्चित चित्रकार राजकुमार सिंह, वरीय चित्रकार लोकनाथ सिंह व चित्रकार कमलेश कुंदन ने संयुक्त रुप से चित्र बना कर किया.

नागरिक समाज ने पत्रकारों की गिरफ्तारी का किया विरोध

पत्रकारों की गिरफ्तारी के खिलाफ लखनऊ में नागरिक समाज ने 10 जून 2019 को लाटूश रोड स्थित रिहाई मंच कार्यालय पर बैठक कर विरोध दर्ज कराया. वक्ताओं ने कहा कि इस साझे संघर्ष में हम सब गिरफ्तार पत्रकार प्रशांत कनौजिया, इशिता सिंह और अनुज शुक्ला के हक़ ओ हक़ूक़ की लड़ाई में साथ हैं और उनके परिवारो के साथ दुख के समय में कन्धे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. इंसाफ के लिए सड़क से लेकर कानूनी लड़ाई तक लड़ी जाएगी.

बच्चियों, महिलाओं के साथ गैंगरेप, हत्या की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ यूपी में प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के टप्पल समेत पूरे प्रदेश में बच्चियों और महिलाओं पर बढ़ रही हिंसा, बलात्कार, हत्या की घटनाओं के खिलाफ राजधानी लखनऊ के प्रमुख महिला संगठनों, सांस्कृतिक संगठनों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर बीते 10 जून को धरना दिया.

मैसूर में अंबेडकर की रचनाओं पर अध्ययन शिविर

भारतीय मार्क्सवादी अध्ययन संस्थान (आइआइएमएस) की कर्नाटक इकाई ने 21 अप्रैल को मैसूर में डा. अंबेडकर की रचनाओं पर अध्ययन शिविर संगठित किया. इसका मकसद था कामरेडों को डा. अंबेडकर के लेख पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना तथा वर्ग संघर्ष व जाति उन्मूलन के संघर्ष को आगे बढ़ाना. अध्ययन शिविर में पार्टी कामरेडों के अलावा आइआइएमएस, पीयूसीएल और ‘फ्राइडे फोरम’  के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया.

डा. पायल की संस्थागत हत्या के खिलाफ मदुरै में प्रतिवाद

भाकपा(माले) की मदुरै (तमिलनाडु) नगर इकाई ने 2 जून 2019 को उच्च शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त जातिवाद की भत्र्सना करते हुए मदुरै शहर में एक प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित किया. इस प्रतिवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता आइसा नेता का. तमिलारासन ने की और इसे मदुरै नगर के पार्टी नेता का. श्रीधर, आरवाइए नेता का. कालेश्वरम और अन्य कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया. प्रतिवाद सभा को इन पार्टी नेताओं के अलावा एआइएसएफ, एसएफआइ, आरएसएफ तथा अन्य जन संगठनों के नेताओं ने भी संबोधित किया.

जलियांवाला बाग हत्याकांड की शताब्दी के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि

जलियांवाला बाग हत्याकांड की शताब्दी के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिये भाकपा (माले)-लिबरेशन के महासचिव और एआईपीएफ के सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता अमृतसर पहुंचे

हमारे आजादी के आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाले अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को बैशाखी के त्योहार के दिन घटित जलियांवाला बाग में हुए भयावह कत्लेआम की घटना की पहली शताब्दी के अवसर पर भाकपा(माले)-लिबरेशन और ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम के सैकड़ों नेता व कार्यकर्ताओं ने 13 अप्रैल 2019 के दिन जलियांवाला बाग पहुंचकर इस कांड में शहीद और घायल हुए आजादी की आकांक्षा रखने वाले हजारों देशभक्तों को अपनी श्रद्धा के फूल अर

चुनाव आयोग की पूर्वाग्रहग्रस्त कार्रवाई का प्रतिवाद

सिलिगुड़ी (पश्चिम बंगाल) के सुभाषपल्ली में कामरेड चारु मजुमदार की प्रतिमा जिस स्तंभ पर खड़ी है, उस पर खुदे हुए विवरणों को चुनाव आयोग अधिकारियों ने ढंकवा दिया. इस कार्रवाई के खिलाफ भाकपा(माले) ने कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया है. बगल के शहीद स्तंभ पर भी खुदे आलेख को काले पलास्टिक से ढंक दिया गया है. चुनाव आयोग अधिकारियों द्वारा की गई इस कार्रवाई का कोई लेना देना चुनाव आचार संहिता के साथ नहीं है. बल्कि, उक्त चुनाव अधिकारियों ने अपने वैयक्तिक विचारधारात्मक पूर्वाग्रहों की वजह से यह मनमानी हरकत की है, जो हमारे लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों व आजादियों पर एक हमला है.

मद्रास हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण को निरस्त किया

मद्रास हाई कोर्ट की एक डिविजन बेंच ने तमिलनाडु में मोदी सरकार की चर्चित भारतमला परियोजना के लिए जबरन किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को निरस्त कर दिया. कोर्ट ने राज्य के किसानों और अन्य नागरिकों की इस बात को सही माना कि सलेम चेन्नै 8-लेन एक्सप्रेस वे की योजना मनमाने ढंग से बनाई गई है और उसे बलपूर्वक लागू किया जा रहा है. इस परियोजना की घोषणा सबसे पहले फरवरी 2018 में एक प्रेस कंफ्रेंस में की गई थी, जिसे केंद्रीय पथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्य मंत्री पलानीस्वामी ने संबोधित किया था.

जलियांवाला बाग की शतवार्षिकी पर शहीदों की याद में देश भर में कैंडल मार्च

जलियांवाला बाग हत्याकांड की शतवार्षिकी की पूर्व संध्या पर 12 अप्रैल 2019 को पटना सहित राज्य के विभिन्न केंद्रों पर कैंडल मार्च निकाला गया और हत्याकांड में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. राजधानी पटना के कारगिल चौक (भगत सिंह चौक) और पटना सिटी में नागरिकों की ओर से कैंडल मार्च निकाला गया. कारगिल चौक पर हुई श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे. ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड न केवल साम्राज्यवादी ताकतों की क्रूरता का बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता का भी परिचायक है.