अघोषित आपातकाल के खिलाफ लखनऊ में मार्च

भाकपा(माले) ने 26 जून 2019 को आपातकाल दिवस पर मोदी के अघोषित आपातकाल के खिलाफ लखनऊ में परिवर्तन चैक से जीपीओ तक “लोकतंत्र-आजादी मार्च” निकाला और गांधी प्रतिमा पर सभा की.

सत्ता-संरक्षित लिंचिंग कांडों के खिलाफ ‘नागरिक प्रतिवाद’ : रांची में राज्यपाल के समक्ष महाधरना

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के धतकाडीह गांव में संगठित भीड़ ने चोरी का झूठा आरोप लगाकर नौजवान तबरेज अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी. इस ‘लिंचिंग’ हत्याकांड ने भाजपा राज के खिलाफ न्यायपसंद ताकतों के विक्षोभ को देश और प्रदेश की सड़कों पर ला दिया है. सोशल साईट पर इस कांड की वायरल हुई वीडियो में सबने देखा कि 18 जून को कट्टर हिंदुत्ववादी उन्मादी हिंसक भीड़ तबरेज से ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाते हुए उसकी जानलेवा पिटाई कर रही है. कई घंटों बाद पुलिस ने आकर गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे उठाकर जेल में डाल दिया!

बिरनी में भाकपा(माले) की एक-दिवसीय भूख हड़ताल

इक्कीस लोगों की भूख से मौत, जरूरतमंदों को राशन न मिलने, बायोमीटिंक सिस्टम लागू करने और लोगों को पानी आपूर्ति न होने के खिलाफ गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड में भाकपा(माले) ने एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की. वक्ताओं ने कहा कि अगर इसी प्रकार समस्या बनी रही और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने कोई पहलकदमी नहीं ली तो क्षेत्र की जनता चुप नहीं बैठेगी और ऐसे जन प्रतिनिधियों को जबाब देगी. कार्यक्रम स्थल पर बीडीओ को बुलाकर उन्हें इन तमाम जन मुद्दों से अवगत कराया गया. बीडीओ ने आश्वासन दिया कि अपनी ओर से तत्काल इन मुद्दों पर पहलकदमी लूंगा और चीजों को ठीक करने का प्रयास करूंगा.

पलामू में आइसा का आंदोलन

शिक्षा के निजीकरण व बाजारीकरण के इस दौर में केन्द्र समेत सभी राज्यों की सरकारें गरीबों के लिये उपलब्ध राज्य-संचालित या प्रायोजित शिक्षा संस्थानों में सीटों की कटौती करके छात्रों को नगरों में निजी शिक्षण संस्थानों में की ओर ठेल रही हैं. पांकी की घटना इसकी ही मिसाल है.

पेयजल के सवाल पर पटना के प्रखंडों में जुझारू प्रदर्शन

जून के महीने में बरसात आ जाती है. लेकिन अभी तक लोग पानी बरसने का इंतजार करते लू के थपेड़े झेल रहे हैं. इधर पानी का लेवल काफी नीचे चले जाने से पेयजल का संकट तो है ही, खेती के लिए भी भारी संकट है। इन दोनों सवालों पर सरकार आपराधिक लापरवाही बरत रही है.

मोटर कामगार यूनियन का सम्मेलन

मोटर कामगार यूनियन को रांची नगर कमेटी का सम्मलेन 26 मई 2019 महेंद्र सिंह भवन रांची में संपन्न हुआ. सम्मेलन में निजी शिक्षण संस्थानों के चालक, उपचालक, जनरेटर-पम्प आपरेटर और स्कूल स्टाफ वर्ग के 50 पतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ भाकपा(माले) व ऐक्टू नेता सुखदेव प्रसाद ने कहा कि बड़ी एकता के बल पर ही बड़ी आफतों का मुकाबला किया जा सकता है. सघर्ष ही मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करेगा. ऐक्टू के प्रदेश सचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कि केंद्र में प्रचंड बहुमत से मोदो सरकार का आना प्रचंड आफत का संकेत है.

देवरी में भाकपा(माले) की भूख हड़ताल

अनाज के अभाव में हो रही मौत के जिम्मेवार रघुवर सरकार शर्म करो, बायोंमीट्रिक्स सिस्टम को बन्द करो, ग्रमीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था करो, आदि मांगों को लेकर गिरिडीह जिले में भाकपा(माले) की देवरी प्रखंड कमेटी के नेतृत्व में एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की गई . कार्यक्रम की अध्यक्षता उस्मान जी और संचालन अजय चौधरी ने किया. उपस्थित आंदोलनकारियों को सम्बोधित करते हुए नौजवान सभा के प्रखण्ड अध्यक्ष सुनील रविदास, जमुआ विधानसभा के नेता अशोक पासवान, देवरी प्रखण्ड सचिव रामकिसुन यादव, मुस्तकीम अंसारी, सुनील राय आदि ने प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता की निंदा की.

भोजपुर के कनई में माले की प्रतिरोध सभा

बिहार के आरा लोकसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में बूथ कब्जा करने, गरीब-दलित, कमजोर तबके के मतदाताओं को वोट डालने से रोकने के खिलाफ भाकपा(माले) द्वारा चलाये गये प्रतिरोध के चलते भोजपुर जिले के 19 जगहों पर सामंतों के साथ तनातनी चल रही है. पार्टी नेताओं की एक टीम ने इन जगहों का दौरा किया और इससे पहले डीएम-एसपी को स्मारपत्र भी दिया गया. इसी क्रम में मूलत: सामंती धाक के सवाल पर 12 जून 2019 को जिलाधिकारी के समक्ष धरना भी दिया गया. इस धरने में अभाकिम के राष्ट्रीय महासचिव का.

काकीनाड़ा घटना पर माले का एकजुटता मार्च

10 जून 2019 को पार्टी की उत्तर 24-परगना (पश्चिम बंगाल) जिला कमेटी ने काकीनाड़ा में शांति व एकजुटता मार्च संगठित किया. इस मार्च में पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और आसपास के जिले के कामरेडों ने भी हिस्सा लिया.

मंदसौर में शहीद किसानों की दूसरी वर्षगांठ

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले 6 जून 2019 को मध्य प्रदेश में मंदसौर जिले के टकरावद गांव में हजारों किसान इकट्ठा हुए और उन्होंने का. बलिराम परिदार की अध्यक्षता में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी. कामरेड परिदार इन्हीं में से एक शहीद किसान के चाचा लगते हैं.