मामले पर एक नजर आज से करीब दस साल पहले 3 सितंबर 2009 को खभैनी गांव निवासी विजय यादव की हत्या अपराधियों ने कर दी थी. उनकी हत्या किन लोगों ने की, यह बात सबको मालूम थी. लेकिन एक साजिश के तहत इस मामले में भाकपा(माले) के जिला कमेटी सदस्य व पंचायत के लोकप्रिय मुखिया का. गणेश यादव तथा भाकपा(माले) कार्यकर्ता व समर्थक का. अनिल ठाकुर, बादशाह प्रसाद, सुरेश साव, देवलखन रजक एवं शिक्षक भीष्म नारायण यादव को अभियुक्त बनाया गया. इतना ही नहीं, विरोधी राजनीतिज्ञों ने गांव के लोगों को उकसाया भी और निर्दोष ग्रामीण परमानंद ठाकुर की हत्या करवा दी.