दुर्ग में एआइपीएफ की बैठक

ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम (एआइपीएफ) की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक 17-18 अगस्त 2019 को दुर्ग में संपन्न हुई. बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, ओडिशा आदि राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

गुजरात में आदिवासी रैली

सुप्रीम कोर्ट द्वारा तमाम विवादित जंगलों की जमीन आदिवासियों से छिनने के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने जंगलों से आदिवासियों को निकाल बाहर करने की मुहिम तेज कर दी है. सरकार एक नया वन कानून लाने जा रही है जिसमें उसे आदिवासियों से किसी भी किस्म की जमीन छीनने के साथ-साथ उन्हें सरेआम गोलियों से भुनने का भी कानूनी अधिकार हासिल होगा. आदिवासियों को माओवादी बताकर जो क़त्लेआम सरकार अब तक चलाती आ रही है, अब उसे कानूनी जामा पहनाया जायेगा.

महिलाओं की पिटाई का विरोध

समस्तीपुर जिलान्तर्गत ताजपुर प्रखंड के रहीमाबाद पंचायत में पुश्तैनी जमीन पर बसे दलितों की बस्ती में विगत 21 अगस्त को पुलिस-प्रशासन ने कहर बरपाया. ताजपुर के अंचलाधिकारी प्रकाश कुमार सिन्हा शाम के करीब 4 बजे वहां पुलिस बल के साथ पहुचे. उस समय बस्ती के अधिकांश पुरूष काम करने गये हुए थे. घरों में ज्यादातर महिलाएं ही थीं. उन्हें अपनी जमीन का कागज दिखाने के लिए कहा गया. महिलाओं ने जब कागज दिखाना शुरू किया तो वे उनके साथ गाली-गलौज करने लगे. उन्होंने अविलंब उन्हें जमीन खाली करने को कहा. महिलाओं ने जब इसका विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ धक्का-मुक्की व बदतमीजी शुरू कर दी.

बाढ़-सुखाड़ के सवाल पर आंदोलन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के लिए दोमंजिला मकान बनाने, बाढ़ पीड़ितों को महज 6 हजार रु. देने की जगह सम्पूर्ण क्षति मुआवजा देने, तटबंधों के टूटने के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने, चूल्हे को आधार बनाकर राहत देने की मांग तथा ‘पटना-दिल्ली खोलो कान, बाढ़-सुखाड़ का करो स्थाई निदान’ के नारे के साथ भाकपा(माले) ने विगत 13 अगस्त को दरभंगा जिले के 6 प्रखंडों पर धरना व प्रदर्शन का आयोजन किया.

शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग

सीबीएसइ परीक्षा शुल्क वृद्धि के खिलाफ विगत 14 अगस्त को आहूत राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत छात्रा संगठन आइसा ने बिहार के कई जिला मुख्यालयों पर जुलूस निकाला और सरकार से इस गरीब-दलित विरोधी फैसले को वापस लेने की जोरदार मांग उठाई. राजव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत हाजीपुर, आरा व जगदीशपुर (भोजपुर), मधुबनी, दरभंगा, सिवान, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, कटिहार में भी विरोध प्रदर्शन हुआ.

आइसा-आरवाईए का मार्च

19 अगस्त 2019 को जगदीशपुर में आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के द्वारा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से छात्र-छात्राओं की बेदखली के खिलाफ विरोध मार्च निकाला गया. मार्च जगदीशपुर कोतवाली स्थित माले कार्यालय से निकाला गया जो मुख्य बाजार होते हुए वीर कुंवर सिंह किला गेट पर पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया.

दामोदरपुर में सांप्रदायिक हमला : कहां खड़ी है नीतीश सरकार

12 अगस्त 2019 को बकरीद के मौके पर मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिश सामने आई. इस साजिश में संघ-भाजपा से जुड़े संगठनों के साथ ही साथ सत्ता से जुड़े दबंग राजनेताओं और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ने भी बड़ी भूमिका निभाई. विगत 13-14 अगस्त को भाकपा(माले) नेता व इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष का.

पलामू में जिला कार्यकर्ता कंबेंशन

दोबारा सत्तासीन हुई मोदी सरकार का भंडाफोड़ अभियान को संगठित करने, इसमें व्यापक पार्टी कार्यकर्ताओं को गोलबंद करने एवं एवं ग्रामीण गरीबों और मजदूरों से संबंधित सवालों को उठाते हुए इसे एक जन अभियान का रूप देने के लिए जिले में व्यापक जन भागीदारी के साथ ग्राम सभायें आयोजित करने के एजेंडे के साथ विगत 18 अगस्त को लेस्लीगंज के बौराखाड़ में जिला स्तरीय कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित हुआ. कन्वेंशन में जिले के सभी प्रखंडों से आये करीब 60 चुनिंदा नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए. राज्य सचिब का. जनार्दन प्रसाद ने कन्वेंशन को मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित किया.

उन्नाव व सोनभद्र की घटनाओं का विरोध : लखनऊ में ‘जवाब दो’ मार्च

भाकपा(माले) की उ.प्र. राज्य इकाई ने उन्नाव व सोनभद्र की घटनाओं पर विरोधस्वरूप लखनऊ में 8 अगस्त 2019 को यहां परिवर्तन चौक से हजरतगंज तक ’जवाब दो’ मार्च निकाला और अम्बेडकर प्रतिमा पर धरना दिया. मार्च और धरने में उक्त दोनों घटनाओं के अलावा, धारा 370 व 35-ए हटाने को संविधान व लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए जोरदार विरोध किया गया.

आइसा का 13वां बिहार राज्य सम्मेलन

विगत 9 अगस्त 2019 को अपने 13 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आइसा ने समस्तीपुर में अपना बिहार राज्य सम्मेलन आयोजित किया. इस अवसर पर बीआरबी कालेज परिसर से एक रैली निकाली गई जिसमें फेस्टून, झंडे और बैनर लिए व आक्रोशपूर्ण नारे लगाते हुए सैकड़ों छात्र शरीक हुए. शहीदे आजम भगत सिंह और डा. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हुए यह रैली शहर के कई चौक-चौराहों व बाजार से गुजरते हुए विधि महाविद्यालय पहुंची. वहां खुले सत्र के आयोजन के साथ सम्मेलन की शुरुआत हुई.