भाकपा(माले) ने बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी राहत

बिहार राज्य कमेटी की रहनुमाई में दरभंगा में 30 अगस्त 2019 को पार्टी द्वारा संग्रह की गई राहत राशि एवं सामग्री को कमला तटबंध पश्चिमी भाग टूटने से भारी बरबादी झेलने वाले ककोढ़ा देवना में 650 परिवारों में वितरण के लिये रवाना किया गया. पंडासराय स्थित भाकपा(माले) जिला कार्यालय से राहत सामग्री को रवाना करते समय जिला सचिव का. बैद्यनाथ यादव ने बताया कि भोजपुर, जहानाबाद, पटना, सिवान सहित सभी जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस संग्रह में भाग लिया और पार्टी विधायकों ने एक माह का वेतन भी दिया है, जिसका बाढ़ प्रभावित जिलों में वितरण किया गया है.

उत्तरप्रदेश में जारी है आदिवासी अधिकार यात्रा

भाकपा(माले) राज्य सचिव का. सुधाकर यादव के नेतृत्व में चल रही आदिवासी अधिकार व न्याय यात्रा 26-27 अगस्त को मिर्जापुर जिले के जमालपुर प्रखंड के चौकिया, डूंड़ी, मनौर, तियरा आदि गांवों में गयी. गरीबों ने जगह-जगह पर यात्रा का स्वागत किया और अपने दुःख-दर्द को साझा किया. इन गावों में अधूरे निर्मित आवास व शौचालय योगी सरकार में हो रही सरेआम लूट को बयां कर रहे थे. इन गांवों में हुई जनसभाओं को संबोधित करते हुए कामरेड सुधाकर यादव ने कहा कि मोदी और योगी की सरकार लूट और झूठ की सरकार है.

बिहार में ग्राम बैठक व जन संवाद : महादलित टोलों में सरकारी योजनाओं का सच

नीतीश सरकार की सात निश्चय योजना में हर घर को लगातार बिजली, स्वच्छ पेयजल, पक्की नाली व गली देने की बातें शामिल हैं. लेकिन सरकार की यह योजना उस गांवों में लागू नहीं हुई हैं जिन गांवों को केंद्र कर सरकार ने उक्त योजना का ढिंढोरा पीट रखा है. कुर्था प्रखंड के वैसे गांवों में पक्की नाली व गली व अन्य सरकारी सुविधाएं नगण्य है, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है.

छात्रा गायब: योगी सरकार कठघरे में

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री व भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद द्वारा संचालित शाहजहांपुर के कालेज के छात्रावास से कानून की छात्रा के गायब हो जाने के मामले ने प्रदेश की योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. उन्नाव की पीड़िता अभी न्याय की बाट ही जोह रही थी कि शाहजहांपुर के प्रकरण ने उन्नाव कांड के दुहराव जैसी आशंकाओं को बरबस जेहन में ला दिया है.

मेधा पाटकर की हालत बिगड़ी

नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर डैम की ऊंचाई बढ़ाकर उसके रिजर्वायर में अधिक जल लाये जाने के चलते अतिरिक्त 32,000 परिवारों के घर और जमीन डूब क्षेत्र में आ जाएंगे. इन निवासियों की आजीविका, घर बचाने के लिए, उनको सर्वाेच्च अदालत के कानूनों, पुनर्वास नीतियों के अनुसार डूब से पहले उनके पुनर्वास के लिए 25 अगस्त से मेधा पाटकर व 8 विस्थापित नर्मदा नदी के किनारे स्थित छोटा बर्दा गांव, जिला बड़वानी, मध्यप्रदेश में भूख हड़ताल पर है. गत 2 सितम्बर 2019 को अनशनकारी मेधा पाटकर की हालत बिगड़ी है.

गड़हनी (भोजपुर) में संकल्प सभा : सत्ता और बन्दूक से नहीं दबेगी जनता की आवाज

का. दीपंकर

भोजपुर जिले के गड़हनी प्रखंड अंतर्गत बराप पंचायत के मुखिया और भाकपा(माले) तथा अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता का. अरुण सिंह की हत्या और अगिआंव विधान सभा क्षेत्र में बढ़ते सामंती हमले के खिलाफ विगत 31 अगस्त को गड़हनी प्रखंड  मैदान में एक संकल्प सभा आयोजित हुई जिसे पार्टी महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने संबेाधित किया. सभा में गड़हनी प्रखंड  सहित अगिआंव विधानसभा के अन्य इलाकों से आए मजदूर-किसानों, छात्र-युवाओं और महिलाओं ने भागीदारी की.

शिक्षाविद् के अपमान का प्रतिवाद

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े गुंडों द्वारा जाने-माने शिक्षाविद् व अर्थशास्त्री व विनोबा भावे बिश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. रमेश शरण को आतंकबादी कहकर प्रताड़ित व अपमानित किया गया. एबीवीपी के दर्जन भर लोगों ने उन्हें घंटों बंधक बनाये रखा और उनकी गाड़ी पर कालिख पोत कर उस पर ‘आतंकवादी वीसी’ लिख दिया. गुनाह यह कि वे दीक्षंत समरोह में काला कोट (विरोध का प्रतीक) पहनकर आए थे.

ऑर्डनेंस कारखाना श्रमिकों की विजय

ऑर्डनेंस कारखानों के 80,000 मजदूर 20 अगस्त 2019 को एक महीने की हड़ताल पर चले गए थे. हड़ताल के छठे दिन भाजपा सरकार हड़ताल के दबाव में झुकी और उसने आॅर्डनेंस कारखानों के निगमीकरण तथा निजीकरण के अपने फैसले को वापस लिया. फलतः, उसी दिन प्रतिरक्षा उद्योग के इन श्रमिकों ने अपनी हड़ताल वापस कर ली. इस प्रकार, इन श्रमिकों ने संसद में विशाल बहुमत पाकर सत्ता के नशे में चूर सरकार को आत्मसमर्पण के लिए विवश कर दिया.

बिहार के किसानों ने भरी हुंकार

बिहार को अकालग्रस्त घेषित करने व इंद्रपुरी जलाशय (कदवन डैम) का निर्माण करने की मांग पर आंदोलन

अखिल भारतीय किसान महासभा ने विगत 12 अगस्त को 8 जिलों के किसान नेताओं (किसान महासभा के राज्य पार्षदों) की बैठक भोजपुर जिले के जगदीशपुर में बुलाई और इंद्रपुरी जलाशय (कदवन डैम) के निर्माण की मांग को लेकर इस क्षेत्र (सोन अंचल) के किसानों का आंदोलन करने का निर्णय लिया.

भागलपुर में ऐक्टू का अभियान

मजदूर हित के श्रम कानूनों को खत्म कर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लेबर कोड बिल लाए जाने से खफा सैकड़ों मजदूरों ने अगस्त अभियान के समापन पर 27 अगस्त को भागलपुर में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया.