भवनाथपुर में संकल्प सभा

मजदूर-किसानों और छात्र-नौजवानों की एकजुटता  तथा बदहाली और तंगहाली के खिलाफ बदलाव के लिए आगे बढ़ने के संकल्प के साथ विगत 8 सितंबर 2019 को भवनाथपुर (गढ़वा) में भाकपा(माले) ने स्थानीय हाई स्कूल मैदान में एक संकल्प सभा का आयोजन किया.
 

‘संविधान, लोकतंत्र और कश्मीर’ : बंगलौर में सेमिनार, कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस

कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिये बंगलौर के जय भीम भवन में 8 सितम्बर 2019 को एक-दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. भाकपा(माले) और  महिला संगठन ऐपवा की नेता कविता कृष्णन ने, जिन्होंने 9 से 13 अगस्त 2019 को कश्मीर का दौरा किया था, कहा कि अभी वहां एक बड़े “जेलखाने” जैसी स्थिति है, हालांकि सरकार और मीडिया चैनल वहां सामान्य स्थिति होने का दावा कर रहे हैं. उन्होंने जिन कश्मीरियों से बात की वे अपने गुस्से का इजहार करते हुए कह रहे थे कि “धारा 370 शादी के करार जैसी चीज थी.

भुवनेश्वर में ऐक्टू की कार्यशाला

ऐक्टू ने 31 अगस्त - 1 सितंबर 2019 को मजदूर वर्ग पर मोदी-नीत भाजपा सरकार के ताजातरीन फासिस्ट हमलों तथा उसकी फूटपरस्त रणनीति को समझने और इसका मुकाबला करने की समझ बनाने के मकसद से नए उभरते कार्यकर्ताओं को लेकर भुवनेश्वर में एक कार्यशाला आयोजित की. इस कार्यशाला में मजदूर वर्ग आंदोलन में आ रहे बदलावों और चुनौतियों पर विचार किया गया.

संसाधनों की लूट, नफरत फैलाने व देश को बर्बाद करने की राजनीति का विरोध : सोनभद्र में आयोजित हुआ आदिवासी अधिकार सम्मेलन

भाजपा आदिवासियों-दलितों से जल-जंगल-जमीन पर उनके पुश्तैनी अधिकारों को छीन लेना चाहती है. यह बात भाकपा(माले) के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने सात सितंबर को राबट्र्सगंज (सोनभद्र) कचहरी परिसर में पार्टी द्वारा आयोजित आदिवासी अधिकार सम्मेलन में कही. उम्भा नरसंहार के विरोध में सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली जिलों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में एक महीने तक चले ‘आदिवासी अधिकार व न्याय यात्रा’ के समापन पर इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था.

ऐतिहासिक खाद्य आंदोलन दिवस पर शहीदों की याद में

ऐतिहासिक खाद्य आंदोलन की वार्षिकी 31 अगस्त 2019 को पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. सन् 1959 में खाद्य की मांग पर कोलकाता में विशाल विक्षोभ आंदोलन संगठित हुआ था जिसके दौरान पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री विधान चन्द्र राय की सरकार ने गोली चलाने का आदेश दिया था, जिसके परिणामस्वरूप 80 लोगों से भी ज्यादा लोग गोलियों से शहीद हुए थे.

17 वाम दलों का शांति जुलूस

एक सितम्बर 2019 को साम्राज्यवाद-विरोधी दिवस के अवसर पर कोलकाता में हजारों लोगों ने एक विशाल शांति जुलूस में भाग लिया. मध्य कोलकाता के मौलाली अंचल में स्थित रामलीला पार्क से निकला यह जुलूस स्यालदह, कालेज स्ट्रीट, चित्तरंजन एवेन्यू होते हुए महाजाति सदन पहुंचकर समाप्त हुआ.

खेग्रामस का नालंदा जिला कन्वेंशन

नालंदा ज़िला के हिलसा बस स्टैंड स्थित रजिया-रघुवर काम्प्लेक्स में 31 अगस्त 2019 को अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) का जिलास्तरीय कन्वेंशन आयोजित हुआ. कन्वेंशन की शुरूआत दिवंगत साथियों व सोनभद्र जरसंहार में मारे गए आदिवासियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. इसके बाद जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आये साथियों ने जमीन और जीविका के लिए गांव और गरीबों के राष्ट्रीय अभियान (9 अगस्त - 9 नवंबर) के तहत आयोजित ग्राम-सभाओं के आयोजन और उनसे सामने आयें मुद्दों पर अपने अनुभव साझा किये.

देवघर जिले में रसोइया संघ का प्रदर्शन

गीता मंडल

29 अगस्त 2019 को झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ (एक्टू से संबद्ध) ने देवघर शहर के पुराना सदर अस्पताल से प्रदर्शन निकाला जो वीर सिंह चौक व सत्संग चौक होते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय पहुंच कर धरना में तब्दील हो गया. वहां सरकार विरोधी नारों के बीच राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र डीएसई को सौंपा गया.

मानसा में जन-सम्मेलन

भाकपा(माले) ने पंजाब के मानसा शहर में सूर्य पैलेस सभागार में विशाल राजनीतिक जन सम्मेलन आयोजित किया. इस सम्मेलन में पंजाब समेत समूचे देशवासियों से भाजपा एवं आरएसएस द्वारा फैलाये जा रहे हिंदू राष्ट्रवादी उन्माद, चरम भ्रष्टाचार और मनुस्मृति के ब्राह्मणवादी विधान के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया गया. इस सम्मेलन में यह बात जोरदार ढंग से उभर कर आई कि मोदी सरकार हमारे देश को अम्बानी, अडानी तथा अन्य कारपोरेट घरानों को बेच देने पर तुली पड़ी है और इसी के परिणामस्वरूप देश की आर्थिक स्थिति तबाही के कगार पर पहुंच गई है. इसके फलस्वरूप ही बेरोजगारी भयानक रूप से बढ़ गई है.

जगह के अतिक्रमण के खिलाफ सड़क वेंडरों का प्रदर्शन

30 अगस्त 2019 को दिल्ली में वेंडरों को पक्का लायसेंस निर्गत करने के लिए तथा राज्य व केंद्र सरकारों तथा विकास पदाधिकारियों के द्वारा वेंडरों की जगहों का अतिक्रमण किये जाने के खिलाफ भाकपा(माले), ऐक्टू और ‘सीटू’ ने मिलकर विशाल प्रदर्शन संगठित किया. कामरेड गणेश्वर दत्त (सीटू) और का. श्याम किशोर यादव (ऐक्टू) के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में हजारों वेंडरों ने हिस्सा लिया.