आइसा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने शैक्षणिक अराजकता, शिक्षा के निजीकरण व भगवाकरण, बेतहाशा बढ़ती बेरोजगारी तथा उन्माद-उत्पात की राजनीति के खिलाफ मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया. इस दौरान शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने, सभी छात्रों के नामांकन की गारंटी करने, स्नातक के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी – जिससे 75 प्रतिशत छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग है – को ठीक करने, मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने तथा विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, दबंगता तथा आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने की मांग उठाई गई.