रांची में श्रम भवन का घेराव

श्रम कानूनों में मालिक पक्षीय संशोधन के खिलाफ दिल्ली में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी कन्वेंशन के समर्थन में 30 सितम्बर 2019 को झारखण्ड निर्माण मजदूर यूनियन ने रांची में श्रम भवन डोरंडा पर जोरदार प्रदर्शन किया.

दिल्ली में फुटपाथ वेंडरों का संघष

ऐसा लगता है कि दिल्ली में फुटपाथ वेंडरों को जीने या आजीविका या यहां तक कि थोड़ी-मोड़ी कमाई कर अपने बच्चों को खिलाने-पिलाने और पढ़ाने-लिखाने का कोई अधिकार ही नहीं है. उत्तर प्रदेश की सीमा पर मयूर बिहार और प्रगति बिहार के बीच सड़क की बाईं ओर बिहार के भोजपुर, जहानाबाद और रोहतास जिलों से आए लगभग 125 भूमिहीन लोग पिछले 30-35 वर्षों से फल बेच कर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनलोगों को अब उजाड़ कर उस सड़क से भगा दिया गया है. आरवाइए नेता मनोज मंजिल के नेतृत्व में भाकपा(माले) की एक टीम ने उन लोगों से 28 सितंबर को मुलाकात की और उनसे बातचीत की.

गढ़वा जिले की पार्टी गतिविधियां

गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड मुख्यालय पर विभिन्न मुद्दों जैसे लचर बिजली आपूर्ति, हाथी काॅरिडोर के नामपर किसानों के जमीन छीनने का प्रयास, पनघटवा गांव को डूबने से बचाने के लिये डैम की ऊंचाई को सीमित रखने, गांवों में वर्षाे से काबिज खाताधारी रैयतों की जमीन की आन लाइन रसीद काटने, सड़क निर्माण में रैयतों से ली गई जमीन का मुआवजा देने, गावों को उजड़ने से बचाने आदि मुद्दों को लेकर 30 सितंबर 2019 को भाकपा(माले) के नेतृत्व में सैकड़ों जनता ने प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया.

आजमगढ़ के लालगंज में खेग्रामस का प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के लालगंज तहसील मुख्यालय पर भूमिहीनों-गृहविहीन ग्रामीणों के वास-आवास की व्यवस्था, उनके लिए राष्ट्रीय रजिस्टर बनाने, अपनी पुश्तैनी मकान व जमीनों से गरीबों की हो रही बेदखली पर रोक लगाने समेत तमाम अन्य सवालों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में अच्छी संख्या में ग्रामीण मजदूर और महिलाएं शामिल थीं. इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष का. जयप्रकाश नारायण ने कहा कि मोदी सरकार ने देश को गम्भीर आर्थिक संकटों में धकेल दिया है.

हरदोई जिले में किसान-मजदूर एका सम्मेलन

उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के मल्लावां तहसील मुख्यालय पर 2 अक्टूबर 2019 को किसान-मजदूर एका सम्मेलन आयोजित हुआ. मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव कामरेड ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि भाजपा की मोदी-योगी सरकार ने देश की जनता का पेट भरने वाले किसानों और कल-कारखाने चलाने वाले मजदूरों – दोनों का जीना मुहाल कर दिया है. मंदी की वजह से कल-कारखानों के बंद हो रहे हैं और उनमें काम करने वाले मजदूर नौकरियों से निकाले जा रहे हैं.

आंगनबाड़ी कर्मियों पर लाठीचार्ज और उसका प्रतिवाद

16 अगस्त 2019 से झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ (संबद्ध सीटू) ने झाारखंड विधान सभा के समक्ष धरना आंदोलन शुरू किया जो आज तक जारी है. विगत वर्ष राज्य सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने तथा मानदेय में वृद्धि करने की मांग पर ये आन्दोलन शुरू हुआ है. भाजपाई रघुवर सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक नोटिस तो नहीं ही लिया, बल्कि 24 सितंबर को आयोजित उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर दूसरी बार बर्बर लाठीचार्ज किया गया.

100 प्रतिशत एफडीआइ के खिलाफ कोयला मजदूरों की ऐतिहासिक हड़ताल

कोयला उद्योग में 100 प्रतिशत एफडीआइ (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के विरोध में और कुछ अन्य अनुषांगिक मांगों पर 24 सितंबर 2019 की एक दिवसीय हड़ताल वास्तव में ऐतिहासिक हड़ताल थी. एक्टू से सम्बद्ध कोल माइन्स वर्कर्स यूनियन के साथ सीटू, एटक, इंटक और एचएमएस से सम्बद्ध कोयला मजदूर यूनियनों, यानी 5 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, की संयुक्त स्ट्राइक नोटिस पर 24 सितंबर 2019 को कोयला उद्योग की सभी सब्सिडियरी में एक दिवसीय हड़ताल आहूत की गई थी.

शैक्षणिक अराजकता के खिलाफ मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय में आइसा का धरना

आइसा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने शैक्षणिक अराजकता, शिक्षा के निजीकरण व भगवाकरण, बेतहाशा बढ़ती बेरोजगारी तथा उन्माद-उत्पात की राजनीति के खिलाफ मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया. इस दौरान शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने, सभी छात्रों के नामांकन की गारंटी करने, स्नातक के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी – जिससे 75 प्रतिशत छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग है – को ठीक करने, मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने तथा विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, दबंगता तथा आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने की मांग उठाई गई.

नए वन कानून को खारिज करने की मांग पर गुजरात में आदिवासी रैली

कारपोरेट-परस्त मोदी सरकार द्वारा लाये जा रहे नए ‘भारतीय वन कानून, 2019’ के प्रतिवाद में अरावली जिला मुख्यालय (मोडासा) पर 20 सितंबर 2019 को भाकपा(माले) और सीपीएम की एक संयुक्त रैली व आम सभा का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से आदिवासियों को गोलबंद किया गया था. सभा को भाकपा(माले) के पोलितब्यूरो सदस्य प्रभात कुमार, गुजरात के पार्टी प्रभारी रंजन गांगुली, ऐक्टू नेता व सावरकंठा जिला सचिव दशरथ सिंहाली, अरावली जिला सचिव भवानभाई पगी तथा सीपीएम की राज्य सचिव प्राग्जीभाई भाम्भी, अरावली जिला सचिव डीआर यादव और सवरकंठा जिला सचिव पुरुसत्यम परमार ने संबोधित किया.

बागमती संघर्ष मोर्चा की धरना-सभा संपन्न

14 सितम्बर 2019 को मुजफ्फरपुर जिला के बागमती नदी के क्षेत्र में स्थित गायघाट प्रखंड कार्यालय पर ‘चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा’ के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने धरना दिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांग-पत्र सौंप कर वर्ष 2017 में विनाशकारी बागमती बांध परियोजना की समीक्षा के लिए गठित रिव्यू कमेटी को अधिकार-संपन्न व गतिशील बनाने, रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट आने तक बांध निर्माण व तटबंध को और ऊंचा करने की योजना को स्थगित रखने, बांध निर्माण के कारण हुए सैकड़ों विस्थापित परिवारों के पुनर्वास व मुआवजा की गारंटी करने की मांग की गई.