परिवहन मजदूरों ने जीत हासिल की

पश्चिम बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के सैकड़ों परिवहन मजदूरों ने 26 सितम्बर 2019 को कारपोरेशन की वर्दी पहनकर कोलकाता की सड़कों पर मार्च किया. वे प्लेकार्ड और बैनरों से लैस थे और दुर्गा पूजा की पूर्व वेला में बोनस, समान काम के लिये समान वेतन, सालों भर जारी रहने वाले काम के लिये कैजुअल व कांट्रैक्ट मजदूरों की भर्ती पर पाबंदी लगाने, तमाम कांट्रैक्ट मजदूरों को नियमित करने और निजी ठेकेदारों को सब-कांट्रैक्ट पर काम देने की प्रथा बंद करने की मांगें करते हुए नारे लगा रहे थे.

विद्यालय रसोइया संघ का सम्मेलन

बिहार राज्य रसोइया संघ का प्रथम दरभंगा जिला सम्मेलन लहेरियासराय आदर्श मध्य विद्यालय में 13 अक्टूबर 2019 को आयोजित हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया. सम्मेलन का उदघाटन करते हुए ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय संयोजक एवं बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की राज्य अध्यक्ष शशि यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की नीतीश कुमार की सरकार महिला सशक्तिकरण की ढोंग करती हैं, वहीं हमारी रसोइया बहनें हों, आशा बहनें हों या फिर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं हों, सभी से बंधुआ मजदूर के रूप काम करा रही हैं.

झुग्गी-झोपड़ीवासियों का धरना

जयनगर (मधुबनी) में रेलवे के भूमि पर बसे सैंकड़ों गरीबों ने झुग्गी-झोपड़ी यूनियन के नेतृत्व में 15 अक्टूबर 2019 को रेलवे प्लेटफार्म पर ही धरना दिया और रेल प्रशासन के द्वारा तुगलकी फरमान के तहत झुग्गी-झोपड़ी उजाड़ने की नोटिस जारी करने के खिलाफ और झोपड़ी उजाड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों को बसाने की मांग की.

‘मेड बाइ मोदी’ है देश में छायी आर्थिक मंदी, कारपोरेट को ‘बेल आउट पैकेज’ नहीं, गरीबों को पैसा दे मोदी सरकार

हजारों लोगों ने वामदलों के साझा अभियान में देश भर में सड़कों पर उतर कर कहा

‘मेड बाइ मोदी’ है देश में छायी आर्थिक मंदी, कारपोरेट को ‘बेल आउट पैकेज’ नहीं, गरीबों को पैसा दे मोदी सरकार

[ देश के पांच प्रमुख वाम दलों - भाकपा(माले), भाकपा, माकपा, फारवर्ड ब्लाॅक और आरएसपी ने मोदी सरकार की कारपोरेटपरस्त आर्थिक नीतियों के कारण देश में छायी भीषण आर्थिक मंदी के खिलाफ एकजुट होकर साझा अभियान चलाया. इस अभियान के तहत कई जगहों पर वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठकें व कन्वेंशन भी आयोजित हुए.

कश्मीर एकजुटता दिवस

हलद्वानी में धरना

3 अक्टूबर को पूरे भारत में घोषित राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के अवसर पर कश्मीर की बंदी के 60 दिन, बंदी कश्मीर को रिहा करो’ नारे के साथ बुद्ध पार्क हल्द्वानी में एकदिवसीय धरना दिया गया.

बाढ़-पीड़ितों के लिए मेडिकल कैंप

पटना के बाढ़ (जलजमाव) पीड़ितों के बीच इंसाफ मंच और डा. कफील खान के मिशन स्माइल फाउंडेशन की ओर से गत 11 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक चार दिवसीय मुफ्त मेडिकल कैम्प चलाया गया. यह कार्यक्रम इंनौस, आइसा एवं एएसडीएफ के सहयोग से चलाया गया. पहले दिन 11 अक्टूबर को पटना नगर कुर्जी बिन्दटोली में मेडिकल कैंप में बीआरडी काॅलेज, गोरखपुर के चर्चित शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कपफील खान और उनकी टीम ने लगभग 400 बच्चों का हेल्थ चेक अप किया और उनको मुफ्त में दवायें उपलब्ध करवाई. दीघा से विस्थापित कुर्जी बिंद टोली के वाशिंदे गंगा के पानी से चारों तरफ से घिरे हुए हैं.

बिहार में माले-आइसा-इंनौस का बाढ़-राहत अभियान

तीन दिन की लगातार बारिश ने बिहार की राजधानी पटना में कहर मचा दिया. पटना ठप रहा, बारिश के कई दिन बाद ही पटना में आवागमन कहीं-कहीं शुरू हो सका है. नगर के जाने-माने इलाकों से लेकर – जैसे राजेन्द्र नगर, कंकड़बाग, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, गर्दनीबाग समेत हर इलाके में जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.

‘कैद में कश्मीर’ के 60 दिन पूरे होने पर देश भर में मनाया गया एकजुटता दिवस

भाकपा(माले) की केन्द्रीय कमेटी के आह्वान पर 3 अक्टूबर 2019 को समूचे देश के सभी राज्यों में ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ दिवस मनाया गया. 5 अगस्त को धारा 370 और 35-ए के खारिज किये जाने के बाद से शुरू हुई कश्मीर की नाकेबंदी के पूरे 60 दिन बीत चुके हैं. कश्मीरी जनता को पूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों की वापसी और वहां स्वाभाविक स्थिति बहाल करने की मांग करते हुए राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद एवं एकजुटता कार्यक्रम आयोजित किये गये.

झारखंड के बेतला में भाकपा(माले) का प्रतिरोध मार्च

गत 30 सितंबर 2019 को लातेहार जिले के बेतला टाइगर प्रोजेक्ट कार्यालय पर बकाया मजदूरी, मुआवजा एवं फसल की सुरक्षा की मांग को लेकर लगभग दर्जनों गांवों के किसान मजदूर खराब मौसम के वावजूद लाठी डंडा के साथ हाथों मे लाल झंडा लिये बड़ी संख्या में प्रतिरोध मार्च में शामिल हुए. प्रतिरोध मार्च अखरा स्कुल के पास से ‘किसान मजदूर एकता जिन्दाबाद’, ‘वन विभाग की मनमानी नहीं चलेगी’, ‘फसल की सुरक्षा की गारंटी करो, मुआवजा की गारंटी करो’, ‘बकाये मजदूरी व बकाया मुआवजे का तत्काल भुगतान करो’, आदि नारे लगाते हुए निकला.

फासीवाद के समय में भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता

27 सितंबर को भगत सिंह के जन्म दिन के अवसर पर भाकपा(माले) ने ‘आज के भारत में भगत सिंह की प्रासंगिकता’ विषय पर झुंझुनू (राजस्थान) में एक जन सभा का आयोजन किया. इस सभा में भाकपा(माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने डा. घासी राम वर्मा – जो मूलतः झुंझुनू के रहने वाले गणितज्ञ और परोपकारी व्यक्ति हैं – को सम्मानित किया.

इस सभा में डा. घासीराम ने कहा कि अमेरिका में टंप की दक्षिणपंथी राजनीति और भारत में मोदी तथा आरएसएस के खिलाफ संघर्ष में साम्राज्यवाद-विरोधी स्वतंत्रता सेनानी और मार्क्सवादी भगत सिंह से प्रेरणा ग्रहण करें.