आशाकर्मियों का प्रदर्शन

‘आशा संयुक्त संघर्ष मंच’ के आह्वान पर विगत 17 मार्च 2020 को राज्य की हजारों आशा कार्यकर्त्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष स्थानीय गर्दनीबाग में दिसंबर 2018 में हुए हड़ताल के दौरान सरकार के साथ संपन्न समझौता को बिंदुवार लागू करने की मांगं पर ‘पोलियो को भगाया है, कोरोना को हरायेगें, नीतीश सरकार से लड़कर मानदेय का हक पाएंगे’ के नारे के साथ जुझारू प्रदर्शन किया. उनकी मुख्य मांगों में समझौता में तय 1000रु.

देशद्रोह मुकदमे की अनुमति का विरोध

जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्वाण भट्टाचार्य सहित 9 छात्रों पर केजरीवाल सरकार द्वारा देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति देने के खिलाफ वाम दलों भाकपा(माले), भाकपा, माकपा के संयुक्त बैनर तले विगत 8 मार्च 2020 को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित हुए.

ऐक्टू के 10वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आह्वान : मजदूर, देश व जन विरोधी, विभाजनकारी मोदी सरकार के खिलाफ और मजदूर विरोधी लेबर कोड्स की वापसी की मांग पर आंदोलन तेज करें!

भारत में मजदूर आंदोलन के सौ वर्ष तथा एक्टू आंदोलन के भी तीस वर्ष पूरा होने के अवसर पर क्रांतिकारी मजदूर आंदोलनों की धरती पश्चिम बंगाल के नार्थ चौबीस परगना जिला स्थित नैहाटी में ऐक्टू का तीनदिवसीय (2-4 मार्च 2020) अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित हुआ. सम्मेलन स्थल का नामकरण प. बंगाल की प्रथम जूट मिल महिला श्रमिक नेता, सुभाषचंद्र बोस के खिलाफत आंदोलन की सक्रिय कर्मी व स्वतन्त्रता सेनानी शहीद संतोष कुमारी देवी नगर किया गया था. सभागार को एक्टू के संस्थापक व संगठक सदस्य रहे का. डीपी बख्शी (पश्चिम बंगाल) व का. स्वपन मुखर्जी (दिल्ली) तथा मंच को वरिष्ठ मजदूर आंदोलनकारी का.

लंदन के ‘मिलियन वुमेन राइज मार्च’ में शाहीन बाग के प्रति एकजुटता

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर लंदन में औरतों के खिलाफ हिंसा के विरोध में ‘मिलियन वुमेन राइज मार्च 2020’ आयोजित किया गया, जिसमें हजारों महिलाओं ने हिस्सेदारी की. इस मार्च में शामिल महिलाएं जोशीले ढंग से मोदी शासन के भेदभाव-मूलक और फासीवादी ‘सीएए’ जैसे कदमों के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बन चुके महिलाओं के शाहीन बाग धरने और देश भर में इसी किस्म के अन्य शाहीन बागों के लिए एकजुटता जाहिर कर रही थीं.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 : देश की हर महिला मांगे – शांति, न्याय और बहनापा

“औरतें उठी नहीं तो जुल्म बढ़ता जाएगा, जुल्म करनेवाला सीनाज़ोर होता जायेगा”

ऐपवा ने वाराणसी में महिला अधिकार मार्च संगठित किया जिसमें महिला श्रमिकों और छात्राओं ने बड़ी संख्या में हिस्सेदारी की. बीएचयू के लंका गेट से बीएचयू की प्रोफेसर प्रतिमा गोंड के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च रविदास गेट पर आकर सभा में तब्दील हो गया.

हेमंत सोरेन से मिला प्रतिनिधिमंडल

भाकपा(माले) विधायक कामरेड विनोद सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने, जिसमें आईएएस गोपीनाथन कन्नन, अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज, अधिवक्ता फादर महेंद्र पीटर तिग्गा, नदीम खान एवं हाजी नवाब शामिल थे, पिछले दिनों नवनिर्मित झारखंड विधानसभा (रांची) स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में झारखंड के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकता की और जनविरोधी, संदिग्ध, दिग्भ्रमित एनपीआर पर को रोकने की मांग की.

बारिश में भींगते निकाली चेतावनी रैली

विगत 6 मार्च 2020 को झुंझुनू (राजस्थान) में अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले चेतावनी रैली निकाली गई जिसमें झमाझम हो रही बारिश से बेपरवाह सेकड़ों किसानों ने गांधी चौक से कलेक्ट्रेट तक किसान महासभा के झंडे हाथ में लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए मार्च किया. रैली में शामिल किसानों का जोश देखते ही बनता था.

कदम-कदम पर दिखे मौत और तबाहियों के निशान

[भाकपा(माले) की एक टीम ने 4 मार्च को दिल्ली के दंगाग्रस्त इलाकों का दौरा किया. इसमें पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रभात कुमार और कविता कृष्णन, पार्टी की केंद्रीय कमेटी सदस्य सुचेता डे, अखिल भारतीय किसान महासभा के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत, एआईपीएफ के संयोजक गिरिजा पाठक, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महासचिव सतीश चंद्र यादव और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता डोलन सामंत, कौशिक राज, जुनैद और मणिकांत शामिल थे. दौरे के बाद लौटी टीम ने एक रिपोर्ट जारी की है.

दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में भाकपा(माले) जांच टीम

भाकपा(माले) की एक पांच सदस्यीय एक जांच टीम पूर्वी दिल्ली पहुंची जहां फरवरी माह के आखिरी दिनों में दंगे हुए थे. यह दंगा बहुत दिल दहलाने वाला था. दंगेे के दौरान हजारों घर व दुकानें जलाई गईं, करीब 50 लोग मारे गए, सैंकड़ों की संख्या में लोग घायल भी हैं और अरबों रुपयों का नुकसान हुआ होगा. भाकपा(माले) टीम सबसे पहले मौजपुर गई जहां उसने आदिल से मुलाकात की. दंगे के दौरान उनकी जूतों की दुकान लूटी ली गई थी. वहां के कुछ हिन्दू परिवारों ने दंगाइयों का सामना भी किया था और मुस्लिम समुदाय के लोगों को बचाने की कोशिश की थी.

सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ दिल्ली में लेखक कलाकार सम्मेलन : हम देखेंगे !

नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी के विरोध में लेखकों, कलाकारों व संस्कृतिकर्मियों का सम्मेलन एक मार्च को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित हुआ. ‘हम देखेंगे’ के नारे के साथ आयोजित इस लेखक कलाकार कन्वेंशन में हिंदी, अंग्रेजी, मलयालम, तेलगू समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं में लिखने व काम करने वाले सैकड़ों लेखक-कवि-संस्कृतिकर्मी शामिल हुए.