लॉकडाउन में भूख के विरुद्ध भात के लिए: 12 अप्रैल को थाली बजा और उपवास रख कर मोदी सरकार से सभी को सम्मान के साथ भोजन देने की मांग उठाई गई

लॉकडाउन में दिन बीतने के साथ आम लोगों की जेब में जो थोड़ा बहुत पैसा था वह भी खत्म हो रहा है. लगातार सूचनायें आ रही हैं कि मदद मांगने वाले लोगों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही. बहुत से स्थानों पर पुलिस व प्रशासन से भयाक्रांत लोग अपने करीबी मित्रों, सम्बंधियों और मदद में उतरे संगठनों से गुहार कर रहे हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते वे भी उनकी मदद करने की हालत में नहीं हैं. सबसे बुरा हाल गांव-शहर के गरीबों के मुहल्लों-टोलों में है जहां जेबें हमेशा खाली होती हैं.

भोजपुर में मुसहर टोली पर अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला

माले विधायक की पहलकदमी पर घायलों को मुआवजे की राशि में फिलहाल मिला 1-1 लाख

भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड के सारा मुसहर टोली में विगत 5 अप्रैल की रात लगभग 9 बजे तीन-चार की संख्या में दबंग अपराधियों ने कृष्णा मुसहर के घर पर हमला बोल दिया. बलात्कार करने की नीयत से घर में घुस आए अपराधियों का जब घर की महिलाओं ने विरोध करना शुरु किया, तब अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग में 6 लोग घायल हो गये. भाकपा-माले के राज्य सचिव काॅमरेड कुणाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की है.

लाॅकडाउन से प्रभावितों के लिए बिहार में भाकपा(माले) का राहत अभियान

लाॅकडाउन से प्रभावित दिल्ली छोड़कर बिहार आ रहे प्रवासी मजदूरों और अन्य गरीबों के लिए भाकपा(माले) ने राहत अभियान चला रही है. गरीबों को राशन देने की घोषणा अभी तक जमीन पर लागू नहीं हो रही है. सरकार ने घोषणा की है कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड है, उन्हें ही राशन मिलेगा, जबकि लाखों गरीबों के पास राशन कार्ड भी नहीं है. सरकार को इस संकट के दौर में सभी गरीबों के लिए राशन मुहैया कराना चाहिए था.

भाकपा माले की जांच दल ने लगाया बिहार सरकार पर गरीबों की पुलिस द्वारा हत्या के आरोप

कोरोना वायरस-लौकडाउन के बहाने नीतीश सरकार की पुलिस भाजपा-जदयू संरक्षित सामंतों से गठजोड़ बना कर गरीब दलित मुशहर समुदाय के घरों में छापेमारी, पिटाई, डकैती, हत्या  और महिला-बच्ची की इज्जत आबरू लूट रही है. इस संदर्भ में भाकपा(माले) केन्द्रीय कमेटी सदस्य व खेग्रामस राज्य सचिव का. गोपाल रविदास के नेतृत्व में एक जांच दल को अपने दौरे में पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों से कई रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं.

जयपुर में राशन लेने गई महिला पर पुलिस ने डंडे बरसाये

गत 4 अप्रैल 2020 को जयपुर के भट्टा बस्ती क्षेत्र में लाॅकडाउन के चलते स्थानिय निवासी महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार महिला अपने बच्चे के साथ भट्टा बस्ती थाने में राशन लेने पहुंच थी. महिला को राशन न मिलने के कारण खाली हाथ लौटना पड़ा. लेकिन घर पहुंचने से पहले पुलिस की गाड़ी ने महिला को रोकते हुए घर से बाहर आने का कारण पूछा. महिला ने थाने से राशन लेने आने की बात बताई लेकिन महिला कान्स्टेबल ने एक न सुनी और डंडे बरसाना शुरू कर दिया.

भाकपा(माले) द्वारा पटना में महादलित गरीब मजदूर परिवारों के बीच फ़ूड पैकेट का वितरण

विगत 6 अप्रैल 2020 को भाकपा(माले) व ऐक्टू ने आज राजधानी पटना के बुद्धमूर्ति मांझी परिवारों, पूर्वी लोहानीपुर के गरीबों, राजेन्द्र नगर महमुद्दीचक मांझी टोला, रामकृष्ण नगर के भूपतिपुर मांझी टोला के महादलित परिवारों व कंकड़बाग के गरीब रिक्शा-ठेला, टेम्पो चालक व शहरी गरीबों के लगभग 400 परिवारों के बीच एनजीओ की मदद से एक हजार से अधिक फ़ूड पैकेट का वितरण किया.

कोरोना से बचाव के राहत अभियान में दरभंगा में भाकपा(माले) की पहलकदमी

दरभंगा में गांव-गांव में जागरूकता अभियान तथा साबुन वितरण अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें भाकपा(माले) नेता और पंचायत प्रतिनिधि अपने अपने पंचायत व प्रखंड में इस अभियान को चला रहे हैं. बहादुरपुर प्रखंड के बसंतपुर पंचायत के मुखिया कुमारी नीलम ने अपनी पंचायत में जागरूकता व साबुन वितरण अभियान चलाया. यहां पंचायत में बाहर से आये हुए लोगों के लिए स्थानीय स्कूल में आइसेलेशन वार्ड में कुल 16 लोगों की देखभाल की जा रही है. इस अभियान में मुखिया जी के साथ निकेश कुमार, माले नेता नागेंद्र माझी सहित कई स्थानीय लोग मौजूद मौजूद थे.

गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन

विगत 14 मार्च 2020 को जिले के विभिन्न स्थानों से चलकर समस्तीपुर के मालगोदाम चौक पर जुटे भाकपा(माले) एवं खेग्रामस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और उजियारपुर प्रखंड के भाकपा(माले) नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया उत्पीड़न एवं झूठे मुकदमे में गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उनपर लदे फर्जी मुकदमा (संख्या 242/17 एवं 327/18) को समाप्त करने की मांग की. सभी लोग अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखी तख्तियां लिए हुए बाजार क्षेत्र के मुख्य मार्गाें और ओवरब्रिज चौराहा होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया.

बिहार विधानसभा सत्र : चर्चे में रहा माले विधायक दल

16 वीं बिहार विधानसभा का आखिरी बजट सत्र कोरोना वायरस के कारण 31 मार्च की बजाए 16 मार्च को ही समाप्त हो गया. इसके कारण बहुत सारे महत्वपूर्ण प्रश्नों पर चर्चा नहीं हो सकी. बावजूद, मौजूदा सत्र में भाकपा(माले) विधायकों की पहलकदमियां व सटीक रणनीति से एक तरफ जहां सत्ता पक्ष दबाव में रहा, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भीे एकताबद्ध रहा. पटना से निकलने वाले एक दैनिक अखबार ने माले विधायकों की इन पहलकदमियों और उनके द्वारा विधानसभा के पोर्टिकों में प्रत्येक दिन किए गए प्रदर्शन की तख्तियों का कोलाज बनाते हुए विशेष खबर बनायी.

विधायक दल को सम्मानित किया

बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (ऐक्टू-ग़ोप गुट) ने एड्स कर्मियों के सवाल को विधान सभा में प्रमुखता से उठा कर संविदा एड्स कर्मियों की बहुत सारी मांगों को पूरा करवाने में उत्कृष्ट योगदान के लिये भाकपा(माले) विधायकों को सम्मानित किया.