आह्वान

एआइकेएससीसी का आह्वान, 26-27 नवंबर को दिल्ली कूच करेंगे देश के लाखों किसान

देश भर में 14 अक्टूबर को ‘एमएसपी अधिकार दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा दिल्ली के प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर किसान आंदोलन के अगले संघर्ष और अभियान की घोषणा की गई है. प्रेस वार्ता को समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह, स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव हन्नान मौलाह, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा और अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सत्यवान ने संबोधित किया.

एआइसीसीटीयू (ऐक्टू) का आह्वान : मजदूर अधिकार बचाओ देशव्यापी अभियान!

(16-28 सितंबर 2020)

  • भारत को विनाशकारी मोदीशाही के चुंगल से मुक्त कराने के लिये प्रतिरोध तेज करें!
  • गुलामी के श्रम कोड
  • बढ़ती बेरोजगारी
  • निजीकरण और देश के संसाधनों को बेचने
  • लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ प्रतिरोध तेज करें!
  • देशव्यापी विरोध प्रदर्शन बड़ी संख्या में शामिल हों!

16 सितंबर 2020

जम्मू-कश्मीर के साथ खड़े हों

5 अगस्त 2020 को अनुच्छेद 370 को खत्म करने, जम्मू-कश्मीर राज्य को भंग करने और जम्मू-कश्मीर के लोगों को कैद करने का एक साल पूरा हो जाएगा.

पिछले साल मोदी सरकार ने संसद के अंदर और संसद के बाहर भी बड़े-बड़े वायदे किए थे कि कैसे यह कदम भारत के लिए और जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा.

प्रशांत भूषण पर अवमानना की कार्यवाही लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ

मशहूर वकील और मानव अधिकार कार्यकर्ता प्रशांत भूषण पर ट्विटर की गई टिप्पणियों के लिए अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला अफसोसनाक है. लोकतांत्रिक चेतना से लैस किसी भी व्यक्ति के लिए ये खबर परेशान करने वाली और चिंताजनक है. यह उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपनी तरफ से पहल करते हुए कार्रवाई शुरू की है. इसमें न्यायालय ने असामान्य तत्परता दिखाई. इसके लिए तीन जजों की बेंच गठित की गई. बेंच पहली नजर में इस निष्कर्ष पर पहुंची कि ट्विटर पर की गई उल्लिखित टिप्पणियों से न्याय प्रक्रिया का अपमान हुआ है.

28 जुलाई की शपथ

28 जुलाई 2020 को भाकपा(माले) के संस्थापक महासचिव कॉमरेड चारु मजूमदार की शहादत के 48 साल पूरे हो रहे हैं. 1970 के दशक के शुरुआती वर्षों में हमारे आंदोलन और पार्टी को लगे धक्के के बाद पार्टी के पुनर्गठन की भी यह 46वीं वर्षगांठ है. इस ऐतिहासिक अवसर पर हम कॉमरेड चारु मजूमदार, अपने पार्टी और कम्युनिस्ट आंदोलन के सभी शहीदों व दिवंगत नेताओं को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. हम उनके अधूरे मिशन और वास्तविक आजादी और सच्चे लोकतांत्रिक भारत के  निर्माण के सपने को पूरा करने की प्रतिज्ञा करते हैं.  

मजदूरों की मदद में आगे आयें किसान

अखिल भारतीय किसाना महासभा ने देश के किसानों से यह अपील की है:

“किसान साथियो, सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण डेढ़ दशक से आत्महत्या को मजबूर देश के किसानों के सामने इस कोरोना संकट के समय तबाही का एक नया दौर आ खड़ा हुआ है.

कार्ल मार्क्‍स का 202 वां जन्‍मदिन: कोविड-19 के संकट के बहाने तानाशाही और नियंत्रण की कोशिशों का विरोध करो! इस संकट को सामूहिक प्रतिरोध और सामाजिक बदलाव के अवसर में बदल दो!

मार्क्‍स पूरी तरह से क्रांतिकारी यथार्थवादी थे। उनके लिए बुनियादी पदार्थ ही यथार्थ था। गति पदार्थ के अस्तित्‍व का रूप है। उनके चिंतन की जड़ें ठोस सामाजिक यथार्थ में धंसी हुई थीं। लेकिन यथार्थ को स्‍वीकार करने का अर्थ यथास्थितिवाद को जायज ठहराना कतई नहीं था। उनके लिए यथार्थ को स्‍वीकार करने का मतलब सामाजिक यथार्थ में आमूल बदलाव और गुलामी से मुक्ति का हर संभव प्रयास करना था। लेकिन आज जब हमें लग रहा है कि सब कुछ ठहर सा गया है, पूरी दुनिया लॉकडाउन में है, जब एक-दूसरे से दूर रहना ही स्‍वाभाविक हो गया है और अभिव्‍यक्ति का आम माध्‍यम डिजिटल हो गया है तब मार्क्‍स को उनके